Indore Gujarat Highway: मध्य प्रदेश और गुजरात के बीच सड़क कनेक्टिविटी को नई रफ्तार मिलने जा रही है. इंदौर से झाबुआ होते हुए गुजरात सीमा तक राष्ट्रीय राजमार्ग-47 (NH-47) का फोरलेन खंड तैयार हो चुका है. इसके साथ ही इंदौर से अहमदाबाद का सफर पहले के मुकाबले काफी तेज और आसान होने की उम्मीद है. करीब 162 किलोमीटर लंबे इंदौर-गुजरात बॉर्डर हाईवे को फोरलेन में अपग्रेड किया गया है. इस प्रोजेक्ट से यात्रियों के साथ-साथ मालवाहक वाहनों को भी बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है.
8-9 घंटे का सफर अब 5 से 6 घंटे में
इंदौर और अहमदाबाद के बीच दूरी करीब 380 से 400 किलोमीटर है. पहले इस दूरी को तय करने में आमतौर पर 8 से 9 घंटे लगते थे. कई स्थानों पर संकरी सड़कें और कठिन मोड़ यात्रा को धीमा और चुनौतीपूर्ण बनाते थे. अब फोरलेन कनेक्टिविटी विकसित होने से यह सफर करीब 5 से 6 घंटे में पूरा किया जा सकेगा. इससे इंदौर और अहमदाबाद के बीच यात्रियों के साथ-साथ व्यापारिक और औद्योगिक गतिविधियों को भी नई गति मिल सकती है.
MP और गुजरात के इन शहरों को जोड़ेगा हाईवे
यह हाईवे मध्य प्रदेश के कई महत्वपूर्ण शहरों और क्षेत्रों से होकर गुजरता है. मध्य प्रदेश में इंदौर, बेटमा, धार, सरदारपुर, झाबुआ, पिटोल का नाम शामिल है, वहीं गुजरात में दाहोद, लिमखेड़ा, गोधरा, अहमदाबाद, बामनबोर, राजकोट के आसपास के क्षेत्र आएगा.
NH-47 का अहम हिस्सा है यह रूट
राष्ट्रीय राजमार्ग-47 गुजरात के बामनबोर से शुरू होकर मध्य प्रदेश होते हुए महाराष्ट्र के नागपुर तक जाता है. इसकी कुल लंबाई करीब 1,006 किलोमीटर बताई जाती है. इंदौर से मध्य प्रदेश-गुजरात सीमा तक का खंड करीब 150 से 160 किलोमीटर के दायरे में आता है. इसी रूट को बेहतर बनाने के लिए हाल ही में मुख्य बाईपास और री-अलाइन किए गए हिस्सों पर भी काम किया गया है.
कठिन रास्तों को आसान बनाने के लिए बना नया बाईपास
इस परियोजना के तहत 16 किलोमीटर लंबे मुख्य बाईपास और री-अलाइन किए गए खंड का निर्माण पूरा किया गया है. इसका उद्देश्य यात्रा के दौरान आने वाले कठिन और घुमावदार हिस्सों को आसान बनाना है. बेहतर सड़क और फोरलेन कनेक्टिविटी से इस रूट पर यात्रा का समय कम होने के साथ वाहनों की आवाजाही भी अधिक सुगम हो सकेगी.
7 नए व्हीकल अंडरपास भी बन रहे
हाईवे को अधिक सुरक्षित बनाने के लिए इस खंड पर करीब 168.58 करोड़ रुपये की लागत से 7 नए व्हीकल अंडरपास और सर्विस रोड का निर्माण कराया जा रहा है. इन अंडरपास के बनने से स्थानीय गांवों का ट्रैफिक सीधे मुख्य हाईवे पर आने से रोका जा सकेगा. इससे हाईवे पर तेज गति से चलने वाले वाहनों और स्थानीय ट्रैफिक के बीच टकराव की संभावना कम होगी. बेहतर सड़क व्यवस्था के बाद इस रूट पर वाहन 100 किलोमीटर प्रति घंटे तक की गति से सफर कर सकेंगे.
व्यापार से लेकर पर्यटन तक मिलेगा फायदा
इंदौर और गुजरात के बीच तेज कनेक्टिविटी का फायदा सिर्फ यात्रियों तक सीमित नहीं रहेगा. इंदौर, धार और झाबुआ जैसे मध्य प्रदेश के महत्वपूर्ण क्षेत्रों से गुजरात के औद्योगिक और कारोबारी शहरों तक माल की आवाजाही आसान हो सकती है. यह हाईवे मध्य प्रदेश और गुजरात के बीच व्यापार, उद्योग और पर्यटन को नई गति देने वाली अहम सड़क परियोजना साबित हो सकता है. यानी अब इंदौर से अहमदाबाद का सफर सिर्फ दूरी घटने की कहानी नहीं है, बल्कि मध्य प्रदेश और गुजरात के बीच कारोबार, कनेक्टिविटी और विकास की एक नई लाइफलाइन बनने की तैयारी है.


