Bihar News: बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने रविवार को पटना में आयोजित ‘पाटलिपुत्र राष्ट्रीय युवा संसद 2.0’ का उद्घाटन किया. ज्ञान निकेतन स्कूल की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में उन्होंने लोकतंत्र को मजबूत बनाने और देश का भविष्य संवारने में युवाओं की भूमिका को अहम बताया. मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत के लोकतंत्र का भविष्य युवाओं के हाथों में है और सरकार को उनकी सोच, आकांक्षाओं और अपेक्षाओं के अनुरूप काम करना चाहिए.
Gen Z और Gen Alpha के लिए काम करे सरकार
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सम्राट चौधरी ने कहा कि भारत में लोकतंत्र की नींव बिहार से गहराई से जुड़ी हुई है. उन्होंने स्वतंत्रता सेनानियों के योगदान को याद करते हुए कहा कि आजादी से पहले ही उन्होंने लोकतांत्रिक मूल्यों और नए भारत का सपना देखा था.
मुख्यमंत्री ने 1974 के छात्र आंदोलन का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि उस दौर में युवा छात्रों ने देश को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी. आज Gen Z और Gen Alpha की पीढ़ी सामने है, इसलिए सरकार को उनकी सोच और उम्मीदों के अनुसार काम करना चाहिए.
2047 तक विकसित भारत बनाने का लक्ष्य
सम्राट चौधरी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के विजन का जिक्र किया. साथ ही उन्होंने बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के समृद्ध बिहार के सपने को भी याद किया.
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की ताकत जनता से आती है और अगली पीढ़ी को देश की जिम्मेदारी संभालने के लिए तैयार होना होगा.
शिक्षा व्यवस्था पर खर्च हो रहे 18 हजार करोड़ रुपये
मुख्यमंत्री ने बिहार की शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए सरकार की ओर से किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी. उन्होंने बताया कि राज्य सरकार शिक्षा पर करीब 18 हजार करोड़ रुपये खर्च कर रही है. साथ ही बिहार में उच्च शिक्षा के अवसर बढ़ाने की जरूरत पर जोर दिया.
उन्होंने आर्थिक रूप से सक्षम लोगों से अपील की कि वे 125 यूनिट मुफ्त बिजली योजना से मिलने वाले लाभ की राशि शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए दान करें.
700 मॉडल स्कूल और ‘विद्यार्थी साथी’ ऐप का जिक्र
सम्राट चौधरी ने शिक्षा के क्षेत्र में हो रहे बदलावों का उल्लेख करते हुए 700 मॉडल स्कूलों के विकास की बात कही. उन्होंने तकनीक आधारित पहल ‘विद्यार्थी साथी’ ऐप का भी जिक्र किया. इसके जरिए विद्यार्थियों और शिक्षकों के बीच संवाद और समन्वय बेहतर बनाने का प्रयास किया जा रहा है.
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मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को पढ़ाई और ज्ञान हासिल करने पर ध्यान देने की सलाह देते हुए कहा कि ज्ञान ही प्रगति और समृद्धि का रास्ता है. उन्होंने कहा कि एक बार ज्ञान हासिल करने के बाद सफलता की राह में कोई बाधा नहीं बन सकता. कार्यक्रम के अंत में उन्होंने दोहराया कि देश के भविष्य को दिशा देने में युवाओं की सक्रिय भागीदारी सबसे जरूरी है.
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