Weather Update 13 September 2026: रविवार, 13 सितंबर को देश के बड़े हिस्से में मानसून सक्रिय रहने वाला है. भारत मौसम विज्ञान विभाग यानी IMD के ताजा पूर्वानुमान के मुताबिक दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, पंजाब, राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, ओडिशा, पश्चिम बंगाल समेत कई राज्यों में बारिश और गरज-चमक की स्थिति बन सकती है. कुछ इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश का भी खतरा है.
मौसम विभाग के अनुसार, 13 सितंबर को कई हिस्सों में तेज हवाओं के साथ आंधी-तूफान जैसी स्थिति बन सकती है. कुछ क्षेत्रों में हवा की गति 80 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंचने की संभावना भी बताई गई है. ऐसे में बारिश के साथ बिजली गिरने, पेड़ और कमजोर ढांचे गिरने तथा स्थानीय स्तर पर जलभराव जैसी परेशानियां बढ़ सकती हैं.
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13 सितंबर को देशभर में कैसा रहेगा मौसम
उत्तर भारत में दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और पहाड़ी राज्यों में मौसम का मिजाज बदला हुआ रह सकता है. दिल्ली में 13 सितंबर को IMD की उपलब्ध सब-डिविजन चेतावनी में कोई चेतावनी नहीं है, हालांकि बारिश की गतिविधि बनी रह सकती है. दिल्ली-हरियाणा-चंडीगढ़ क्षेत्र के लिए भारी बारिश की चेतावनी 14 और 15 सितंबर को दी गई है.
उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के कुछ हिस्सों में बारिश के साथ गरज-चमक की स्थिति बन सकती है. पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार या तेज बारिश होने पर भूस्खलन और स्थानीय स्तर पर रास्ते बाधित होने का खतरा बढ़ जाता है. जम्मू-कश्मीर में भी मौसम सक्रिय रहने की संभावना है.
पूर्वी भारत में बारिश का जोर
बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल और ओडिशा में 13 सितंबर को बारिश और गरज-चमक की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं. IMD के ताजा अपडेट में ओडिशा के कुछ हिस्सों के लिए भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई गई है. ओडिशा के लिए 13 सितंबर तक येलो अलर्ट की रिपोर्ट भी सामने आई है.
बिहार और झारखंड में बारिश का असर स्थानीय यातायात, ग्रामीण सड़कों और निचले इलाकों पर पड़ सकता है. पश्चिम बंगाल के कुछ हिस्सों में भी बारिश और आंधी-गरज की स्थिति बन सकती है.
गुजरात में 13 सितंबर को खास सावधानी
गुजरात में 13 सितंबर को बारिश की गतिविधि विशेष रूप से महत्वपूर्ण रहने वाली है. IMD के गुजरात केंद्र के अनुसार गुजरात रीजन में 13 सितंबर को बहुत भारी बारिश और गरज-चमक की चेतावनी है. सौराष्ट्र और कच्छ में भी भारी बारिश तथा गरज-चमक की संभावना बताई गई है.
13 सितंबर के लिए उपलब्ध जिला-स्तरीय अपडेट के अनुसार डांग, नवसारी, वलसाड, दमन और दादरा एवं नगर हवेली में बहुत भारी बारिश का ऑरेंज वार्निंग क्षेत्र बताया गया है. वहीं अहमदाबाद, आनंद, पंचमहल, दाहोद, वडोदरा, छोटा उदेपुर, नर्मदा, भरूच, सूरत और तापी में भारी बारिश की संभावना जताई गई है. सौराष्ट्र क्षेत्र में राजकोट, पोरबंदर, जूनागढ़, अमरेली, भावनगर, गिर सोमनाथ, बोटाद और दीव में भी भारी बारिश का पूर्वानुमान है.
मध्य भारत में भी सक्रिय रहेगा मानसून
मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में मानसूनी गतिविधियां जारी रहने की संभावना है. मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश के साथ गरज-चमक और बिजली की स्थिति बन सकती है. छत्तीसगढ़ में भी बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है. ऐसे क्षेत्रों में निचले इलाकों में जलभराव और ग्रामीण इलाकों में आवागमन प्रभावित होने की आशंका रहती है.
राजस्थान के कुछ हिस्सों में भी बारिश और गरज-चमक की संभावना है. पश्चिमी और दक्षिणी हिस्सों में स्थानीय मौसम परिस्थितियों के आधार पर बारिश की तीव्रता अलग-अलग रह सकती है.
दक्षिण भारत में भी बारिश का असर
आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और कर्नाटक के कई हिस्सों में बारिश तथा गरज-चमक की स्थिति बन सकती है. आंध्र प्रदेश में भारी बारिश के साथ तेज हवाओं का खतरा भी बताया गया है. तटीय इलाकों में मौसम खराब रहने पर समुद्री गतिविधियों पर भी असर पड़ सकता है.
