मुंबई में कॉकरोच जनता पार्टी के फाउंडर अभिजीत दीपके ने SIR के मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट को लेकर सवाल उठाए हैं. गुरुवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने कहा कि इस मामले में सुप्रीम कोर्ट भी “बराबर का दोषी” है. शुक्रवार को उनकी पार्टी मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ मुंबई के शिवाजी पार्क में विरोध प्रदर्शन शुरू करने जा रही है.
मुंबई में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अभिजीत दीपके से सुप्रीम कोर्ट में दाखिल हो चुकी याचिकाओं को लेकर सवाल किया गया. उनसे पूछा गया कि ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर लोग पहले ही सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर चुके हैं. इसके अलावा SIR से जुड़े कई मुद्दों को लेकर भी अदालत में मांगें की गई हैं. ऐसे में सुप्रीम कोर्ट के फैसले तक इंतजार क्यों नहीं किया जा सकता.
इस सवाल के जवाब में दीपके ने सुप्रीम कोर्ट के रुख पर ही सवाल खड़े किए. उन्होंने कहा, “आप किस सुप्रीम कोर्ट की बात कर रहे हैं. वही सुप्रीम कोर्ट, जिसने पश्चिम बंगाल चुनाव में लाखों लोगों को वोट की अनुमति नहीं दी. और किसने कहा था कि इस बार वोट नहीं कर सके, तो कौन सी बड़ी बात है अगली बार कर देना. उस सुप्रीम कोर्ट के बारे में बात कर रहे हैं. इसमें सुप्रीम कोर्ट भी बराबर का दोषी है.”
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किस जज का क्या बयान
यह मामला अप्रैल का है, जब पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले सुप्रीम कोर्ट में कई लोगों की याचिकाएं पहुंची थीं. इनमें चुनाव ड्यूटी में लगे 65 कर्मी भी शामिल थे. इन याचिकाकर्ताओं ने राज्य में SIR प्रक्रिया के बाद मतदाता सूची से अपने नाम हटाए जाने को चुनौती दी थी.
उस समय कोर्ट ने याचिकाओं पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया था और संबंधित ट्रिब्यूनल में जाने के लिए कहा था.
यह बात भारत के मुख्य न्यायाधीश CJI सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाला बागची और जस्टिस विपुल एम पंचोली की बेंच के सामने आई थी. उस समय दो अलग-अलग याचिकाओं के लिए वकील अदालत पहुंचे थे.
याचिकाकर्ताओं के वकील ने कोर्ट को बताया था कि प्रक्रिया से प्रभावित 65 लोग पश्चिम बंगाल में चुनाव ड्यूटी पर तैनात हैं. वकील ने कहा था कि चुनाव ड्यूटी के लिए जारी आदेश में EPIC नंबर का जिक्र था, जिसे बाद में हटा दिया गया. उनके मुताबिक, इसके बाद चुनाव ड्यूटी पर तैनात लोग वोट नहीं डाल सकते. वकील ने इस कदम को मनमाना बताया था.
EPIC का मतलब मतदाता फोटो पहचान पत्र है. वकील ने यह भी कहा था कि इस संबंध में कारण बताओ नोटिस जारी नहीं किए गए थे. साथ ही कोर्ट को बताया गया था कि याचिकाकर्ताओं ने ट्रिब्यूनल में पहले ही अपील दायर कर दी है.
इस पर बेंच ने कहा था, “ट्रिब्यूनल की तरफ से उचित आदेश जारी किए जाएंगे.”
साथ ही जस्टिस जॉयमाला बागची ने कहा था कि हो सकता है कि संबंधित लोग इस चुनाव में वोट नहीं डाल सकें, लेकिन वोटर लिस्ट में बने रहने का उनका अहम अधिकार सुरक्षित रहेगा.
इसी बयान को लेकर अब अभिजीत दीपके ने सुप्रीम कोर्ट की भूमिका पर सवाल उठाए हैं. उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा कि SIR के मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट भी बराबर का दोषी है.
मुंबई के शिवाजी पार्क में प्रदर्शन
अभिजीत दीपके ने मुंबई के शिवाजी पार्क में मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन का ऐलान किया है. खबर के अनुसार, मुंबई पुलिस की ओर से यहां प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी गई है.
इसके बावजूद दीपके ने जेल भरो आंदोलन का ऐलान किया है. प्रदर्शन शाम 4 बजे शुरू होने की संभावना बताई गई है.
इससे पहले ऐसी खबरें सामने आई थीं कि अभिजीत दीपके को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है. हालांकि, कॉकरोच जनता पार्टी ने इन खबरों का खंडन किया है.
इस तरह SIR के मुद्दे को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी और अभिजीत दीपके ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ मुंबई में प्रदर्शन का ऐलान किया है. इसी दौरान दीपके ने सुप्रीम कोर्ट में SIR से जुड़े मामलों में दिए गए पुराने बयानों का हवाला देते हुए शीर्ष अदालत की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं.
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