MP Weather Update 2 September 2026: मध्य प्रदेश में मानसून की सक्रियता बनी हुई है. भारत मौसम विज्ञान विभाग के भोपाल केंद्र की ओर से जारी मौसम बुलेटिन के अनुसार 2 सितंबर को प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश और गरज-चमक की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं. सतना, उमरिया और बालाघाट में कहीं-कहीं अति भारी बारिश के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने और आकाशीय बिजली गिरने की चेतावनी जारी की गई है.
पूर्वी मध्य प्रदेश में ज्यादा सक्रिय रहेगा मौसम
मौसम विभाग के अनुसार सिंगरौली, सीधी, रीवा, मऊगंज, सतना, अनूपपुर, शहडोल, उमरिया, डिंडोरी, मंडला, बालाघाट, पन्ना और मैहर में अनेक स्थानों पर बारिश होने की संभावना है. रायसेन, नर्मदापुरम, कटनी, जबलपुर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, दमोह, सागर, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी और पांढुर्णा में भी कई स्थानों पर बारिश का पूर्वानुमान है.
भोपाल, सीहोर, राजगढ़, हरदा, बुरहानपुर, खंडवा, खरगोन, बड़वानी, अलीराजपुर, झाबुआ, धार, इंदौर, रतलाम, उज्जैन, देवास, शाजापुर, आगर, मंदसौर, नीमच, गुना, शिवपुरी, ग्वालियर, मुरैना और श्योपुरकलां में कहीं-कहीं बारिश या गरज-चमक के साथ बौछार पड़ सकती है. विदिशा, बैतूल, अशोकनगर, दतिया और भिंड में कुछ स्थानों पर बारिश का अनुमान है.
किन जिलों में भारी बारिश का अलर्ट
2 सितंबर को सिंगरौली, सीधी, रीवा, अनूपपुर, शहडोल, डिंडोरी, कटनी, जबलपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला, पन्ना, छतरपुर और टीकमगढ़ में कहीं-कहीं भारी बारिश के साथ गरज-चमक, आकाशीय बिजली और 30-40 किलोमीटर प्रति घंटे की झोंकेदार हवाओं का अलर्ट है.
वहीं सतना, उमरिया और बालाघाट में कहीं-कहीं अति भारी बारिश, गरज-चमक, वज्रपात और 30-40 किलोमीटर प्रति घंटे की तेज हवाओं की चेतावनी है.
अचानक बाढ़ का भी खतरा
अगले 24 घंटे में पूर्वी मध्य प्रदेश के कुछ जलग्रहण क्षेत्रों और इलाकों में निम्न से मध्यम स्तर का फ्लैश फ्लड जोखिम बताया गया है. इसमें सिवनी, बालाघाट, मंडला, मऊगंज, मैहर, डिंडोरी, अनूपपुर, सीधी, सिंगरौली और रीवा जिले शामिल हैं. संतृप्त मिट्टी और निचले इलाकों में बारिश के कारण सतही जल बहाव और जलभराव हो सकता है.
पिछले 24 घंटे में कहां हुई सबसे ज्यादा बारिश
1 सितंबर की सुबह 8:30 बजे तक के आंकड़ों के अनुसार रामपुर बघेलान में 123.6 मिमी और बीरसिंहपुर में 115.6 मिमी बारिश दर्ज की गई. मझगांव में 78.0 मिमी, हुजूर और रीवा में 71.0 मिमी, ब्यौहारी में 67.0 मिमी तथा जवा में 65.0 मिमी बारिश दर्ज हुई.
प्रदेश में पिछले 24 घंटों में रीवा और शहडोल संभागों के अधिकांश स्थानों पर, सागर संभाग के कुछ स्थानों पर तथा इंदौर, ग्वालियर, चंबल और जबलपुर संभागों में कहीं-कहीं बारिश दर्ज की गई.
तापमान में कैसा रहा बदलाव
पिछले 24 घंटों में अधिकतम तापमान में खास बदलाव नहीं हुआ. रीवा संभाग में अधिकतम तापमान सामान्य से 5.4 डिग्री सेल्सियस तक कम रहा, जबकि शहडोल संभाग में यह सामान्य से 4 डिग्री तक नीचे रहा. प्रदेश का सबसे अधिक अधिकतम तापमान 33.6 डिग्री सेल्सियस ग्वालियर में दर्ज हुआ. सबसे कम न्यूनतम तापमान 19.4 डिग्री सेल्सियस पचमढ़ी में रिकॉर्ड किया गया.
