दिल्ली में शुरू होगा वोटर लिस्ट का बड़ा अभियान
राजधानी दिल्ली में मतदाता सूची को अपडेट करने के लिए चुनाव आयोग बड़ा सत्यापन अभियान शुरू करने जा रहा है. इस अभियान के तहत बूथ लेवल ऑफिसर यानी BLO घर-घर जाकर मतदाताओं की जानकारी की जांच करेंगे. अधिकारियों का कहना है कि इसका मकसद फर्जी, डुप्लीकेट और पुराने रिकॉर्ड हटाकर मतदाता सूची को अधिक सटीक बनाना है. हाल के वर्षों में कई राज्यों में विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision) अभियान चलाया गया था और अब दिल्ली में भी इसी तरह की प्रक्रिया को तेज किया जा रहा है.
चुनाव आयोग के मुताबिक यह प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी तरीके से होगी और अंतिम मतदाता सूची जारी होने से पहले लोगों को आपत्ति और सुधार का मौका भी दिया जाएगा. BLO लोगों के घर जाकर नाम, पता, उम्र और अन्य जरूरी जानकारियों का मिलान करेंगे.
आखिर क्यों हो रहा है यह सत्यापन?
दिल्ली में लगातार जनसंख्या बदलाव, किरायेदारों की आवाजाही और नए मतदाताओं के जुड़ने की वजह से वोटर लिस्ट में कई तरह की गड़बड़ियां सामने आती रही हैं. चुनाव आयोग का मानना है कि समय-समय पर सूची का पुनरीक्षण जरूरी है ताकि केवल पात्र नागरिकों के नाम ही सूची में बने रहें.
इसके अलावा आयोग मृत, स्थानांतरित या डुप्लीकेट मतदाताओं के नाम हटाने पर भी जोर दे रहा है. यही कारण है कि BLO को विशेष अभियान चलाने और घर-घर जाकर सत्यापन करने के निर्देश दिए गए हैं.
इन 5 वजहों से वोटर लिस्ट से हट सकता है नाम
1. दूसरे इलाके में शिफ्ट हो जाना
यदि कोई व्यक्ति लंबे समय से अपने पुराने पते पर नहीं रह रहा है और दूसरे इलाके या राज्य में शिफ्ट हो चुका है, तो उसका नाम पुराने क्षेत्र की वोटर लिस्ट से हटाया जा सकता है. चुनाव आयोग निवास के आधार पर मतदाता सूची तैयार करता है, इसलिए पता बदलने पर रिकॉर्ड अपडेट कराना जरूरी होता है.
2. डुप्लीकेट एंट्री मिलना
कई बार लोगों के नाम दो अलग-अलग क्षेत्रों की वोटर लिस्ट में दर्ज पाए जाते हैं. सत्यापन के दौरान ऐसी डुप्लीकेट एंट्री मिलने पर एक नाम हटाया जा सकता है. आयोग का फोकस ऐसी गड़बड़ियों को कम करने पर है ताकि मतदान प्रक्रिया अधिक निष्पक्ष बन सके.
3. मृत मतदाताओं का रिकॉर्ड अपडेट होना
यदि किसी मतदाता की मृत्यु हो चुकी है लेकिन उसका नाम अभी भी सूची में मौजूद है, तो जांच के बाद उसे हटाया जा सकता है. BLO स्थानीय जानकारी और दस्तावेजों के आधार पर ऐसे मामलों की पुष्टि करेंगे.
4. गलत जानकारी या अधूरे दस्तावेज
अगर किसी मतदाता की जानकारी अधूरी पाई जाती है या दस्तावेजों में गड़बड़ी मिलती है, तो नाम हटने की संभावना बढ़ सकती है. चुनाव आयोग समय-समय पर पहचान और पते से जुड़े रिकॉर्ड की जांच करता है.
5. सत्यापन के दौरान अनुपस्थित मिलना
यदि BLO कई बार घर पहुंचने के बावजूद किसी मतदाता का सत्यापन नहीं कर पाते और पड़ोस से भी स्पष्ट जानकारी नहीं मिलती, तो रिकॉर्ड को संदेहास्पद माना जा सकता है. ऐसे मामलों में आगे जांच की जाती है और जरूरत पड़ने पर नाम हटाने की प्रक्रिया शुरू हो सकती है.
क्या करना चाहिए ताकि नाम न कटे?
विशेषज्ञों का कहना है कि लोगों को अपने वोटर रिकॉर्ड समय-समय पर जांचते रहना चाहिए. यदि पता बदला है या कोई जानकारी गलत है, तो उसे तुरंत अपडेट कराना चाहिए. BLO के घर आने पर सही जानकारी और दस्तावेज उपलब्ध कराना भी जरूरी है.
मतदाता ऑनलाइन पोर्टल के जरिए भी अपना नाम चेक कर सकते हैं और जरूरत पड़ने पर सुधार के लिए आवेदन कर सकते हैं. चुनाव आयोग का कहना है कि अंतिम सूची जारी होने से पहले लोगों को दावा और आपत्ति दर्ज कराने का पूरा अवसर दिया जाएगा.
दिल्ली में कितने BLO करेंगे काम?
रिपोर्ट्स के मुताबिक दिल्ली में हजारों BLO इस अभियान में शामिल होंगे. वे अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों में जाकर मतदाताओं का भौतिक सत्यापन करेंगे. अधिकारियों का दावा है कि इससे वोटर लिस्ट अधिक सटीक और अपडेटेड बनेगी.
राजनीतिक माहौल भी हुआ गर्म
मतदाता सूची पुनरीक्षण को लेकर राजनीतिक बहस भी तेज हो गई है. विपक्षी दलों ने कई राज्यों में बड़े पैमाने पर नाम हटाने को लेकर सवाल उठाए हैं, जबकि चुनाव आयोग लगातार यह कह रहा है कि पूरी प्रक्रिया नियमों और कानूनी प्रावधानों के तहत की जा रही है. आयोग का कहना है कि किसी भी नाम को हटाने से पहले उचित जांच और प्रक्रिया का पालन किया जाता है.
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क्या करें अगर वोटर लिस्ट से नाम हट जाए?
यदि किसी व्यक्ति को पता चलता है कि उसका नाम वोटर लिस्ट से हट गया है, तो वह संबंधित निर्वाचन कार्यालय में आवेदन दे सकता है. इसके अलावा ऑनलाइन पोर्टल और फॉर्म के जरिए भी नाम दोबारा जुड़वाने की प्रक्रिया उपलब्ध रहती है. अधिकारियों का कहना है कि लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है, बल्कि समय रहते रिकॉर्ड जांचना सबसे जरूरी है.


