Delhi Meerut Expressway Variable Speed Limit: दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर सफर करने वाले यात्रियों के लिए बड़ी खबर है. एक्सप्रेसवे पर जाम से मुक्ति पाने और हादसों को रोकने के लिए अब ‘वैरिएबल स्पीड लिमिट’ (Variable Speed Limit) मॉडल लागू करने की तैयारी की जा रही है.
अब तक एक्सप्रेसवे पर पूरे दिन के लिए एक ही स्थायी स्पीड लिमिट होती थी, लेकिन नए नियम के तहत 24 घंटे को तीन हिस्सों में बांटकर समय और वाहनों की श्रेणियों (कार और भारी वाहन) के हिसाब से अलग-अलग रफ्तार तय की जाएगी. केंद्रीय सड़क अनुसंधान संस्थान (CRRI) संसदीय समिति की संस्तुति पर 15 अगस्त से इसका 3 महीने का अध्ययन शुरू करने जा रहा है.
यह अध्ययन शुरुआती चरण में सराय काले खां से अक्षरधाम के बीच किया जाएगा, जिसे बाद में गाजीपुर बॉर्डर तक बढ़ाया जाएगा.
किस समय कितनी होगी गाड़ियों की स्पीड?
| समय | कार की स्पीड लिमिट | भारी वाहन की स्पीड लिमिट |
|---|---|---|
| रात 12 बजे से सुबह 7 बजे तक | 65 किमी/घंटा | 50 किमी/घंटा |
| सुबह 7 बजे से शाम 5 बजे तक | 55 किमी/घंटा | 45 किमी/घंटा |
| शाम 5 बजे से रात 12 बजे तक | 60 किमी/घंटा | 40 किमी/घंटा |
क्यों लिया गया यह फैसला?
CRRI द्वारा जुलाई 2024 में किए गए एक सर्वे में सामने आया था कि दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर 80% ट्रैफिक कारों का और 20% ट्रैफिक भारी व अन्य प्रतिबंधित वाहनों का है. सुबह 7 बजे से एक्सप्रेसवे पर गाड़ियों का दबाव बढ़ना शुरू होता है, जो शाम 7 बजे के बाद ही कम होता है. गाजियाबाद की ओर से 100 किमी/घंटा की स्पीड से आने वाले वाहन अक्षरधाम के पास आकर अचानक ट्रैफिक जाम में फंस जाते हैं. ब्रिटेन, अमेरिका और जर्मनी जैसे देशों में यह टाइम-बेस्ड स्पीड मॉडल बेहद सफल साबित हुआ है.
अध्ययन के दौरान नहीं कटेगा चालान
वाहन चालकों को राहत देते हुए स्पष्ट किया गया है कि इस 3 महीने के स्टडी पीरियड के दौरान अगर कोई इस नई गति सीमा का पालन नहीं करता है, तो उसका नया चालान नहीं कटेगा. दिल्ली ट्रैफिक पुलिस चालान की पुरानी व्यवस्था ही लागू रखेगी.
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डिजिटल बोर्ड और कैमरों से रखी जाएगी नजर
तैयारियों के तहत अक्षरधाम मंदिर और पांडव नगर के पास फुटओवर ब्रिज पर दोनों तरफ डिजिटल डिस्प्ले बोर्ड (VMS) लगा दिए गए हैं. ये बोर्ड NHAI के कंट्रोल रूम से जुड़े होंगे, जहां से समय के अनुसार स्पीड बदल जाएगी. भ्रम से बचने के लिए पुराने स्पीड लिमिट वाले बोर्डों को ढंक दिया गया है. सकारात्मक परिणाम आने के बाद इस योजना को एक्सप्रेसवे पर स्थायी रूप से लागू करने के लिए अंतिम रिपोर्ट भेजी जाएगी.


