Weather Update 13 July 2026: भारत के कई हिस्सों में मानसून सक्रिय बना हुआ है, लेकिन इसकी तीव्रता सभी क्षेत्रों में समान नहीं रहेगी. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के नवीनतम पूर्वानुमान के अनुसार 13 जुलाई 2026, सोमवार से पूर्वोत्तर भारत, बिहार, पश्चिम बंगाल और पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में भारी बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है. वहीं उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी इलाकों, पश्चिम-मध्य भारत और दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत के अधिकांश हिस्सों में अगले 6 से 7 दिनों तक बारिश की गतिविधियां सामान्य से कम रहने का अनुमान है.
मौसम विभाग ने स्पष्ट किया है कि कुछ राज्यों में स्थानीय स्तर पर भारी से बहुत भारी बारिश, आकाशीय बिजली और तेज हवा का प्रभाव देखने को मिल सकता है. ऐसे में लोगों को मौसम संबंधी चेतावनियों पर लगातार नजर रखने की सलाह दी गई है.
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देशभर का मौसम एक नजर में
| क्षेत्र | 13 जुलाई से मौसम की स्थिति |
|---|---|
| पूर्वोत्तर भारत | कई स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश |
| बिहार | भारी बारिश की संभावना |
| पूर्वी उत्तर प्रदेश | 16 जुलाई तक कई स्थानों पर भारी बारिश |
| पश्चिम बंगाल | भारी वर्षा, कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश |
| उत्तराखंड | लगातार कई दिनों तक भारी बारिश का अलर्ट |
| छत्तीसगढ़ | 14-15 जुलाई को भारी बारिश की संभावना |
| उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी क्षेत्र | बारिश की गतिविधियां अपेक्षाकृत कमजोर |
| पश्चिम-मध्य भारत | सीमित वर्षा |
| दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत | अधिकांश क्षेत्रों में हल्की से मध्यम वर्षा, कुल मिलाकर कमजोर गतिविधि |
पूर्वोत्तर भारत में सबसे ज्यादा बारिश का असर
पूर्वोत्तर भारत मानसून का सबसे सक्रिय क्षेत्र बना हुआ है. अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 13 से 18 जुलाई के बीच व्यापक वर्षा होने की संभावना है.
मेघालय और असम में 13 और 14 जुलाई को कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश हो सकती है. अरुणाचल प्रदेश तथा नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी कई स्थानों पर भारी बारिश का पूर्वानुमान जारी किया गया है.
लगातार वर्षा के कारण पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन, सड़क बाधित होने और निचले क्षेत्रों में जलभराव जैसी स्थितियां बन सकती हैं.
बिहार और पश्चिम बंगाल में बारिश रहेगी तेज
बिहार में 13 और 14 जुलाई के दौरान व्यापक वर्षा के साथ कई स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है. पश्चिम बंगाल के गंगा के मैदानी क्षेत्रों तथा उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भी लगातार वर्षा बनी रह सकती है.
13 जुलाई को बिहार और गंगा के मैदानी पश्चिम बंगाल के कुछ इलाकों में बहुत भारी बारिश की संभावना जताई गई है. ऐसे क्षेत्रों में स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करना जरूरी होगा.
पूर्वी उत्तर प्रदेश में लगातार बारिश का दौर
पूर्वी उत्तर प्रदेश में 12 से 16 जुलाई के बीच अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की संभावना बनी हुई है. 13 जुलाई से कई जिलों में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं.
बारिश के कारण खेतों में नमी बढ़ेगी, लेकिन शहरी क्षेत्रों में जलभराव और यातायात प्रभावित होने की आशंका भी रहेगी.
उत्तराखंड में कई दिनों तक भारी बारिश का अलर्ट
उत्तराखंड में 12 से 18 जुलाई तक अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की संभावना बनी हुई है. पहाड़ी क्षेत्रों में बिजली चमकने और गर्जना की भी संभावना है.
