Moradabad News: मुरादाबाद शहर के आसपास के 117 गांवों में आने वाले समय में विकास की नई तस्वीर देखने को मिल सकती है. मुरादाबाद विकास प्राधिकरण (MDA) ने इन गांवों के सुनियोजित विकास के लिए महायोजना का खाका तैयार कर शासन को मंजूरी के लिए भेज दिया है. योजना लागू होने के बाद आवासीय क्षेत्रों के साथ सड़क, पार्क, चिकित्सा, संस्थागत और व्यावसायिक सुविधाओं के विकास को भी गति मिलने की उम्मीद है.
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117 गांवों में होगा सुनियोजित विकास
MDA की महायोजना में मुरादाबाद के 34, कांठ के 18, अमरोहा के 16 और संभल के तीन गांव शामिल हैं. इन क्षेत्रों में जमीन के इस्तेमाल यानी लैंड यूज में बदलाव का प्रस्ताव भी तैयार किया गया है. इसके तहत आवासीय विकास के अलावा शिक्षण संस्थान, चिकित्सा सुविधाएं, व्यावसायिक गतिविधियों और अन्य जरूरी सुविधाओं के लिए जमीन का नियोजन किया जाएगा. शासन से मंजूरी मिलने के बाद इन गांवों में विकास कार्य महायोजना के प्रावधानों के अनुसार कराए जा सकेंगे. प्रस्ताव को मंजूरी मिलने में करीब छह महीने का समय लगने की संभावना जताई गई है.
अब MDA से पास होंगे भवनों के नक्शे
महायोजना लागू होने के बाद इन क्षेत्रों में भवन निर्माण के नियमों में भी बदलाव आएगा. अभी तक भवनों के नक्शे राजस्व विभाग के स्तर से पास होते थे, लेकिन योजना लागू होने के बाद भवनों के नक्शे MDA से स्वीकृत कराने होंगे. MDA उपाध्यक्ष अनुभव सिंह के मुताबिक, महायोजना में शामिल सभी क्षेत्रों में विकास कार्य तय योजना और प्रावधानों के अनुसार कराए जाएंगे.
कई जगह 18 मीटर चौड़ी सड़क का प्रस्ताव
महायोजना के साथ जोनल प्लान भी तैयार किया गया है. इसमें अलग-अलग सेक्टर के हिसाब से सड़क व्यवस्था का खाका तैयार किया गया है. कई स्थानों पर 18 मीटर चौड़ी सड़कों का प्रावधान रखा गया है. इसके अलावा जोनल स्तर पर पार्क, व्यावसायिक गतिविधियों के लिए क्षेत्र और सार्वजनिक सुविधाओं के लिए भी जमीन निर्धारित करने का प्रस्ताव है. इससे भविष्य में आबादी बढ़ने के साथ यातायात और नागरिक सुविधाओं को व्यवस्थित करने में मदद मिल सकती है.
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क्या होती है महायोजना?
महायोजना किसी शहर या विकास क्षेत्र के भविष्य के विस्तार और विकास का दीर्घकालिक खाका होती है. इसमें यह तय किया जाता है कि किस क्षेत्र में घर, स्कूल-कॉलेज, अस्पताल, बाजार, व्यावसायिक गतिविधियां, संस्थान, पार्क और हरित क्षेत्र विकसित किए जाएंगे. इसके साथ ही सड़क, यातायात व्यवस्था, जल निकासी और अन्य बुनियादी सुविधाओं के लिए भी भूमि का नियोजन किया जाता है. इसी योजना के आधार पर आने वाले वर्षों में भवन निर्माण और विकास कार्यों की दिशा तय की जाती है. यानी आने वाले समय में MDA की यह महायोजना 117 गांवों में बेतरतीब निर्माण के बजाय योजनाबद्ध विकास की नींव तैयार कर सकती है.


