Ayodhya News: डॉ. राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय के कौटिल्य प्रशासनिक भवन सभागार में कुलपति डॉ. बिजेंद्र सिंह की अध्यक्षता में एक अत्यंत आवश्यक बैठक हाइब्रिड मोड (ऑनलाइन एवं ऑफलाइन) में आयोजित की गई. इस बैठक में विश्वविद्यालय और उससे संबद्ध महाविद्यालयों के मध्य शैक्षणिक व प्रशासनिक समन्वय को सुदृढ़ करने तथा आगामी सत्र की रूपरेखा पर विस्तृत चर्चा हुई. बैठक में कुलपति ने वृहद वृक्षारोपण अभियान के लिए निर्देश दिया कि आगामी 12 जुलाई को आयोजित होने वाले वृक्षारोपण कार्यक्रम में सभी संबद्ध महाविद्यालय अपनी सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करेंगे.
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कार्यक्रम संपन्न होने के तत्काल बाद सभी संस्थानों को इसका एक संक्षिप्त रिपोर्ट विश्वविद्यालय को अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराना होगा. नए शैक्षणिक सत्र 2026–27 के लिए प्रवेश प्रक्रिया, छात्र नामांकन और सत्र के समयबद्ध संचालन की गहन समीक्षा की गई. कक्षाओं के नियमित संचालन, छात्रों की न्यूनतम उपस्थिति सुनिश्चित करने और घोषित एकेडमिक कैलेंडर का शत-प्रतिशत अनुपालन करने के निर्देश दिए गए.
कुलपति ने निर्देश दिया कि सभी प्रायोगिक परीक्षाओं को शीघ्र संपन्न कराकर उनके अंक समयबद्ध रूप से विश्वविद्यालय के पोर्टल पर अपलोड किए जाएं, ताकि छात्र-छात्राओं के परीक्षा परिणाम समय पर घोषित किए जा सकें और उनका सत्र विलंबित न हो.
छात्र विवरण और प्रवेश संबंधी आंकड़ों में सीटों की संख्या केवल स्वीकृत सीटों के अनुरूप ही अंकित और सत्यापित की जाए. विश्वविद्यालय द्वारा संचालित ऑनलाइन पोर्टलों, डिजिटल सेवाओं और ई-गवर्नेंस प्रणाली के प्रभावी उपयोग की समीक्षा की गई. इसके साथ ही, शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के लिए महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तार से रणनीति बनाई गई. सत्र को छात्र-अनुकूल बनाने के लिए एंटी-रैगिंग, लैंगिक संवेदनशीलता, साइबर सुरक्षा और शिकायत निवारण तंत्र को मजबूत करने पर बल दिया गया. इसके अलावा, महाविद्यालयों में कौशल विकास, इंटर्नशिप, अप्रेंटिसशिप, प्लेसमेंट, स्टार्टअप, उद्योग-संस्थान सहयोग, शोध, नवाचार और बौद्धिक संपदा अधिकार को बढ़ावा देने के लिए प्रेरित किया गया.
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कुलपति ने सभी को निर्देशित किया कि विश्वविद्यालय और संबद्ध महाविद्यालयों का यह दायित्व है कि वे शासन और विश्वविद्यालय द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का समय-सीमा के भीतर अक्षरशः अनुपालन करें. हमारा उद्देश्य छात्रों को समय पर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, पारदर्शी परीक्षा प्रणाली और सुरक्षित माहौल देना है. बैठक के अंत में विभिन्न महाविद्यालयों के प्राचार्यों द्वारा दिए गए सुझावों और उनकी समस्याओं को सुना गया तथा उनके त्वरित समाधान पर विचार-विमर्श किया गया. बैठक में वित्त अधिकारी पूर्णेन्दु शुक्ल, कुलसचिव विनय कुमार सिंह, डीन, विभागाध्यक्ष और संबद्ध कॉलेजों के प्राचार्य ऑनलाइन माध्यम से उपस्थित रहे.


