MP Weather Update 21 September 2026: मध्य प्रदेश में मानसून की गतिविधियां अभी पूरी तरह कमजोर नहीं हुई हैं. मौसम केंद्र भोपाल की ओर से जारी पूर्वानुमान के अनुसार सोमवार, 21 सितंबर 2026 को प्रदेश के कई जिलों में बारिश या गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं. कुछ जिलों में बारिश की गतिविधियां अधिक रहने की संभावना है, जबकि अनूपपुर, डिंडोरी, मंडला और बालाघाट में भारी बारिश के साथ गरज-चमक और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटा की झोंकेदार हवाओं की चेतावनी जारी की गई है.
21 सितंबर को कैसा रहेगा मध्य प्रदेश का मौसम
मौसम केंद्र भोपाल के अनुसार 21 सितंबर को प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में बारिश का वितरण अलग रह सकता है. भोपाल, विदिशा, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, बुरहानपुर, खंडवा, खरगोन, बड़वानी, अलीराजपुर, झाबुआ, धार, इंदौर, रतलाम, उज्जैन, देवास, शाजापुर, आगर, मंदसौर, नीमच, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना, श्योपुर, सिंगरौली, सीधी, रीवा, मऊगंज, सतना, टीकमगढ़, निवाड़ी और मैहर में कहीं-कहीं बारिश या गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने का पूर्वानुमान है.
वहीं शहडोल, उमरिया, कटनी, जबलपुर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, पन्ना, दमोह, सागर, छतरपुर और पांढुर्णा में कुछ स्थानों पर बारिश की संभावना जताई गई है. अनूपपुर, डिंडोरी, मंडला और बालाघाट में अनेक स्थानों पर बारिश हो सकती है.
इन जिलों में भारी बारिश की चेतावनी
21 सितंबर के लिए अनूपपुर, डिंडोरी, मंडला और बालाघाट में भारी बारिश के साथ गरज-चमक और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटा की झोंकेदार हवाओं की चेतावनी है. इन क्षेत्रों में मौसम खराब होने के दौरान खुले स्थानों पर रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की जरूरत रहेगी.
इसके अलावा प्रदेश के बड़े हिस्से में गरज-चमक, आकाशीय बिजली और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटा की झोंकेदार हवाओं का असर देखने को मिल सकता है. इस चेतावनी में भोपाल से लेकर मालवा, बुंदेलखंड, विंध्य, महाकौशल और ग्वालियर-चंबल क्षेत्र के कई जिले शामिल हैं.
मौसम में बदलाव की वजह
मौसम विभाग के अनुसार पश्चिमी मध्य प्रदेश और उससे लगे पूर्वी राजस्थान के ऊपर बना ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण अब दक्षिण-पश्चिम मध्य प्रदेश और आसपास के क्षेत्र में मौजूद है. इसके अलावा बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना निम्न दबाव क्षेत्र पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ रहा है. इसके 21 सितंबर को अवदाब और 22 सितंबर को गहरे अवदाब में बदलने की संभावना जताई गई है.
भोपाल में कैसा रहेगा मौसम
भोपाल और आसपास के क्षेत्रों के लिए 21 सितंबर की सुबह 8:30 बजे तक आंशिक रूप से बादल छाए रहने तथा गरज-चमक और आकाशीय बिजली के साथ बारिश की संभावना है. यहां औसत हवा की गति 10 से 12 किलोमीटर प्रति घंटा और अधिकतम तथा न्यूनतम तापमान क्रमशः 32 और 23 डिग्री सेल्सियस रहने का पूर्वानुमान है.
पिछले 24 घंटे में कहां हुई बारिश
20 सितंबर को सुबह 8:30 बजे तक के आंकड़ों के अनुसार शहडोल और सागर संभागों के जिलों में अनेक स्थानों पर बारिश दर्ज की गई. भोपाल, नर्मदापुरम, ग्वालियर, रीवा और जबलपुर संभागों में कुछ स्थानों पर तथा इंदौर, उज्जैन और चंबल संभागों में कहीं-कहीं बारिश हुई.
नरसिंहपुर में 103.0 मिलीमीटर, चंदेरी में 95.0 मिलीमीटर, नौरोजाबाद में 72.8 मिलीमीटर और सिरोंज में 70.0 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई. यह पिछले 24 घंटे के प्रमुख वर्षा आंकड़ों में शामिल हैं.
