Ayodhya News: अयोध्या स्थित डॉ. राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय उत्तर प्रदेश शासन के निर्देशानुसार संचालित ‘नशा मुक्त अभियान’ के अंतर्गत कुलपति डॉ बिजेंद्र सिंह की अध्यक्षता में कौटिल्य प्रशासनिक भवन भूतल सभागार में एक आवश्यक बैठक आयोजित की गई. बैठक में अभियान की रूपरेखा, आगामी कार्यक्रमों तथा जन-जागरूकता गतिविधियों की विस्तृत समीक्षा की गई.
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समाज को जागरूक करने का संदेश
बैठक के उपरांत विश्वविद्यालय परिसर से नाका बाईपास तक नशा मुक्ति जागरूकता रैली एवं पैदल यात्रा का आयोजन किया गया. रैली में छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए नशे के दुष्प्रभावों के प्रति समाज को जागरूक करने का संदेश दिया.
व्यापक स्तर पर तैयारियां
विश्वविद्यालय प्रशासन आगामी 2 अगस्त को माननीय प्रधानमंत्री के ‘नशा मुक्त अभियान’ विषयक देशवासियों के साथ होने वाले संवाद कार्यक्रम की तैयारियों में भी सक्रिय रूप से जुटा है. कुलपति के निर्देशन में कार्यक्रम के सफल आयोजन हेतु विभिन्न समितियों का गठन किया जा रहा है तथा व्यापक स्तर पर तैयारियां की जा रही हैं.
युवा शक्ति राष्ट्र की सबसे बड़ी ताकत
बैठक को संबोधित करते हुए कुलपति ने कहा कि युवा शक्ति किसी भी राष्ट्र की सबसे बड़ी ताकत होती है. नशा न केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को प्रभावित करता है, बल्कि परिवार, समाज और राष्ट्र के भविष्य पर भी प्रतिकूल प्रभाव डालता है. उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षण संस्थानों का नैतिक दायित्व है कि वे युवाओं को इस सामाजिक बुराई से दूर रखने के लिए जागरूक करें.
नशा मुक्त भारत का निर्माण
इस दौरान उन्होंने ये भी कहा कि प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री की इस महत्वपूर्ण पहल को जन-आंदोलन का स्वरूप देने के लिए सभी को मिशन भावना के साथ कार्य करना होगा. उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राएं जागरूक नागरिक के रूप में नशा मुक्त भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे.
नशा मुक्ति विषयक पोस्टर प्रतियोगिता
अभियान के अंतर्गत नशा मुक्ति विषयक पोस्टर प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया, जिसमें छात्र-छात्राओं ने अपनी रचनात्मक एवं कलात्मक अभिव्यक्तियों के माध्यम से नशे के दुष्परिणामों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करते हुए समाज को जागरूक करने का संदेश दिया.
कौन-कौन मौजूद रहा?
कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के कुलसचिव विनय कुमार सिंह एवं वित्त अधिकारी पूर्णेन्दु शुक्ल, विभिन्न संकायाध्यक्ष, आचार्य, शिक्षकगण, प्रशासनिक अधिकारी एवं बड़ी संख्या में एनसीसी कैडेट के साथ छात्र-छात्राओं ने सहभागिता की.
इतिहास संस्कृति एवं पुरातत्व विभाग में नवप्रवेशित छात्रों का ओरियण्टेशन कार्यक्रम
वहीं कुलपति डां. बिजेन्द्र सिंह के मार्गदर्शन मे इतिहास संस्कृति एवं पुरातत्व विभाग में नवप्रवेशित छात्र-छात्राओं का ओरियण्टेशन किया गया. नवप्रवेशित छात्र-छात्राओं द्वारा अपना परिचय दिया गया तथा विभाग के प्राध्यापकों ने छात्र-छात्राओं को अपना परिचय दिया. इस अवसर पर डाॅ. संजय चौधरी तथा डां. राजेश कुमार सिंह ने ओरियण्टेशन व्याख्यान दिए. डां. राजेश कुमार सिंह ने ओरियण्टेशन दिवस तथा गुरू पूर्णिमा के एक ही दिन पड़ने को एक अच्छा संकेत बताया. उन्होंने छात्रों को प्रतियोगी परीक्षाओं मे सफल होने के गुण बताए. उन्होंने इतिहास अध्ययन के गुणों को समझाया.
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डां. सिंह ने ए.आई. के उपयोग पर प्रकाश डाला. उन्होंने बताया कि इतिहास में बहुत से सांकेतिक साक्ष्य हुआ करते हैं जैसे रामायण मे वानर सेना तथा रीछ सेना आदि का उल्लेख. उन्होंने नवप्रवेशित छात्र-छात्राओं को सचेत किया कि आपकी सफलता आपकी सामाजिक प्रतिष्ठा का निर्धारण करेगी. सभी को अपने व्यक्तित्व निर्माण के लिए वैज्ञानिक शिक्षा ग्रहण करना होगा. इस अवसर पर भारत के अन्य क्षेत्रों के विश्वविद्यालयों में भी गुजरात माडल लागू किए जाने की चर्चा की और छात्रों को कम मानदेय मे शैक्षणिक कार्य करने कों बाध्य शिक्षकों के बारे में भी जानकारी दी. उन्होंने भौतिक रूप से विभाग में उपस्थित रहते हुए अपने गुरूजनों से संवाद करने की आवश्यकता पर बल दिया. इस अवसर पर विभाग के शोधछात्र ज्ञानप्रकाश तिवारी, ऊषा वर्मा, अमरेश्वर सिंह, विकास वर्मा और सूरज सिंह उपलब्ध रहे जिन्होंने नवप्रवेशित छात्र-छात्राओं को परिसर का भ्रमण कराया.


