Bijnor Ganga Expressway: गंगा एक्सप्रेसवे के अमरोहा से हरिद्वार तक विस्तार को लेकर बिजनौर में तैयारियां तेज हो गई हैं.जिले की तीन तहसीलों के 109 गांवों की 1,058.44 हेक्टेयर जमीन एक्सप्रेसवे के लिए चिह्नित की गई है.अब जमीन अधिग्रहण से पहले इन गांवों में फाइनल सर्वे कराया जा रहा है.सर्वे पूरा होने के बाद जमीन का सत्यापन कर अधिग्रहण की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी. गंगा एक्सप्रेसवे बिजनौर की चांदपुर तहसील में प्रवेश करने के बाद बिजनौर और नजीबाबाद तहसील के गांवों से होकर हरिद्वार की सीमा में पहुंचेगा.परियोजना के लिए करीब 12,550.67 बीघा (कच्चा बीघा) जमीन का अधिग्रहण किया जाना है.
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जमीन की पैमाइश से दस्तावेजों तक, अंतिम दौर में सर्वे
फिलहाल यूपीडा, जिला प्रशासन और निजी कंपनी एसएस इंफ्रा की टीमें फाइनल सर्वे में जुटी हैं.राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज जमीन और मौके की वास्तविक स्थिति का मिलान किया जा रहा है.सेटेलाइट सर्वे के साथ धरातल पर जमीन की स्थिति भी जांची जा रही है.जमीन को कृषि, आवासीय और व्यावसायिक श्रेणियों में चिह्नित किया जा रहा है.सर्वे पूरा होने के बाद जमीन का मूल्यांकन किया जाएगा और उसी आधार पर मुआवजे की दर निर्धारित होगी.
अगले महीने से शुरू हो सकता है जमीन अधिग्रहण
अधिकारियों के मुताबिक गंगा एक्सप्रेसवे के लिए जमीन से जुड़े अधिकांश सर्वे पूरे हो चुके हैं.अंतिम सर्वे में रिकॉर्ड और मौके की स्थिति का सत्यापन किया जा रहा है.सभी प्रक्रियाएं पूरी होने और गजट प्रकाशन के बाद जमीन अधिग्रहण शुरू किया जाएगा.अगले महीने के अंतिम सप्ताह से यूपीडा की ओर से अधिग्रहण शुरू होने की संभावना जताई जा रही है.बिजनौर के एडीएम न्यायिक शरदपाल सिंह ने बताया कि गंगा एक्सप्रेसवे का अंतिम सर्वे चल रहा है.यूपीडा की ओर से किसानों और जमीनों की सूची तैयार की जा रही है.गजट प्रकाशन के बाद अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू होगी.
एक्सप्रेसवे बनने से बिजनौर को क्या फायदा?
- दिल्ली और प्रदेश के अन्य हिस्सों तक बेहतर और तेज कनेक्टिविटी
- कृषि उत्पादों की आवाजाही आसान होने से किसानों को फायदा
- नए उद्योग और कारोबारी गतिविधियां बढ़ने की संभावना
- औद्योगिक विकास के साथ रोजगार के नए अवसर
- एक्सप्रेसवे के आसपास जमीन की कीमतों में बढ़ोतरी की संभावना
- विदुरकुटी को गंगा एक्सप्रेसवे से जोड़ने पर पर्यटन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद
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109 गांवों से गुजरेगा विकास का नया रास्ता
गंगा एक्सप्रेसवे के लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू होने के साथ बिजनौर के इन 109 गांवों में विकास की नई संभावनाएं भी पैदा होंगी.बेहतर कनेक्टिविटी से जहां दिल्ली और पश्चिमी उत्तर प्रदेश तक पहुंच आसान होगी, वहीं एक्सप्रेसवे के आसपास उद्योग, लॉजिस्टिक्स और कारोबार के नए केंद्र विकसित होने की उम्मीद है.यानी गंगा एक्सप्रेसवे सिर्फ बिजनौर से होकर गुजरने वाली सड़क नहीं होगी, बल्कि जिले के 109 गांवों के लिए विकास, रोजगार और कारोबार का नया रास्ता खोल सकती है.