तापमान की स्थिति
प्रदेश में पिछले 24 घंटे के दौरान अधिकतम तापमान में कोई खास बदलाव नहीं हुआ. चंबल संभाग के जिलों में अधिकतम तापमान सामान्य से 3.5 डिग्री सेल्सियस तक कम रहा, जबकि उज्जैन और ग्वालियर संभागों में यह सामान्य से 2.6 से 2.8 डिग्री सेल्सियस कम रहा. न्यूनतम तापमान शहडोल संभाग में सामान्य से 2.6 डिग्री सेल्सियस अधिक रहा.
20 सितंबर को प्रदेश में सबसे अधिक अधिकतम तापमान 34.3 डिग्री सेल्सियस नर्मदापुरम में और सबसे कम न्यूनतम तापमान 18.8 डिग्री सेल्सियस खरगोन में दर्ज किया गया.
बारिश और तेज हवाओं का क्या असर हो सकता है
भारी बारिश वाले इलाकों में निचले क्षेत्रों में जलभराव और अंडरपास में पानी भरने की स्थिति बन सकती है. नदी, नालों और मौसमी जलधाराओं का जलस्तर बढ़ने से निचले पुलों और सड़कों पर आवागमन प्रभावित हो सकता है. नदी तटबंधों में कटाव की संभावना भी मौसम विभाग ने बताई है.
तेज हवाओं और आकाशीय बिजली के कारण पेड़, बिजली के तार और निर्माण स्थलों के आसपास जोखिम बढ़ सकता है. वाहन चालकों को बारिश के दौरान धीमी गति से वाहन चलाने और पुलों तथा खुली ऊंची सड़कों पर सावधानी बरतने की सलाह दी गई है.
लोगों के लिए जरूरी सावधानियां
गरज-चमक के दौरान घर के अंदर रहें और पेड़ या बिजली के खंभे के नीचे आश्रय न लें. बिजली की गतिविधि के समय विद्युत और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को बिजली के स्रोत से अलग करना उचित है. तालाब, नदी और अन्य जलस्रोतों से दूर रहें. मौसम खराब होने पर संभव हो तो यात्रा टालें. मौसम विभाग और स्थानीय प्रशासन की ओर से जारी आधिकारिक चेतावनियों पर नजर बनाए रखें.
किसानों को भारी बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं के दौरान सिंचाई तथा खरपतवारनाशी, कीटनाशी और उर्वरकों का छिड़काव नहीं करने की सलाह दी गई है. निचले खेतों में जल निकासी की उचित व्यवस्था करने, सब्जियों और युवा फलदार पौधों को सहारा देने तथा कटी हुई उपज, बीज, उर्वरक और कृषि यंत्रों को सूखी और सुरक्षित जगह रखने की सलाह भी दी गई है.
FAQ
1. 21 सितंबर को मध्य प्रदेश में बारिश होगी?
हां. कई जिलों में कहीं-कहीं, कुछ जिलों में कुछ स्थानों पर और अनूपपुर, डिंडोरी, मंडला तथा बालाघाट में अनेक स्थानों पर बारिश की संभावना है.
2. किन जिलों में भारी बारिश की चेतावनी है?
अनूपपुर, डिंडोरी, मंडला और बालाघाट में भारी बारिश के साथ गरज-चमक और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटा की झोंकेदार हवाओं की चेतावनी है.
3. क्या आकाशीय बिजली का भी खतरा है?
हां. कई जिलों में गरज-चमक और आकाशीय बिजली के साथ बारिश की संभावना जताई गई है. ऐसे मौसम में खुले मैदान, पेड़ और बिजली के खंभों से दूर रहना चाहिए.
4. भोपाल में 21 सितंबर को तापमान कितना रह सकता है?
भोपाल और आसपास अधिकतम तापमान 32 डिग्री और न्यूनतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है.
5. किसानों को सबसे ज्यादा किस बात का ध्यान रखना चाहिए?
भारी बारिश और तेज हवा के दौरान खेतों में सिंचाई तथा दवाओं और उर्वरकों के छिड़काव से बचना चाहिए. खेतों में जल निकासी की व्यवस्था और फसलों को तेज हवा से बचाने के उपाय करने की सलाह दी गई है.
स्रोत: भारत मौसम विज्ञान विभाग, मौसम केंद्र भोपाल, मध्य प्रदेश


