लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को जनता दर्शन के दौरान ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल शिक्षा के विस्तार पर जोर दिया. उन्होंने कहा कि गांवों में स्थापित की जा रही डिजिटल लाइब्रेरियां युवाओं के लिए प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के संसाधनों को उनके घर के करीब ला रही हैं. इससे लंबे समय से चली आ रही शहर और गांव के बीच शैक्षिक संसाधनों की दूरी कम हो रही है.
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मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर बहेराइच के तेजवापुर ब्लॉक के खसाहा मोहम्मदपुर में ग्राम पंचायत सचिवालय में स्थापित डिजिटल लाइब्रेरी का जिक्र किया. उन्होंने कहा कि पहले गांव के बच्चों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए किताबों और बेहतर संसाधनों की तलाश में शहर जाना पड़ता था. इसमें समय और पैसे दोनों खर्च होते थे, लेकिन अब डिजिटल लाइब्रेरी के जरिए यह सुविधा गांव में ही उपलब्ध हो रही है.
किताबों के साथ कंप्यूटर और इंटरनेट की सुविधा
सीएम योगी ने बताया कि ग्राम पंचायत सचिवालय में बनाई गई डिजिटल लाइब्रेरी में पारंपरिक पढ़ाई के साथ आधुनिक तकनीक को जोड़ा गया है. यहां कंप्यूटर, प्रिंटर, हाई-स्पीड इंटरनेट, वाई-फाई, स्मार्ट टीवी और CCTV जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं.
प्रतियोगी परीक्षाओं की किताबों के साथ नेशनल बुक ट्रस्ट की ओर से उपलब्ध कराई गई साहित्यिक पुस्तकें भी यहां रखी गई हैं. यानी युवाओं को किताबों से पढ़ाई करने के साथ-साथ ई-लर्निंग और डिजिटल कंटेंट के जरिए तैयारी करने का अवसर भी मिल रहा है.
57,600 ग्राम पंचायतों तक पहुंची डिजिटल लाइब्रेरी
मुख्यमंत्री ने दावा किया कि डिजिटल शिक्षा का विस्तार केवल एक गांव तक सीमित नहीं है. उन्होंने कहा कि 2017 से पहले राज्य और जिला स्तर पर करीब 76 स्थानों पर ई-लाइब्रेरी उपलब्ध थीं, जबकि अब डिजिटल लाइब्रेरी का नेटवर्क 57,600 ग्राम पंचायतों तक पहुंच चुका है. उन्होंने यह भी कहा कि डिजिटल शिक्षा को स्कूलों तक सीमित नहीं रखा गया है. प्रदेश में करीब 60 लाख युवाओं को स्मार्टफोन और टैबलेट उपलब्ध कराए गए हैं.
32 हजार से ज्यादा स्कूलों में स्मार्ट क्लास
योगी आदित्यनाथ ने बताया कि प्रदेश में स्कूलों में भी डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत किया जा रहा है. 32 हजार से अधिक स्कूलों में स्मार्ट क्लास के जरिए पढ़ाई को नई तकनीक से जोड़ा गया है, जबकि 15 हजार से ज्यादा स्कूलों में ICT लैब स्थापित की गई हैं.
2012-16 के आंकड़ों पर भी साधा निशाना
मुख्यमंत्री ने पिछली सरकार के कार्यकाल का जिक्र करते हुए कहा कि 2012 से 2016 के बीच 6.22 लाख बच्चों को पाठ्यपुस्तकें और 97 लाख बच्चों को यूनिफॉर्म नहीं मिली थी. उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश ने शिक्षा में केवल संसाधनों की उपलब्धता ही नहीं, बल्कि उनकी पहुंच के मामले में भी लंबी दूरी तय की है. उन्होंने कहा कि अब ग्रामीण बच्चों को आधुनिक शैक्षिक संसाधनों के लिए गांव छोड़कर शहर जाने की जरूरत कम हो रही है. इससे अभिभावकों के बीच भी भरोसा बढ़ा है.
ग्राम पंचायत सचिवालय बने ज्ञान और तकनीक के केंद्र
सीएम योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार की ग्राम पंचायत डिजिटल लाइब्रेरी योजना का असर जमीन पर दिखाई दे रहा है. अब ग्राम पंचायत सचिवालय सिर्फ प्रशासनिक सेवाओं के केंद्र नहीं रह गए हैं, बल्कि उन्हें ज्ञान और तकनीक के केंद्र के रूप में भी विकसित किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि खसाहा मोहम्मदपुर की डिजिटल लाइब्रेरी ग्रामीण बदलाव की तस्वीर पेश करती है. गांव का माहौल बदल रहा है और शिक्षा के नए संसाधन बच्चों के दरवाजे तक पहुंच रहे हैं.
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