बारिश का असर और जरूरी सावधानियां
भारी बारिश से निचले इलाकों में जलभराव, अंडरपास में पानी भरने और नदी-नालों का जलस्तर बढ़ने की स्थिति बन सकती है. कुछ निचले पुलों और सड़कों पर आवागमन प्रभावित होने का खतरा भी है. बिजली चमकने और गरज-चमक के दौरान खुले मैदान, पेड़, बिजली के खंभों और पानी के स्रोतों से दूर रहें. संभव हो तो अनावश्यक यात्रा टालें और घर के अंदर सुरक्षित स्थान पर रहें.
बिजली गिरने की आशंका के दौरान इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को बिजली के स्रोत से अलग कर देना उचित है. वाहन चलाते समय गति धीमी रखें और पुलों तथा खुले ऊंचे रास्तों पर विशेष सावधानी बरतें.
किसानों के लिए सलाह
किसानों को बारिश के दौरान सिंचाई, उर्वरक और पौध संरक्षण रसायनों के छिड़काव से बचने की सलाह दी गई है. खेतों में जल निकासी की व्यवस्था रखें. सब्जियों, बेलदार फसलों और युवा फलदार पौधों को तेज हवा से बचाने के लिए सहारा दें. कटी हुई उपज, बीज, खाद और कृषि उपकरणों को जलरोधक तिरपाल से ढककर रखें. आंधी या बारिश की संभावना में कटाई, मड़ाई और सुखाने का काम स्थगित करें.
पशुओं को सुरक्षित और हवादार आश्रय में रखें तथा आंधी-तूफान और बिजली गिरने के दौरान खुले खेतों में चराई से बचाएं. मौसम विभाग ने किसानों को लगातार ताजा मौसम अपडेट देखते हुए कृषि कार्यों की योजना बनाने की सलाह दी है.
भोपाल का मौसम
भोपाल और आसपास के इलाकों में आमतौर पर बादल छाए रहने तथा गरज-चमक के साथ बारिश होने का पूर्वानुमान है. हवा की औसत गति 14 से 16 किलोमीटर प्रति घंटे रह सकती है. अधिकतम तापमान 28 डिग्री और न्यूनतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है.
मौसम सिस्टम की वजह
मौसम विभाग के अनुसार गंगीय पश्चिम बंगाल और उससे लगे उत्तर तटीय ओडिशा, झारखंड तथा उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना स्पष्ट निम्न दबाव क्षेत्र मौसम को प्रभावित कर रहा है. इससे जुड़ा चक्रवाती परिसंचरण 7.6 किलोमीटर की ऊंचाई तक फैला है और इसके अगले 48 घंटों में उत्तर ओडिशा और झारखंड से होते हुए पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ने की संभावना है. मध्य प्रदेश से होकर भी एक ट्रफ इस मौसम प्रणाली से जुड़ा हुआ है.
अगले पांच दिनों का संकेत
मौसम विभाग के आउटलुक के अनुसार अगले पांच दिनों में कोई बड़ा बदलाव नहीं होने की संभावना है. ऐसे में बारिश, गरज-चमक और स्थानीय स्तर पर तेज मौसम की स्थिति को देखते हुए लोगों को आधिकारिक मौसम अलर्ट पर नजर बनाए रखनी चाहिए.
स्रोत: भारत मौसम विज्ञान विभाग, मौसम केंद्र भोपाल.
FAQs
1. 2 सितंबर को मध्य प्रदेश में सबसे ज्यादा बारिश कहां होने की चिंता है?
सतना, उमरिया और बालाघाट में अति भारी बारिश की चेतावनी होने के कारण इन इलाकों में रहने वाले लोगों को जलभराव और तेज मौसम को लेकर विशेष सतर्क रहना चाहिए.
2. क्या बारिश के साथ बिजली गिरने का खतरा भी है?
हां. कई जिलों में गरज-चमक और वज्रपात का अलर्ट है. इसलिए बादल गरजने लगें तो खुले मैदान या पेड़ के नीचे रुकने के बजाय सुरक्षित जगह जाना बेहतर है.
3. क्या बारिश के कारण अचानक बाढ़ आ सकती है?
पूर्वी मध्य प्रदेश के कुछ जलग्रहण क्षेत्रों में निम्न से मध्यम फ्लैश फ्लड जोखिम बताया गया है. निचले और पहले से संतृप्त इलाकों में पानी तेजी से भर सकता है.
4. बारिश में बाहर निकलने से पहले क्या देखना चाहिए?
स्थानीय मौसम अलर्ट जरूर देखें. अगर गरज-चमक या तेज बारिश हो रही हो तो गैरजरूरी यात्रा टालना सुरक्षित विकल्प है.
5. किसानों को अभी सबसे ज्यादा किस बात का ध्यान रखना चाहिए?
खेतों में जल निकासी, तैयार उपज की सुरक्षा और पशुओं के सुरक्षित आश्रय पर ध्यान दें. बारिश के दौरान सिंचाई, खाद और दवा छिड़काव तथा कटाई-मड़ाई जैसे काम टालने की सलाह दी गई है.


