स्टार्टअप्स के लिए संस्थागत वित्त तक पहुंच आसान बनाने के उद्देश्य से वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (DPIIT) ने Credit Guarantee Scheme for Startups (CGSS) लागू की है. यह योजना पहली बार 6 अक्टूबर 2022 को अधिसूचित की गई थी, जबकि इसका संशोधित संस्करण 8 मई 2025 से प्रभावी है.
इस योजना के तहत पात्र DPIIT-मान्यता प्राप्त स्टार्टअप्स को बिना किसी कोलेटरल के विभिन्न प्रकार के ऋण उपलब्ध कराने के लिए सरकार गारंटी प्रदान करती है. इससे बैंकों और अन्य वित्तीय संस्थानों का जोखिम कम होता है और स्टार्टअप्स को ऋण मिलने की संभावना बढ़ जाती है.
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क्या है Credit Guarantee Scheme for Startups (CGSS)?
CGSS एक सरकारी क्रेडिट गारंटी योजना है, जिसके अंतर्गत सरकार पात्र स्टार्टअप्स को दिए गए ऋण पर निर्धारित सीमा तक गारंटी देती है. यह गारंटी National Credit Guarantee Trustee Company (NCGTC) के माध्यम से संचालित की जाती है.
योजना का उद्देश्य नवाचार आधारित स्टार्टअप्स को औपचारिक वित्तीय सहायता उपलब्ध कराना और उन्हें व्यवसाय विस्तार, नई तकनीक अपनाने तथा रोजगार सृजन के लिए प्रोत्साहित करना है.
किन प्रकार के लोन को मिलता है लाभ?
योजना के अंतर्गत कई प्रकार की ऋण सुविधाओं को शामिल किया गया है, जैसे:
- Venture Debt
- Working Capital Loan
- Subordinated Debt
- Mezzanine Debt
- Debentures
- Fund Based Credit Facilities
- Non-Fund Based Facilities जो बाद में ऋण में परिवर्तित होती हैं
कितनी सरकारी गारंटी मिलेगी?
योजना के तहत गारंटी की सीमा ऋण राशि के अनुसार तय की गई है.
- ₹10 करोड़ तक के ऋण पर डिफॉल्ट राशि का 85% तक गारंटी कवर
- ₹10 करोड़ से अधिक और ₹20 करोड़ तक के ऋण पर 75% तक गारंटी कवर
- प्रति स्टार्टअप अधिकतम ₹20 करोड़ तक का गारंटी कवर
योजना के प्रमुख लाभ
CGSS के तहत पात्र स्टार्टअप्स को कई महत्वपूर्ण लाभ मिलते हैं.
- बिना कोलेटरल के ऋण प्राप्त करने में सुविधा
- बैंकों और वित्तीय संस्थानों का जोखिम कम
- कार्यशील पूंजी और व्यवसाय विस्तार के लिए आसान वित्त उपलब्ध
- Venture Debt जैसे वैकल्पिक वित्त विकल्पों को बढ़ावा
- महिला उद्यमियों, उत्तर-पूर्व क्षेत्र और 27 Champion Sectors के लिए रियायती गारंटी शुल्क
- मौजूदा CGSS ऋण के पुनर्गठन और बढ़ोतरी की सुविधा
- स्टार्टअप इकोसिस्टम में औपचारिक वित्त की उपलब्धता बढ़ना
कौन आवेदन कर सकता है?
इस योजना का लाभ लेने के लिए निम्न पात्रता आवश्यक है.
- स्टार्टअप को DPIIT द्वारा मान्यता प्राप्त होना चाहिए.
- किसी बैंक या वित्तीय संस्था का डिफॉल्टर नहीं होना चाहिए.
- RBI के अनुसार NPA घोषित नहीं होना चाहिए.
- संबंधित Member Institution द्वारा पात्रता प्रमाणित होनी चाहिए.
- स्टार्टअप वही व्यवसाय संचालित कर रहा हो जिसके लिए ऋण लिया जा रहा है.
- योजना की अन्य सभी शर्तों का पालन करना आवश्यक है.
आवेदन कैसे करें?
स्टार्टअप्स JanSamarth Portal के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं.
आवेदन प्रक्रिया
- JanSamarth Portal पर पंजीकरण या लॉगिन करें.
- “Check Eligibility” विकल्प से अपनी पात्रता जांचें.
- Startup Loan आवेदन फॉर्म भरें.
- PAN, DPIIT Recognition Number, GSTIN तथा व्यवसाय संबंधी जानकारी दर्ज करें.
- आवश्यक दस्तावेज अपलोड करें.
- आवश्यक ऋण राशि और उद्देश्य दर्ज करें.
- उपलब्ध बैंकों में से अपनी पसंद का बैंक और शाखा चुनें.
- आवेदन जमा करें.
- बैंक द्वारा जांच के बाद स्वीकृति मिलने पर ऋण वितरित किया जाएगा और बैंक CGSS गारंटी के लिए आवेदन करेगा.
आवश्यक दस्तावेज
आवेदन के समय सामान्यतः निम्न दस्तावेजों की आवश्यकता होगी.
- DPIIT Recognition Certificate
- Certificate of Incorporation या Registration
- Startup का PAN Card
- प्रमोटर या निदेशकों के KYC दस्तावेज
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किन संस्थानों के माध्यम से मिलता है लाभ?
इस योजना के तहत कई प्रकार की सदस्य वित्तीय संस्थाएं (Member Institutions) भाग लेती हैं, जिनमें शामिल हैं:
- अनुसूचित वाणिज्यिक बैंक
- चयनित NBFC
- वित्तीय संस्थान
- SEBI-पंजीकृत AIF आधारित Venture Debt Funds
इन संस्थानों के माध्यम से पात्र स्टार्टअप्स को ऋण उपलब्ध कराया जाता है.
Source: Ministry Of Commerce And Industry


