ऑनलाइन shopping करने वाले करोड़ों consumers से जुड़े नियमों में केंद्र सरकार ने बड़ा बदलाव किया है. उपभोक्ता मामले विभाग ने Consumer Protection (E-Commerce) Rules में संशोधन किया है. नए प्रावधानों में consumer complaints, search results, sponsored listings, price discounts, dark patterns और sellers की जानकारी से जुड़े नियमों को मजबूत किया गया है.
संशोधित नियम 1 जनवरी 2027 से लागू होंगे. सरकार के मुताबिक इन बदलावों का उद्देश्य digital market में consumers की नई और उभरती चिंताओं को दूर करना है. साथ ही कारोबार करने में आसानी को ध्यान में रखते हुए e-commerce companies पर अनावश्यक regulatory burden नहीं डालने की बात कही गई है.
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E-commerce companies को National Consumer Helpline से जुड़ना होगा
संशोधित नियमों के तहत हर e-commerce company को National Consumer Helpline यानी NCH की convergence process में भागीदार बनना होगा. इसका उद्देश्य e-commerce platforms और national consumer grievance redressal system के बीच बेहतर coordination करना है.
आंकड़ों के मुताबिक, 2025 में NCH को कुल 17,71,622 complaints मिली थीं. इनमें 5,11,196 complaints यानी करीब 29 प्रतिशत e-commerce sector से जुड़ी थीं.
नए नियमों के तहत companies को यह भी सुनिश्चित करना होगा कि complainant को उनके grievance officer के पास दर्ज की गई complaint की एक copy उपलब्ध कराई जाए.
Search results में manipulation पर रोक
नए नियम e-commerce platforms पर search results को लेकर भी सख्त होंगे. Companies ऐसे तरीके से search results में manipulation नहीं कर सकेंगी जिससे user गुमराह हो या उसकी search से जुड़े results की relevance प्रभावित हो.
Sponsored listings को भी साफ और prominent तरीके से label करना होगा. इससे consumers को यह समझने में आसानी होगी कि कौन-सी listing सामान्य search result है और कौन-सी paid या sponsored content के तौर पर दिखाई जा रही है.
Discount दिखाने पर पिछली कीमत भी बतानी होगी
अगर किसी product या service की कीमत कम की जाती है, तो e-commerce platform को reduced price के साथ पिछली कीमत भी दिखानी होगी.
नए प्रावधानों के मुताबिक पिछली कीमत से आशय discount की घोषणा से पहले के 30 दिनों के दौरान उस product या service की सबसे कम कीमत से होगा.
इससे consumers को discount claims को समझने और price comparison करने में ज्यादा स्पष्टता मिलने की उम्मीद है.
Dark Patterns पर भी बढ़ेगी जवाबदेही
संशोधित नियमों में Dark Patterns को लेकर भी स्पष्ट प्रावधान किया गया है. E-commerce companies को Dark Patterns की Prevention and Regulation Guidelines, 2023 का पालन करना होगा.
इसके साथ companies को हर साल self-audit करना होगा. उन्हें compliance का certificate भी प्रमुखता से display करना होगा.
Dark patterns से जुड़े प्रावधानों का मकसद ऐसे digital design या practices पर रोक लगाने से है, जो consumer के decision-making को गलत तरीके से प्रभावित कर सकते हैं.
Sellers की जानकारी ज्यादा स्पष्ट करनी होगी
Marketplace e-commerce entities को consumers को informed decision लेने में मदद करने वाली जरूरी जानकारी उपलब्ध करानी होगी.
इसमें product की best before या use before date, return और refund से जुड़ी शर्तें, warranty, delivery और payment से संबंधित जानकारी शामिल है.
इससे खरीदारी करने से पहले consumers को product और transaction से जुड़े जरूरी terms समझने का बेहतर अवसर मिलेगा.
Consumer data के इस्तेमाल पर भी नियम
संशोधित rules में consumer information के इस्तेमाल को लेकर भी प्रावधान शामिल किए गए हैं.
Marketplace companies consumer की information को निर्धारित उद्देश्यों के लिए उसकी स्पष्ट consent के बिना इस्तेमाल नहीं कर सकेंगी. यानी consumer data के उपयोग के लिए consent की आवश्यकता को नियमों में स्पष्ट किया गया है.
इसके अलावा e-commerce platform से असंबंधित services के लिए marketplace entities को bundled fees लेने से भी रोका गया है. हालांकि निर्धारित शर्तों के तहत loyalty या membership programmes के लिए exception रखा गया है.
Imported products पर country of origin बताना जरूरी
Imported goods की बिक्री के मामले में importer की information और country of origin का disclosure भी जरूरी होगा.
इससे consumers को imported products खरीदते समय उनके origin और importer से जुड़ी जानकारी उपलब्ध हो सकेगी.
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सरकार का क्या कहना है?
सरकार ने कहा कि Consumer Protection (E-Commerce) Rules, 2020 को Consumer Protection Act, 2019 के तहत notify किया गया था. 2026 के amendments को बदलते business models, digital practices और consumer expectations को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है.
सरकार के मुताबिक नए नियम digital market को ज्यादा transparent, accountable और consumer-centric बनाने में मदद करेंगे. साथ ही e-commerce businesses के लिए उनकी regulatory responsibilities को लेकर clarity आएगी और companies के लिए समान अवसर वाला माहौल तैयार होगा.


