मुंबई: महाराष्ट्र में ऑटो-रिक्शा, टैक्सी और ऐप आधारित कैब चालकों को मराठी सीखने के लिए अब एक साल का समय मिलेगा. मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने गुरुवार को ड्राइवर संगठनों के प्रतिनिधियों से मुलाकात के बाद यह बड़ा ऐलान किया. उन्होंने साफ किया कि इस अवधि में मराठी सीखने में असमर्थ रहने वाले ड्राइवरों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी. ड्राइवर संगठनों ने मुख्यमंत्री से मुलाकात कर मराठी सीखने की अनिवार्यता का समर्थन किया, लेकिन इसके लिए ज्यादा समय देने की मांग रखी. उनका कहना था कि ऑटो और टैक्सी चलाने के पेशे में अलग-अलग उम्र और शैक्षणिक पृष्ठभूमि के लोग हैं. कई ड्राइवर लंबे समय पहले पढ़ाई छोड़ चुके हैं, ऐसे में कम समय में भाषा सीखना उनके लिए मुश्किल हो सकता है.
सीएम फडणवीस ने कहा कि सरकार ने ड्राइवरों की इन परेशानियों को ध्यान में रखते हुए उन्हें कार्यात्मक यानी रोजमर्रा के कामकाज लायक मराठी सीखने के लिए एक साल का समय देने का फैसला किया है. सरकार का कहना है कि मुंबई में काम करने वाले ड्राइवरों के लिए मराठी का बुनियादी कार्यसाधक ज्ञान जरूरी रहेगा.
नियम को लेकर बॉम्बे हाईकोर्ट में चुनौती
यह फैसला ऐसे समय आया है जब महाराष्ट्र सरकार के मराठी भाषा संबंधी नए नियम को बॉम्बे हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है. वकील विवेक शुक्ला के माध्यम से चार ऐप आधारित कैब चालकों ने जनहित याचिका दायर की है. याचिकाकर्ताओं का दावा है कि मराठी की अनिवार्यता संविधान के अनुच्छेद 14, 19 और 21 के तहत मिले मौलिक अधिकारों का उल्लंघन करती है. उन्होंने यह भी तर्क दिया है कि मोटर व्हीकल्स एक्ट, 1988 ड्राइविंग लाइसेंस के लिए किसी विशेष भाषा की अनिवार्यता नहीं करता.
याचिका में आशंका जताई गई है कि इस नियम से महाराष्ट्र में काम करने वाले लाखों गरीब और प्रवासी ड्राइवरों की रोजी-रोटी प्रभावित हो सकती है. याचिकाकर्ताओं ने करीब 9.65 लाख ड्राइवरों को राहत देने के लिए नए नियम पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है. मामले में शुक्रवार को मुख्य न्यायाधीश के समक्ष जल्द सुनवाई के लिए उल्लेख किए जाने की संभावना है.
777 ड्राइवरों को पहले ही मिला था नोटिस
महाराष्ट्र सरकार ने 12 अगस्त से ऑटो, टैक्सी और ऐप आधारित कैब चालकों के लिए मराठी का व्यावहारिक ज्ञान अनिवार्य किया था. नए नियमों के तहत मराठी का कार्यसाधक ज्ञान साबित नहीं कर पाने पर ड्राइविंग लाइसेंस की अनुमति को तीन महीने के लिए निलंबित किया जा सकता था. बार-बार नियम तोड़ने पर परमिट स्थायी रूप से रद्द किए जाने का प्रावधान भी रखा गया था.
22 अगस्त को परिवहन विभाग ने राज्यभर में ड्राइवरों के मराठी ज्ञान की जांच की थी. इस दौरान मुंबई समेत अलग-अलग इलाकों में 5,211 ड्राइवरों का परीक्षण किया गया. इनमें से 777 ड्राइवरों को नोटिस जारी कर एक महीने के भीतर व्यावहारिक मराठी सीखने का निर्देश दिया गया था. अधिकारियों के मुताबिक, इन 777 ड्राइवरों में 722 मुंबई महानगर क्षेत्र (MMR) से थे. अब सरकार के एक साल की मोहलत देने के फैसले से इन ड्राइवरों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है.


