Lifestyle Desk: तेज धूप से त्वचा को बचाने के लिए सनस्क्रीन लगाना बेहद जरूरी माना जाता है. आमतौर पर लोग यह समझते हैं कि सनस्क्रीन केवल तब ही लगानी चाहिए जब उन्हें बाहर धूप में जाना हो. लेकिन त्वचा विशेषज्ञों के अनुसार यह धारणा पूरी तरह सही नहीं है. कई बार घर के अंदर रहने के बावजूद भी त्वचा पर टैनिंग, हाइपरपिग्मेंटेशन या फाइन लाइन्स जैसी समस्याएं दिखाई देने लगती हैं. इसका एक बड़ा कारण घर के अंदर सनस्क्रीन का इस्तेमाल न करना भी हो सकता है. इसलिए त्वचा की सुरक्षा के लिए घर के भीतर रहते हुए भी सनस्क्रीन लगाना फायदेमंद माना जाता है.
खिड़कियों से आने वाली यूवी किरणें
सूरज से निकलने वाली पराबैंगनी किरणें मुख्य रूप से दो प्रकार की होती हैं-यूवीए और यूवीबी. यूवीबी किरणें त्वचा पर सनबर्न का कारण बनती हैं, लेकिन ये कांच को आसानी से पार नहीं कर पातीं. इसी वजह से घर के अंदर रहने पर आमतौर पर सनबर्न की समस्या कम देखने को मिलती है.
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वहीं दूसरी ओर यूवीए किरणें अधिक गहराई तक प्रभाव डालने वाली होती हैं. ये बादलों और खिड़कियों के कांच को पार कर त्वचा तक पहुंच सकती हैं. यूवीए किरणें त्वचा की गहरी परतों तक जाकर कोलेजन को नुकसान पहुंचा सकती हैं. इसके कारण समय से पहले झुर्रियां, काले धब्बे और त्वचा की रंगत में बदलाव जैसी समस्याएं हो सकती हैं. यदि आप घर में ऐसी जगह बैठते हैं जहां खिड़की से धूप या रोशनी आती है, तो आपकी त्वचा लगातार इन किरणों के संपर्क में रह सकती है. इसलिए घर के अंदर भी सनस्क्रीन का इस्तेमाल करना त्वचा की सुरक्षा के लिए जरूरी हो जाता है.
डिजिटल स्क्रीन और ब्लू लाइट का असर
आजकल ज्यादातर लोग अपना काफी समय मोबाइल फोन, लैपटॉप और टीवी जैसे डिजिटल उपकरणों के सामने बिताते हैं. इन उपकरणों से निकलने वाली हाई एनर्जी विजिबल लाइट को ब्लू लाइट कहा जाता है. लंबे समय तक ब्लू लाइट के संपर्क में रहने से त्वचा में ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस बढ़ सकता है. यह स्ट्रेस त्वचा की प्राकृतिक चमक को प्रभावित करता है और पिगमेंटेशन की समस्या को बढ़ा सकता है. इसलिए त्वचा की बेहतर देखभाल के लिए घर में रहते हुए भी सनस्क्रीन लगाना एक अच्छा विकल्प माना जाता है.
घर के अंदर के लिए सही सनस्क्रीन कैसे चुनें
घर में इस्तेमाल के लिए बहुत भारी या चिपचिपी सनस्क्रीन लगाने की जरूरत नहीं होती. आप हल्की और आरामदायक सनस्क्रीन चुन सकते हैं. इसके लिए कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है.
SPF 30: घर के अंदर भी कम से कम SPF 30 वाला सनस्क्रीन इस्तेमाल करना बेहतर माना जाता है.
ब्रॉड स्पेक्ट्रम प्रोटेक्शन: ऐसी सनस्क्रीन चुनें जो UVA और UVB दोनों प्रकार की किरणों से सुरक्षा प्रदान करे.
लाइटवेट फॉर्मूला: जेल या लोशन बेस्ड सनस्क्रीन घर के अंदर लगाने के लिए अधिक उपयुक्त होती हैं, क्योंकि ये हल्की होती हैं और त्वचा पर आसानी से लग जाती हैं.
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इन छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखकर आप घर के अंदर भी अपनी त्वचा को सूरज की हानिकारक किरणों और डिजिटल स्क्रीन के प्रभाव से सुरक्षित रख सकते हैं.