चारधाम यात्रा मार्गों और पर्वतीय सड़कों पर यात्रा करने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है क्योंकि लगातार बारिश से भूस्खलन का खतरा बढ़ सकता है.
हिमाचल, पंजाब, हरियाणा और दिल्ली का मौसम
13 जुलाई को हिमाचल प्रदेश में हल्की से मध्यम बारिश जारी रह सकती है जबकि कुछ स्थानों पर बारिश देखने को मिलेगी.
हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, पंजाब और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 13 से 18 जुलाई के बीच छिटपुट वर्षा की संभावना है. हालांकि इन क्षेत्रों में मानसून की गतिविधियां अपेक्षाकृत कमजोर रहने का अनुमान है.
मध्य भारत में कहां होगी बारिश
मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और विदर्भ में 13 से 18 जुलाई तक अलग-अलग स्थानों पर बारिश का सिलसिला जारी रहेगा.
विशेष रूप से छत्तीसगढ़ में 14 और 15 जुलाई को भारी बारिश की संभावना जताई गई है. पूर्वी मध्य प्रदेश में गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है.
पश्चिम भारत में सीमित बारिश
गुजरात क्षेत्र, सौराष्ट्र-कच्छ और मध्य महाराष्ट्र में 13 से 18 जुलाई तक हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है.
कोंकण और गोवा में 15 जुलाई के बाद बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं.
दक्षिण भारत में कैसी रहेगी स्थिति
दक्षिण भारत के अधिकांश हिस्सों में अगले कुछ दिनों तक बारिश सामान्य से कम रहने की संभावना है.
तेलंगाना, कर्नाटक, तमिलनाडु, केरल, पुडुचेरी, आंध्र प्रदेश और रायलसीमा के कुछ इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है.
तेलंगाना और तटीय आंध्र प्रदेश में कुछ स्थानों पर तेज हवा और गरज-चमक का असर देखने को मिल सकता है.
ओडिशा और आंध्र प्रदेश के लिए अलग चेतावनी
ओडिशा में 13 जुलाई तक गर्म और उमस भरा मौसम बना रह सकता है, जबकि कुछ स्थानों पर बारिश भी होगी.
तटीय आंध्र प्रदेश और यनम में 12 से 14 जुलाई के दौरान कुछ स्थानों पर लू जैसी परिस्थितियां बनने की संभावना जताई गई है. इसके अलावा तेज हवा चलने की भी आशंका है.
कहां चलेंगी तेज हवाएं
मौसम विभाग के अनुसार कई राज्यों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चल सकती है, जबकि झोंकों की गति 60 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है.
इन राज्यों में तेज हवा और गरज-चमक की संभावना है.
- जम्मू-कश्मीर
- झारखंड
- ओडिशा
- बिहार
- अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह
- तेलंगाना
- तटीय आंध्र प्रदेश
- पूर्वोत्तर भारत के कई राज्य
अगले 7 दिनों का प्रमुख मौसम अलर्ट
| तारीख | प्रमुख मौसम स्थिति |
|---|---|
| 13 जुलाई (सोमवार) | बिहार, पूर्वोत्तर भारत, पश्चिम बंगाल में भारी बारिश |
| 14 जुलाई (मंगलवार) | छत्तीसगढ़ में भारी बारिश शुरू होने की संभावना, असम-मेघालय में बहुत भारी बारिश |
| 15 जुलाई (बुधवार) | छत्तीसगढ़ में भारी बारिश, कोंकण-गोवा में वर्षा बढ़ने के संकेत |
| 16 जुलाई (गुरुवार) | पूर्वी उत्तर प्रदेश में भारी बारिश का अंतिम प्रमुख चरण |
| 17 जुलाई (शुक्रवार) | उत्तराखंड, हिमाचल, पश्चिम बंगाल के कुछ हिस्सों में बारिश जारी |
| 18 जुलाई (शनिवार) | उत्तराखंड और पूर्वोत्तर भारत में बारिश का असर जारी |
लोगों पर क्या होगा असर
- भारी बारिश वाले इलाकों में जलभराव की समस्या बढ़ सकती है.
