सोने की कीमतों में लगातार तेजी का सिलसिला जारी है. गुरुवार को मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोने ने नया रिकॉर्ड बनाया और पहली बार 1.49 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर को पार कर गया. घरेलू वायदा बाजार के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने और चांदी की कीमतों में मजबूती देखने को मिली.
कारोबार के दौरान निवेशकों की नजर सोने और चांदी के भाव पर बनी रही, जबकि वैश्विक बाजार में डॉलर इंडेक्स और कच्चे तेल की कीमतों में बदलाव का असर भी कीमती धातुओं पर दिखाई दिया.
MCX पर रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा सोना
MCX पर 5 अक्टूबर 2026 डिलीवरी वाले सोने का वायदा अनुबंध पिछली क्लोजिंग 1,48,493 रुपये प्रति 10 ग्राम के मुकाबले 1,49,029 रुपये प्रति 10 ग्राम पर खुला.
सुबह 10:13 बजे तक यह 850 रुपये यानी 0.57 प्रतिशत की बढ़त के साथ 1,49,343 रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा था.
कारोबार के दौरान सोने ने 1,48,900 रुपये प्रति 10 ग्राम का निचला स्तर और 1,49,525 रुपये प्रति 10 ग्राम का अब तक का उच्चतम स्तर छुआ.
चांदी की कीमतों में भी तेजी
सोने के साथ चांदी की कीमतों में भी मजबूती दर्ज की गई.
MCX पर 4 सितंबर 2026 डिलीवरी वाली चांदी का वायदा अनुबंध पिछली क्लोजिंग 2,27,584 रुपये प्रति किलोग्राम के मुकाबले 2,27,500 रुपये प्रति किलोग्राम पर खुला.
इसके बाद चांदी 336 रुपये यानी 0.15 प्रतिशत की बढ़त के साथ 2,27,920 रुपये प्रति किलोग्राम पर कारोबार करती देखी गई.
दिन के कारोबार में चांदी ने 2,27,008 रुपये प्रति किलोग्राम का निचला स्तर और 2,28,397 रुपये प्रति किलोग्राम का उच्चतम स्तर दर्ज किया.
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोना और चांदी मजबूत
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी कीमती धातुओं में तेजी रही.
कॉमेक्स (COMEX) पर सोना 0.36 प्रतिशत की बढ़त के साथ 4,320 अमेरिकी डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रहा था.
वहीं चांदी 0.12 प्रतिशत की तेजी के साथ 62.36 अमेरिकी डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई.
‘हे कन्हैया याद है कुछ भी हमारी’ का अनसुना सच, श्रीकृष्ण पर लिखी इस कव्वाली की कहानी कर देगी हैरान
कीमतों में तेजी की वजह
बाजार में जारी तेजी के पीछे अमेरिका और ईरान के बीच हमलों के रुकने के बाद वैश्विक बाजार में बने हालात को एक कारण माना जा रहा है. इसके साथ ही कच्चे तेल की कीमतों में आई गिरावट से महंगाई बढ़ने की आशंकाएं पहले की तुलना में कम हुई हैं.
इसके अलावा डॉलर इंडेक्स के 100 के नीचे आने से भी सोने और चांदी जैसी कीमती धातुओं को समर्थन मिला है.


