Banda-Bahraich Highway four lanes: उत्तर प्रदेश में सड़को का विकास तेजी से हो रहा है, ताकि यहां पर बड़ी-बड़ी कंपनियों को अपने तरह आकर्षित किया जा सके. ताकि यहां पर रोजगार की संभावना और बढ़ जाए. आपको बता दें कि यूपी देश का एकलौता ऐसा राज्य जहां पर सबसे अधिक हाईवे हैं. इसी क्रम में एक और हाईवे को फोरलेन किया जाएगा.
बांदा-बहराइच हाईवे होगा फोरलेन
बाराबंकी से रायबरेली तक फैले बांदा-बहराइच राजकीय राजमार्ग को वर्ष 2030 तक तीन चरणों में फोरलेन बनाने की तैयारी तेज हो गई है. लगभग 58.2 किलोमीटर लंबे इस राजमार्ग के चौड़ीकरण से अयोध्या और पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के बीच सीधी और सुगम कनेक्टिविटी स्थापित होगी.
राज्य राजधानी क्षेत्र (SCR) में बाराबंकी के शामिल होने के बाद से ही इस स्टेट हाईवे पर वाहनों का यातायात दबाव काफी बढ़ गया है. अयोध्या और पूर्वांचल एक्सप्रेसवे की तरफ जाने वाले वाहनों की बड़ी संख्या को देखते हुए लोक निर्माण विभाग (PWD) प्रांतीय खंड ने इसे चार वर्षों के भीतर फोरलेन करने का प्रस्ताव तैयार किया है.
तीन चरणों में पूरा होगा निर्माण कार्य
पहला चरण (बाराबंकी से भानमऊ)
प्रांतीय खंड ने पहले चरण के तहत बाराबंकी से भानमऊ तक के 16 किलोमीटर लंबे मार्ग को फोरलेन बनाने का प्रस्ताव शासन को भेज दिया है. इस मार्ग पर दोनों तरफ नालों का निर्माण होगा और डिवाइडर सहित सड़क की कुल चौड़ाई 27 मीटर रखी जाएगी.
दूसरा चरण (भानमऊ से नईसड़क)
दूसरे चरण में भानमऊ से नईसड़क तक 20 किलोमीटर लंबा हाईवे तैयार किया जाएगा. इसे वर्ष 2028 तक पूरा करने की योजना है.
तीसरा चरण (नईसड़क से कुंभी तरौंजा गांव)
अंतिम चरण में नईसड़क से हैदरगढ़ के दौलतपुर स्थित पूर्वांचल एक्सप्रेसवे अंडरपास तक लगभग 8 किलोमीटर और वहां से रायबरेली की सीमा पर स्थित कुंभी तरौंजा गांव तक करीब 13 किलोमीटर सड़क को फोरलेन किया जाएगा. इस 21 किलोमीटर लंबे हिस्से का निर्माण 2029 से 2030 के बीच पूरा करने का लक्ष्य है.
सड़क हादसों में आएगी कमी, सफर होगा सुगम
लोक निर्माण विभाग प्रांतीय खंड के अधिशाषी अभियंता अजीत सोनकर ने बताया कि बांदा-बहराइच मार्ग पर लगातार बढ़ रहे ट्रैफिक को ध्यान में रखते हुए यह प्रस्ताव तैयार किया गया है. मार्ग के चौड़ीकरण और फोरलेन बनने से न केवल क्षेत्र की यातायात व्यवस्था सुदृढ़ होगी, बल्कि हादसों में कमी आएगी और यात्रियों के समय की बचत होगी.


