Jhansi Link Expressway Project: उत्तर प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी लिंक एक्सप्रेस-वे परियोजना को रफ्तार देने के लिए उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवेज औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) ने कमर कस ली है. क्षेत्र के विकास में मील का पत्थर साबित होने वाले इस प्रोजेक्ट के लिए यूपीडा ने जमीन खरीद की समय सीमा 15 जुलाई तय कर दी है. यूपीडा के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (CEO) दीपक कुमार ने जिला प्रशासन को कड़े निर्देश देते हुए कहा है कि निर्धारित अवधि में हर हाल में संपूर्ण भूमि का क्रय या पुनर्ग्रहण सुनिश्चित किया जाए.
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4 तहसीलों के 63 गांवों से गुजरेगा एक्सप्रेस-वे
लगभग 115 किलोमीटर लंबा यह लिंक एक्सप्रेस-वे झांसी जनपद की कनेक्टिविटी को एक नई दिशा प्रदान करेगा. इस विशाल प्रोजेक्ट के लिए कुल 1232 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया जाना है.
प्रभावित तहसीलें: गरौठा, टहरौली, मोंठ और सदर.
प्रभावित गांव: इन चारों तहसीलों के कुल 63 गांवों की जमीन इस परियोजना के दायरे में आएगी.
रफ्तार बढ़ाने के लिए मिले अतिरिक्त संसाधन
वर्तमान में जमीन खरीद की धीमी रफ्तार को देखते हुए शासन स्तर से चिंता व्यक्त की गई थी. इसके बाद जिला प्रशासन ने अतिरिक्त मैनपावर और वाहनों की मांग की थी, जिसे यूपीडा ने मंजूरी दे दी है. फाइलों के त्वरित निस्तारण और फील्ड वर्क को सुगम बनाने के लिए निम्नलिखित व्यवस्था की गई है:
अतिरिक्त कंप्यूटर ऑपरेटर
झांसी और जालौन जनपद मुख्यालयों सहित जमीन क्रय प्रक्रिया से जुड़ी सभी तहसीलों में 31 जुलाई तक एक-एक अतिरिक्त कंप्यूटर ऑपरेटर तैनात करने की अनुमति दी गई है. सर्वे और प्रशासनिक भागदौड़ को तेज करने के लिए संबंधित तहसीलों को एक-एक अतिरिक्त वाहन उपलब्ध कराने की मंजूरी दी गई है.
यूपीडा का सख्त संदेश
यह प्रदेश सरकार की अत्यंत महत्वाकांक्षी परियोजना है, इसलिए इसमें किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. समय सीमा के भीतर काम पूरा करने के लिए प्रशासन अपनी पूरी ताकत झोंक दे.
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समय पर काम पूरा होने की उम्मीद
इन नए संसाधनों के मिलने से अब प्रशासनिक टीमों को गांवों तक पहुंचने और किसानों के साथ तालमेल बिठाकर रजिस्ट्री प्रक्रिया पूरी करने में आसानी होगी. यूपीडा और जिला प्रशासन की इस संयुक्त पहल से उम्मीद जताई जा रही है कि अगले एक महीने में जमीन अधिग्रहण की बाधाएं दूर हो जाएंगी और एक्सप्रेस-वे के निर्माण का रास्ता जल्द साफ हो सकेगा.


