Faridabad Master Plan 2041: तेजी से बढ़ती आबादी, आवासीय जरूरतों और औद्योगिक विकास को देखते हुए फरीदाबाद के शहरी विस्तार की बड़ी तैयारी शुरू हो गई है. मास्टर प्लान-2041 के तहत शहर का शहरी दायरा करीब दो किलोमीटर तक बढ़ाने पर विचार किया जा रहा है. फरीदाबाद मेट्रोपॉलिटन डेवलपमेंट अथॉरिटी (FMDA) मौजूदा कंट्रोल एरिया के विस्तार के लिए सर्वे कराने के साथ राजस्व रिकॉर्ड का अध्ययन कर रहा है. नए क्षेत्रों को शहरी दायरे में शामिल करने के बाद वहां अनियोजित निर्माण पर रोक लगाने और आवासीय, औद्योगिक व व्यावसायिक गतिविधियों के लिए जमीन का नियोजित उपयोग तय किया जाएगा.
दिल्ली और अरावली के कारण पूर्व-दक्षिण की ओर बढ़ेगा शहर
फरीदाबाद के उत्तर में दिल्ली की सीमा और पश्चिम में अरावली क्षेत्र होने के कारण शहर के विस्तार की संभावनाएं मुख्य रूप से पूर्व और दक्षिण दिशा में देखी जा रही हैं. ग्रेटर फरीदाबाद, यमुना क्षेत्र और पलवल सीमा से सटे इलाकों को भविष्य के नए शहरी विकास क्षेत्र में शामिल करने पर विचार किया जा रहा है. प्रस्तावित विस्तार में तिगांव, खेड़ी कलां, नचौली, जसाना, बदरपुर सैद, साहूपुरा, सोतई, सीकरी और कैली समेत आसपास के गांवों को शामिल किया जा सकता है. हालांकि, इन क्षेत्रों की अंतिम स्थिति ड्राफ्ट मास्टर प्लान जारी होने के बाद ही स्पष्ट होगी.
यमुना पट्टी में बस सकते हैं नए आवासीय और कमर्शियल क्षेत्र
शहर के पूर्वी हिस्से में ग्रेटर फरीदाबाद से आगे यमुना पट्टी और FNG कॉरिडोर के आसपास विकास की नई संभावनाएं देखी जा रही हैं. मंझावली, चिरसी, छांयसा, पल्ला, अगवानपुर, अटाली, मच्छगर, दयालपुर और फतेहपुर तगा जैसे गांवों के आसपास भविष्य में आवासीय और व्यावसायिक गतिविधियों को विकसित करने की योजना पर विचार किया जा रहा है. मंझावली पुल के साथ नोएडा और जेवर एयरपोर्ट की बेहतर कनेक्टिविटी मिलने पर इस पूरे क्षेत्र में रियल एस्टेट और व्यावसायिक विकास को गति मिल सकती है.
पलवल सीमा के पास बन सकते हैं नए इंडस्ट्रियल और लॉजिस्टिक्स हब
फरीदाबाद के दक्षिणी हिस्से में बल्लभगढ़-पलवल क्षेत्र और प्रमुख एक्सप्रेसवे के आसपास औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ाने की योजना बनाई जा रही है. पृथला, सीकरी, झारसांतली, बघौला, बगपुर, असावटी, पियाला और हरफली समेत आसपास के क्षेत्रों में भविष्य में वेयरहाउसिंग, मैन्युफैक्चरिंग और ऑटोमोबाइल से जुड़े उद्योगों के लिए नियोजित क्षेत्र विकसित किए जा सकते हैं. इससे फरीदाबाद और पलवल के बीच औद्योगिक कॉरिडोर को मजबूती मिलने के साथ रोजगार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है.
पहले तय होगा लैंड यूज, फिर शुरू होगा विकास
मास्टर प्लान-2041 में नए क्षेत्रों का लैंड यूज पहले तय किया जाएगा. इसमें आवासीय और औद्योगिक क्षेत्रों के साथ-साथ सड़कों, सीवरेज, ड्रेनेज, पार्क और ग्रीन बेल्ट के लिए भी जमीन आरक्षित करने की योजना है. विकास के दौरान अरावली और हरित संरक्षित क्षेत्रों को अलग रखने पर विशेष जोर दिया जाएगा, ताकि शहरी विस्तार के साथ पर्यावरण संरक्षण भी सुनिश्चित किया जा सके. ड्राफ्ट मास्टर प्लान तैयार होने के बाद इसे सरकार की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा. मंजूरी मिलने के बाद ही फरीदाबाद का नया मास्टर प्लान-2041 लागू होगा. यानी आने वाले वर्षों में फरीदाबाद का नक्शा बदल सकता है. एक ओर यमुना पट्टी के आसपास नए आवासीय और कमर्शियल क्षेत्र विकसित हो सकते हैं, तो दूसरी ओर पलवल सीमा तक औद्योगिक और लॉजिस्टिक्स गतिविधियों का विस्तार शहर को एक नई आर्थिक पहचान दे सकता है.