तेलंगाना और कर्नाटक के कुछ हिस्सों में स्थानीय स्तर पर तेज बारिश हो सकती है. दक्षिण भारत के अन्य हिस्सों में भी मानसून की गतिविधि बनी रहने की संभावना है.
बारिश का आम लोगों पर क्या असर पड़ सकता है
तेज बारिश की स्थिति में शहरों की सड़कों पर जलभराव और ट्रैफिक धीमा होने की समस्या सामने आ सकती है. ग्रामीण इलाकों में कच्ची सड़कों और निचले रास्तों पर पानी भर सकता है. पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश के कारण भूस्खलन का जोखिम बढ़ सकता है.
गरज-चमक के दौरान बिजली गिरना सबसे गंभीर जोखिमों में शामिल है. खुले मैदान, खेत, पेड़ के नीचे और जलाशयों के आसपास रहना इस दौरान खतरनाक हो सकता है.
13 सितंबर को लोगों को क्या सावधानी रखनी चाहिए
बारिश और आंधी के दौरान खुले स्थान पर जाने से बचें. बिजली चमकने की स्थिति में पेड़, बिजली के खंभे और कमजोर संरचनाओं से दूरी बनाए रखें. बहुत जरूरी न हो तो भारी बारिश के दौरान यात्रा टालना बेहतर रहेगा.
वाहन चलाने वालों को जलभराव वाले रास्तों पर विशेष सावधानी रखनी चाहिए. पहाड़ी क्षेत्रों में यात्रा करने वाले लोग स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग की चेतावनी पर ध्यान दें. किसान भी खेतों में काम करते समय गरज-चमक की स्थिति को नजरअंदाज न करें.
13 सितंबर का मौसम एक नजर में
| क्षेत्र | 13 सितंबर का संभावित मौसम |
|---|---|
| उत्तर भारत | बारिश, गरज-चमक और कुछ इलाकों में तेज हवाएं |
| दिल्ली-NCR | बादल और बारिश की संभावना, 13 सितंबर को कोई IMD चेतावनी नहीं |
| उत्तराखंड-हिमाचल | बारिश और गरज-चमक, पहाड़ी क्षेत्रों में सावधानी जरूरी |
| बिहार-झारखंड | बारिश और गरज-चमक की संभावना |
| ओडिशा | भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना, कुछ क्षेत्रों में येलो अलर्ट |
| मध्य प्रदेश-छत्तीसगढ़ | बारिश, गरज-चमक और स्थानीय तेज बारिश |
| गुजरात | कई हिस्सों में भारी बारिश, कुछ जिलों में बहुत भारी बारिश |
| सौराष्ट्र-कच्छ | भारी बारिश और गरज-चमक की संभावना |
| आंध्र प्रदेश-तेलंगाना | बारिश, गरज-चमक और कुछ क्षेत्रों में तेज हवाएं |
| कर्नाटक | कई हिस्सों में बारिश और स्थानीय गरज-चमक |
स्रोत: भारत मौसम विज्ञान विभाग.
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FAQ
1. 13 सितंबर 2026 को देश में सबसे ज्यादा बारिश कहां हो सकती है?
गुजरात के कुछ हिस्सों और ओडिशा समेत कई क्षेत्रों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है. गुजरात में डांग, नवसारी और वलसाड जैसे जिलों के लिए विशेष चेतावनी उपलब्ध है.
2. क्या 13 सितंबर को दिल्ली में भारी बारिश का अलर्ट है?
IMD के उपलब्ध दिल्ली-NCR सब-डिविजन अपडेट में 13 सितंबर के लिए कोई चेतावनी नहीं है. हालांकि बारिश की संभावना से पूरी तरह इनकार नहीं किया गया है. भारी बारिश की चेतावनी 14 और 15 सितंबर के लिए दी गई है.
3. किन जिलों में ऑरेंज वार्निंग बताई गई है?
13 सितंबर के उपलब्ध गुजरात जिला-स्तरीय अपडेट में डांग, नवसारी, वलसाड, दमन और दादरा एवं नगर हवेली में बहुत भारी बारिश की चेतावनी बताई गई है.
4. क्या बारिश के साथ बिजली गिरने का खतरा भी है?
हां. कई राज्यों में बारिश के साथ गरज-चमक और बिजली की गतिविधि की संभावना है. ऐसे समय खुले मैदान और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचना चाहिए.
5. क्या 13 सितंबर को यात्रा करना सुरक्षित रहेगा?
सामान्य परिस्थितियों में यात्रा संभव हो सकती है, लेकिन भारी बारिश वाले इलाकों में जलभराव, कम दृश्यता, तेज हवा और पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन जैसी परिस्थितियां बन सकती हैं. यात्रा से पहले स्थानीय मौसम और प्रशासनिक अलर्ट जरूर देखना बेहतर है.