- पहाड़ी राज्यों में भूस्खलन और सड़क बंद होने का खतरा रहेगा.
- बिजली गिरने की घटनाओं का जोखिम बढ़ सकता है.
- नदी-नालों के जलस्तर में वृद्धि संभव है.
- किसानों को खेतों में जल निकासी की व्यवस्था पर ध्यान देना होगा.
- शहरी क्षेत्रों में ट्रैफिक और दैनिक गतिविधियां प्रभावित हो सकती हैं.
क्या सावधानियां बरतें
- मौसम विभाग और स्थानीय प्रशासन के ताजा अपडेट पर नजर रखें.
- गरज-चमक के दौरान खुले मैदान या पेड़ों के नीचे खड़े न हों.
- जलभराव वाले रास्तों से गुजरने से बचें.
- पहाड़ी क्षेत्रों की यात्रा से पहले सड़क और मौसम की स्थिति की जानकारी लें.
- बिजली कड़कने के दौरान इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का सावधानी से उपयोग करें.
- तेज हवा के दौरान कमजोर पेड़ों, बिजली के खंभों और होर्डिंग्स से दूरी बनाए रखें.
मौसम अपडेट का पालन करना बेहद जरूरी
13 जुलाई 2026 से देश के मौसम का स्वरूप क्षेत्रवार अलग-अलग रहने वाला है. जहां पूर्वोत्तर भारत, बिहार, पश्चिम बंगाल और पूर्वी उत्तर प्रदेश में भारी बारिश लोगों की चिंता बढ़ा सकती है, वहीं उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी क्षेत्रों, पश्चिम-मध्य भारत और दक्षिण भारत के अधिकांश हिस्सों में बारिश अपेक्षाकृत कमजोर रहने का अनुमान है. ऐसे में जिन राज्यों में भारी वर्षा का पूर्वानुमान जारी हुआ है, वहां सतर्कता और समय पर मौसम अपडेट का पालन करना बेहद जरूरी रहेगा.
स्रोत: भारत मौसम विज्ञान विभाग द्वारा जारी राष्ट्रीय मौसम चेतावनी एवं दैनिक बुलेटिन, 12 जुलाई 2026.
FAQ
Q1. 13 जुलाई 2026 को सबसे अधिक भारी बारिश किन राज्यों में होने की संभावना है?
उत्तर: पूर्वोत्तर भारत, बिहार, पश्चिम बंगाल और पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है.
Q2. क्या उत्तर प्रदेश में बारिश कई दिनों तक जारी रहेगी?
उत्तर: पूर्वी उत्तर प्रदेश में 16 जुलाई तक अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश का पूर्वानुमान जारी किया गया है.
Q3. किन राज्यों में अगले एक सप्ताह बारिश सामान्य से कम रहेगी?
उत्तर: उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी क्षेत्र, पश्चिम-मध्य भारत और दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत के अधिकांश हिस्सों में अगले 6 से 7 दिनों तक वर्षा गतिविधियां कमजोर रहने की संभावना है.
Q4. पहाड़ी क्षेत्रों में लोगों को किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?
उत्तर: उत्तराखंड और पूर्वोत्तर के पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन, सड़क अवरोध और तेज बहाव का खतरा हो सकता है. यात्रा से पहले मौसम अपडेट अवश्य देखें.
Q5. मौसम विभाग की चेतावनी के दौरान सबसे जरूरी सावधानी क्या है?
उत्तर: गरज-चमक के समय खुले स्थानों से बचें, जलभराव वाले क्षेत्रों में अनावश्यक आवाजाही न करें और केवल आधिकारिक मौसम अपडेट पर भरोसा करें.


