दिवाली 2026: दिवाली नजदीक आते ही बाजारों में पटाखों की खरीदारी शुरू हो जाती है लेकिन पटाखे खरीदते समय सिर्फ कीमत और आवाज पर ध्यान देना भारी पड़ सकता है. देश में आतिशबाजी को लेकर सुरक्षा, ध्वनि और प्रदूषण से जुड़े कई नियम लागू हैं. ऐसे में कोई भी पटाखा खरीदने से पहले यह देखना जरूरी है कि वह अधिकृत है या नहीं और उसके इस्तेमाल को लेकर आपके शहर या राज्य में क्या नियम लागू हैं.
इस साल भी पटाखों को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने पूर्ण प्रतिबंध और 24 घंटे पटाखे चलाने की अनुमति, दोनों से अलग संतुलित व्यवस्था की बात कही है. कोर्ट ने संकेत दिया है कि केवल तय श्रेणी के पटाखों को निर्धारित समय में चलाने की अनुमति दी जा सकती है. हालांकि दिल्ली-NCR के लिए इस साल अंतिम समय और पटाखों की श्रेणी से जुड़े निर्देशों पर आगे फैसला होना बाकी है.
पटाखे खरीदते समय सबसे पहले क्या देखें
पटाखे हमेशा अधिकृत और भरोसेमंद विक्रेता से ही खरीदने चाहिए. Petroleum and Explosives Safety Organisation यानी PESO भी लोगों को लाइसेंस प्राप्त और विश्वसनीय विक्रेताओं से पटाखे खरीदने की सलाह देता है. पैकेट पर निर्माता से जुड़ी जानकारी और जरूरी सुरक्षा निर्देश जरूर देखें.
ग्रीन पटाखों के मामले में पैकेट पर संबंधित पहचान और प्रमाणन की जानकारी देखना खास तौर पर जरूरी है. केवल पैकेट पर ‘ग्रीन’ लिखे होने से किसी पटाखे को स्वतः प्रमाणित नहीं माना जाना चाहिए.
तेज आवाज वाले पटाखों से रहें सावधान
पटाखों की आवाज को लेकर भी नियम हैं. Explosives Rules के तहत निर्धारित सीमा से ज्यादा शोर पैदा करने वाले पटाखों पर रोक है. PESO के अनुसार पटाखों के लिए 4 मीटर की दूरी पर 125 dB(AI) या 145 dB(C) peak से अधिक ध्वनि स्तर की अनुमति नहीं है. जुड़ी हुई आतिशबाजी यानी सीरीज पटाखों के लिए अलग गणना लागू होती है. इसलिए बहुत तेज धमाका करने वाले या संदिग्ध तरीके से तैयार किए गए पटाखों से दूरी रखना बेहतर है.
दिल्ली-NCR में नियमों पर इस साल खास नजर
दिल्ली-NCR में पटाखों को लेकर नियम सामान्य राज्यों की तुलना में ज्यादा सख्त रहे हैं. 2025 में सुप्रीम कोर्ट की अनुमति के तहत केवल NEERI से स्वीकृत ग्रीन पटाखों की बिक्री और इस्तेमाल की शर्त रखी गई थी. बिक्री लाइसेंस प्राप्त दुकानदारों के माध्यम से होनी थी और ऑनलाइन बिक्री पर भी रोक थी.
लेकिन 2026 में सुप्रीम कोर्ट ने 30 सितंबर और 1 अक्टूबर की सुनवाई में साफ किया कि वह न तो पूरी तरह प्रतिबंध लगाने के पक्ष में है और न ही पूरे दिन बिना किसी नियंत्रण के पटाखे चलाने की अनुमति देगा. कोर्ट ने तय समय और अनुमत पटाखों के साथ संतुलित व्यवस्था की ओर संकेत किया है. बारीकियां तय करने के लिए प्रदूषण से जुड़ी रिपोर्ट पर भी विचार किया जा रहा है.
इसलिए दिल्ली-NCR में रहने वाले लोगों को पुराने साल के समय या नियम देखकर इस साल पटाखे नहीं चलाने चाहिए. स्थानीय प्रशासन और सुप्रीम कोर्ट के अंतिम निर्देशों की जानकारी लेना जरूरी होगा.
बच्चों को पटाखे अकेले न दें
पटाखों का इस्तेमाल करते समय बच्चों की सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण है. PESO की सलाह के मुताबिक छोटे बच्चों को अकेले पटाखे नहीं चलाने देना चाहिए. एक समय में एक ही पटाखा जलाना और बाकी लोगों को सुरक्षित दूरी पर रखना बेहतर है. पटाखे जलाने के लिए मोमबत्ती या लंबी अगरबत्ती का इस्तेमाल करने की सलाह दी जाती है.
पटाखे हाथ में लेकर कभी न जलाएं. उन्हें किसी डिब्बे या कंटेनर के अंदर रखकर भी नहीं जलाना चाहिए. उड़ने वाले पटाखों का इस्तेमाल पेड़, बिजली के तार और इमारतों जैसी बाधाओं के आसपास नहीं करना चाहिए.
फुस्स पटाखे को दोबारा न जलाएं
अगर कोई पटाखा जलने के बाद नहीं फूटता है तो उसके पास तुरंत जाकर उसे दोबारा जलाने की कोशिश न करें. PESO की सुरक्षा सलाह के अनुसार ऐसे पटाखे से कम से कम 15 से 20 मिनट दूरी रखने के बाद उसे पानी में भिगो देना चाहिए.
साथ ही घर के अंदर पटाखे चलाने से बचें. खुले और सुरक्षित स्थान का इस्तेमाल करें तथा पास में पानी की बाल्टी रखना भी उपयोगी है.
सिंथेटिक कपड़ों से बचें
पटाखे चलाते समय ढीले और सिंथेटिक कपड़े आग पकड़ने का जोखिम बढ़ा सकते हैं. PESO मोटे सूती कपड़े पहनने और ढीले कपड़ों को सुरक्षित तरीके से रखने की सलाह देता है. पटाखों को जेब में रखकर घूमना भी खतरनाक हो सकता है.
पटाखे खरीदने से पहले यह चेकलिस्ट रखें याद
- केवल अधिकृत और भरोसेमंद विक्रेता से पटाखे खरीदें.
- पैकेट पर निर्माता और सुरक्षा संबंधी जानकारी देखें.
- ग्रीन पटाखों के लिए प्रमाणन और संबंधित पहचान की जांच करें.
- प्रतिबंधित या संदिग्ध पटाखे न खरीदें.
- बहुत तेज आवाज वाले पटाखों से बचें.
- बच्चों को अकेले पटाखे न चलाने दें.
- पटाखे हाथ में लेकर न जलाएं.
- फुस्स पटाखे को तुरंत दोबारा न जलाएं.
- पटाखों को घर के अंदर या ज्वलनशील सामान के पास न रखें.
- अपने शहर या राज्य में लागू स्थानीय समय और प्रतिबंधों का पालन करें.
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दिवाली खुशी और रोशनी का त्योहार है, इसलिए पटाखे खरीदते समय नियमों की जानकारी रखना उतना ही जरूरी है जितना उनकी कीमत या पसंद देखना. खासकर दिल्ली-NCR में इस साल के अंतिम नियमों का इंतजार करना और प्रशासन की ताजा गाइडलाइन के अनुसार ही खरीदारी और इस्तेमाल करना सबसे सुरक्षित विकल्प रहेगा.
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