Bulandshahr Ring Road: शहर को जाम से राहत दिलाने और यातायात व्यवस्था बेहतर बनाने के लिए प्रस्तावित रिंग रोड परियोजना की प्रक्रिया आगे बढ़ी है. भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने करीब 20 किलोमीटर लंबे रिंग रोड का प्रस्तावित अलाइनमेंट तैयार कर मुख्यालय भेज दिया है. अब मुख्यालय से मंजूरी मिलने का इंतजार है. अलाइनमेंट स्वीकृत होने के बाद भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी. इस रिंग रोड के बनने से शहर के आसपास यातायात का दबाव कम करने और प्रमुख राष्ट्रीय व राज्य राजमार्गों के बीच कनेक्टिविटी बेहतर करने की उम्मीद है. इसके साथ ही अलीगढ़-गाजियाबाद एनएच-34 और बुलंदशहर-मेरठ एनएच-335 को जोड़ने के लिए फोरलेन बाइपास बनाने की योजना भी है.
चार प्रमुख हाईवे से जुड़ेगा रिंग रोड
प्रस्तावित रिंग रोड की लंबाई करीब 20 किलोमीटर होगी. इसका अलाइनमेंट अलीगढ़-गाजियाबाद एनएच-34 से शुरू होकर मेरठ-बदायूं स्टेट हाईवे, बुलंदशहर-अनूपशहर स्टेट हाईवे और बुलंदशहर-स्याना-गढ़मुक्तेश्वर स्टेट हाईवे को जोड़ते हुए इमलिया गांव के पास बुलंदशहर-मेरठ एनएच-335 से जुड़ेगा. इस परियोजना का उद्देश्य शहर से गुजरने वाले वाहनों को वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध कराना है, ताकि प्रमुख सड़कों पर यातायात का दबाव कम हो सके. हालांकि, इसका वास्तविक असर निर्माण पूरा होने और यातायात व्यवस्था लागू होने के बाद ही स्पष्ट होगा.
मुख्यमंत्री योगी ने की थी रिंग रोड की घोषणा
शहर के नुमाइश मैदान में 19 जुलाई को आयोजित जनसभा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रिंग रोड निर्माण की घोषणा की थी. इसके बाद परियोजना को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी एनएचएआई को सौंपी गई. रिंग रोड निर्माण की मांग लंबे समय से उठ रही है. वर्ष 2020 में तत्कालीन जिलाधिकारी ने परियोजना के लिए करीब 750 करोड़ रुपये का अनुमानित बजट तैयार कराकर शासन को भेजा था. हालांकि, बाद में प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकी.
मंजूरी के बाद शुरू होगा भूमि अधिग्रहण
एनएचएआई ने प्रस्तावित अलाइनमेंट मुख्यालय भेज दिया है. अब इसकी स्वीकृति और बजट संबंधी प्रक्रिया पूरी होने के बाद जमीन अधिग्रहण की कार्रवाई आगे बढ़ेगी. दिसंबर के अंत तक भूमि अधिग्रहण शुरू होने की संभावना जताई गई है, लेकिन इसकी आधिकारिक समयसीमा अभी तय नहीं मानी जा सकती. अलाइनमेंट में बदलाव या अन्य स्वीकृतियों की जरूरत के आधार पर आगे की प्रक्रिया और निर्माण कार्यक्रम तय होगा.
फोरलेन बाइपास भी बनाने की योजना
एनएचएआई के परियोजना निदेशक शेष नाथ यादव के मुताबिक, रिंग रोड का प्रस्तावित अलाइनमेंट तैयार कर मुख्यालय भेज दिया गया है. स्वीकृति मिलने के बाद परियोजना की अगली कार्रवाई शुरू होगी.
उन्होंने बताया कि रिंग रोड के साथ अलीगढ़-गाजियाबाद एनएच-34 और बुलंदशहर-मेरठ एनएच को जोड़ने वाले फोरलेन बाइपास का निर्माण भी शुरू कराने की योजना है. रिंग रोड और बाइपास परियोजनाओं के आगे बढ़ने से बुलंदशहर में यातायात व्यवस्था सुधारने और प्रमुख मार्गों के बीच संपर्क मजबूत करने की उम्मीद है.
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