यूट्यूबर ध्रुव राठी ने दिल्ली में हिरासत से रिहा होने के बाद पुलिस की कार्रवाई को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं. उन्होंने दावा किया कि उन्हें गिरफ्तार या हिरासत में नहीं लिया गया, बल्कि उनका अपहरण किया गया. राठी के मुताबिक, सादे कपड़ों में आए करीब 20 लोग उनके घर में घुसे और उन्हें जबरन अपने साथ ले गए. हालांकि, उनके इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है.
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मुझे गिरफ्तार नहीं, किडनैप किया गया
ध्रुव राठी ने रिहाई के बाद अपने साथ हुई कथित कार्रवाई का जिक्र करते हुए कहा, “I was not arrested or detained, I was KIDNAPPED.” इसका अर्थ है कि उन्हें गिरफ्तार या हिरासत में नहीं लिया गया, बल्कि उनका अपहरण किया गया.
उन्होंने दावा किया कि सुबह करीब 7 बजे जब वह अपने बेडरूम में सो रहे थे, तभी उनकी मां ने घर का दरवाजा खोला. इसके बाद सादे कपड़ों में करीब 20 लोग घर के अंदर घुस आए और सीधे उनके बेडरूम तक पहुंच गए.
राठी के मुताबिक, उन्हें जबरन घर से बाहर ले जाया गया. उन्होंने आरोप लगाया कि सीढ़ियों से घसीटने के दौरान उन्हें चोटें आईं और उन्हें चप्पल पहनने तक का मौका नहीं दिया गया.
परिवार के साथ बदसलूकी और फोन लेने का आरोप
ध्रुव राठी ने दावा किया कि घटना के समय उनके माता-पिता भी घर में मौजूद थे. उन्होंने आरोप लगाया कि उनके और परिवार के सदस्यों के फोन ले लिए गए.
राठी के मुताबिक, उन्हें कई पुलिस स्टेशनों पर ले जाया गया और करीब 22 से 23 घंटे तक अपने साथ रखा गया. उन्होंने इस कार्रवाई को गिरफ्तारी के बजाय अपहरण बताया.
उन्होंने सवाल उठाया कि किसी व्यक्ति के घर में इस तरह प्रवेश करना और उसके परिवार के साथ कथित तौर पर हाथापाई करना कहां तक उचित है.
हालांकि, इन आरोपों पर संबंधित पुलिस अधिकारियों का पक्ष सामने आना और पूरे घटनाक्रम की स्वतंत्र पुष्टि होना जरूरी है.
पासपोर्ट दिखाकर भारतीय नागरिक होने का दावा
रिहाई के बाद ध्रुव राठी ने पासपोर्ट दिखाते हुए अपनी भारतीय नागरिकता को लेकर उठाए जा रहे सवालों का जवाब दिया. उन्होंने दावा किया कि सोशल मीडिया और मीडिया के कुछ हिस्सों में उनके विदेशी पासपोर्ट को लेकर कही जा रही बातें गलत हैं.
राठी ने कहा कि वह भारतीय नागरिक हैं और उन्हें देश में विरोध प्रदर्शन में शामिल होने का अधिकार है. उन्होंने इस दावे को भी खारिज किया कि विदेशी पासपोर्ट होने के कारण उन्हें प्रदर्शन में शामिल होने से रोका गया.
CJP प्रदर्शन में शामिल होने दिल्ली आए थे ध्रुव राठी
ध्रुव राठी दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी यानी CJP के विरोध प्रदर्शन में शामिल होने के लिए आए थे. प्रदर्शन का उद्देश्य मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग उठाना बताया गया.
इससे पहले जंतर-मंतर जाने की कोशिश के दौरान उन्हें हिरासत में लिए जाने की खबर सामने आई थी.
पुलिस का कहना था कि प्रदर्शन के लिए अनुमति नहीं ली गई थी और निषेधाज्ञा लागू होने के कारण प्रदर्शनकारियों को जंतर-मंतर जाने से रोका गया.
वहीं, ध्रुव राठी ने रिहाई के बाद पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए इसे लोकतांत्रिक अधिकारों के खिलाफ बताया. उनके आरोपों और पुलिस के पक्ष के बीच पूरे घटनाक्रम की स्वतंत्र पुष्टि महत्वपूर्ण है.
FAQs
1. ध्रुव राठी ने रिहाई के बाद क्या आरोप लगाया?
ध्रुव राठी ने दावा किया कि उन्हें गिरफ्तार या हिरासत में नहीं लिया गया, बल्कि उनका अपहरण किया गया. उन्होंने सादे कपड़ों में आए लोगों द्वारा घर से जबरन ले जाए जाने का आरोप लगाया.
2. ध्रुव राठी के अनुसार कितने लोग उनके घर आए थे?
राठी के दावे के अनुसार, सादे कपड़ों में करीब 20 लोग उनके घर में घुसे थे.
3. ध्रुव राठी ने कितने समय तक अपने साथ रखे जाने का दावा किया?
उन्होंने दावा किया कि उन्हें करीब 22 से 23 घंटे तक कई पुलिस स्टेशनों पर अपने साथ रखा गया.
4. ध्रुव राठी दिल्ली में किस प्रदर्शन में शामिल होने आए थे?
दिए गए स्रोत के अनुसार, वह कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के विरोध प्रदर्शन में शामिल होने दिल्ली आए थे. प्रदर्शन का उद्देश्य मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग उठाना बताया गया.
5. पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को जंतर-मंतर जाने से क्यों रोका?
पुलिस के अनुसार, प्रदर्शन के लिए अनुमति नहीं ली गई थी और निषेधाज्ञा लागू होने के कारण प्रदर्शनकारियों को जंतर-मंतर जाने से रोका गया.
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