Ayodhya News: डॉ. राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय परिसर में 31 वें दीक्षांत समारोह के तहत ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के अंतर्गत वृक्षारोपण कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया. लीला हरि फाउंडेशन के सहयोग से विश्वविद्यालय की ‘कलार्थ जीवंत वाटिका’ में आयोजित इस कार्यक्रम में 35 पौधे लगाए गए.
कार्यक्रम की अध्यक्षता विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. बिजेंद्र सिंह ने किया. इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में अयोध्या नगर निगम के महापौर की धर्मपत्नी राजलक्ष्मी त्रिपाठी तथा विशिष्ट अतिथि के रूप में परिवहन विभाग के ए.आर.टी.ओ. डॉ. आर.पी. सिंह उपस्थित रहे.
जैव विविधता आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य
कुलपति डॉ. बिजेंद्र सिंह ने अध्यक्षीय उद्बोधन में कहा कि विश्वविद्यालय पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक उत्तरदायित्व का भी अग्रदूत है. वृक्ष केवल पर्यावरण को संतुलित नहीं रखते, बल्कि मानव जीवन, जैव विविधता और आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य का आधार भी बनते हैं. यदि प्रत्येक व्यक्ति एक पौधा लगाकर उसके संरक्षण का संकल्प ले, तो हम प्रदेश और देश को हरित व स्वस्थ बना सकते हैं.
32000 स्क्वायर फीट में विकसित किया जा रहा
कुलपति ने भविष्य में परिसर में जैव विविधता बढ़ाने के लिए नवीन परिसर स्थित सरोवर को जैव विविधता की संरक्षण के एक समृद्ध स्थल के रूप में निर्मित करने का संकल्प किया है. इस स्थल पर मियांबाकी वन जो लगभग 32000 स्क्वायर फीट के क्षेत्र में विकसित किया जा रहा है. जिसमें लगभग 1100 से अधिक प्रजातियां पौधों की रोपी जा रही है. उन्होंने बताया कि सरोवर के निकट जैव विविधता का एक समृद्ध परिवेश निर्मित किया जा रहा है जो आने वाले समय में अयोध्या के लिए एक महत्वपूर्ण प्राकृतिक संरक्षण के अनूठे स्थल के रूप में विकसित होगा.
मुख्य अतिथि ने क्या कहा?
मुख्य अतिथि श्रीमती राजलक्ष्मी त्रिपाठी ने कहा कि वृक्षों से वातावरण शुद्ध एवं सुंदर बनता है तथा यह जीव-जंतुओं और पक्षियों के प्राकृतिक आवास को सुरक्षित रखता है. उन्होंने सभी से अयोध्या को पर्यावरणीय दृष्टि से समृद्ध करने के लिए अधिक से अधिक पौधे लगाने का आग्रह किया.
विशिष्ट अतिथि एआरटीओ डॉ. आर.पी. सिंह ने बढ़ते प्रदूषण से निपटने के लिए सड़कों के किनारे और सार्वजनिक स्थानों पर नीम, पीपल जैसे छायादार व पर्यावरण हितैषी पौधे लगाने पर जोर दिया. पर्यावरण संरक्षण और जनजागरूकता फैलाना है तथा विश्वविद्यालय परिसर में यह अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा.
लीला हरि फाउंडेशन की प्रतिनिधि निहारिका श्रीवास्तव ने बताया कि आज वृक्षारोपण का विश्वविद्यालय के कैंपस में, किया गया हमारा मुख्य उद्देश्य है की ज्यादा से ज्यादा वृक्ष लगाए और अपने वातावरण को शुद्ध करने के लिए रोग मुक्त करने के लिए, वृक्ष लगाने की आवश्यकता बहुत है आज देखा जा सकता है कि जीव जंतु यहां तक की विभिन्न प्रकार की विभिन्न प्रजातियों की जो पंछी थे वह लुप्त होते जा रहे हैं, जीव जंतु और पंछी को बचाने के लिए हमें जल की व्यवस्थाव वृक्ष को लगाना बहुत जरूरी है.
विश्वविद्यालय भारत के प्रधानमंत्री, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री, प्रदेश की राज्यपाल के दिशा निर्देशन में, भारत हरियाली, से भरपूर हो उत्तर प्रदेश, स्वच्छ सुंदर हरा भरा दिखे. विश्वविद्यालय और लीला हरि फाउंडेशन के तत्वाधान में विश्वविद्यालय के कैंपस में, कलार्थ जीवंत वाटिका, में वृक्षारोपण का आयोजन किया गया. इस अवसर पर प्रो. आशुतोष सिन्हा, प्रो तुहिना वर्मा, प्रो. शिवि श्रीवास्तव, प्रो. प्रिया कुमारी, डॉ. अलका श्रीवास्तव उपस्थिति रही. कार्यक्रम का संचालन डॉ. सरिता द्विवेदी ने किया.


