Gurugram News: एनसीआर के प्रमुख शहर गुरुग्राम में रोजगार के नए अवसरों का रास्ता खुल रहा है. तेजी से विकसित हो रहे आईएमटी सोहना में औद्योगिक गतिविधियां रफ्तार पकड़ रही हैं. यहां करीब 95 प्रतिशत औद्योगिक भूखंड कंपनियों को आवंटित किए जा चुके हैं. अब कई कंपनियों ने उद्योग स्थापित करने के लिए निर्माण कार्य भी शुरू कर दिया है. माना जा रहा है कि इन इकाइयों के शुरू होने के बाद स्थानीय युवाओं के लिए बड़ी संख्या में रोजगार के अवसर पैदा होंगे.
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पांच कंपनियों ने शुरू किया निर्माण
आईएमटी सोहना में फिलहाल पांच कंपनियों ने उद्योग लगाने के लिए निर्माण कार्य शुरू कर दिया है. इनमें एक इलेक्ट्रॉनिक्स, दो कपड़ा और दो अन्य क्षेत्र की कंपनियां शामिल हैं. अधिकारियों के मुताबिक इन उद्योगों का निर्माण करीब एक साल में पूरा होने की उम्मीद है. इसके बाद यहां उत्पादन शुरू होने से रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे. इन कंपनियों में मैसर्स ट्रॉनटेक इलेक्ट्रॉनिक्स प्राइवेट लिमिटेड और मैसर्स मल्होत्रा केबल्स प्राइवेट लिमिटेड समेत तीन अन्य कंपनियां शामिल हैं.
1600 एकड़ में विकसित हो रहा IMT Sohna
हरियाणा राज्य औद्योगिक एवं अवसंरचना विकास निगम (HSIIDC) की ओर से आईएमटी सोहना को करीब 1600 एकड़ क्षेत्र में विकसित किया जा रहा है. इसमें लगभग 500 एकड़ में इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर (EMC) विकसित किया जा रहा है. इस क्लस्टर में करीब 95 प्रतिशत भूखंड कंपनियों को आवंटित किए जा चुके हैं. कंपनियां यहां उद्योग स्थापित करने के लिए बड़े स्तर पर निवेश कर रही हैं.
एक कंपनी ने शुरू किया उत्पादन
आईएमटी सोहना में औद्योगिक गतिविधियों के बीच एक बड़ी उपलब्धि यह भी है कि जापान की TDK Corporation की कंपनी ALT Battery ने यहां लिथियम-आयन बैटरी का बड़ा प्लांट स्थापित कर उत्पादन शुरू कर दिया है. वहीं, IGL की ओर से भूमि पूजन के बाद अब निर्माण की तैयारी की जा रही है. अधिकारियों को उम्मीद है कि आने वाले समय में और कंपनियां भी यहां अपने उद्योग शुरू करेंगी.
1000 करोड़ रुपये से ज्यादा का निवेश
अधिकारियों के अनुसार औद्योगिक भूखंडों के आवंटन के बाद कंपनियों की ओर से उद्योग स्थापित करने में 1000 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश किया जा रहा है. कई जगहों पर निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है. बताया गया है कि कुछ कंपनियों ने करीब 450 से 1000 गज तक की जमीन पर निर्माण शुरू किया है. उद्योगों के संचालन में आने के बाद स्थानीय स्तर पर हजारों युवाओं के लिए प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर बनने की उम्मीद है.
300 करोड़ रुपये से विकसित होंगी सुविधाएं
आईएमटी सोहना में बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने के लिए HSIIDC की ओर से करीब 300 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं. इस राशि से बिजली, पानी, सीवरेज और सड़क जैसी जरूरी सुविधाएं विकसित की जा रही हैं. सरकार का जोर आईएमटी सोहना को उत्तर भारत के बड़े इलेक्ट्रॉनिक्स हब के रूप में विकसित करने पर है. इसके रणनीतिक स्थान और बेहतर कनेक्टिविटी की वजह से कंपनियों की रुचि भी बढ़ रही है.
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KMP Expressway के पास होने का फायदा
आईएमटी सोहना कुंडली-मानेसर-पलवल (KMP) एक्सप्रेसवे के नजदीक स्थित है. इस वजह से यहां माल की आवाजाही और लॉजिस्टिक्स को बेहतर कनेक्टिविटी मिलती है. औद्योगिक इकाइयों के लिए यह स्थान निवेश के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है. HSIIDC के संपदा अधिकारी सुनील पालीवाल ने बताया कि आईएमटी सोहना में पांच नई कंपनियों ने उद्योग लगाने के लिए निर्माण कार्य शुरू किया है. इनमें इलेक्ट्रॉनिक्स से लेकर कपड़ा उद्योग तक शामिल हैं. उन्होंने कहा कि 95 प्रतिशत भूखंड आवंटित हो चुके हैं और एक कंपनी उत्पादन शुरू कर चुकी है, जबकि कुछ अन्य कंपनियां भी निर्माण की तैयारी में हैं.


