Ganga Expressway Meerut Interchange: मेरठ क्षेत्र में गंगा एक्सप्रेसवे को हापुड़-किठौर मार्ग से जोड़ने के लिए अटौला गांव में नए इंटरचेंज के निर्माण का फैसला लिया गया. यह निर्णय स्थानीय ग्रामीणों की लंबे समय से चली आ रही मांग के बाद सामने आया, ताकि क्षेत्र में बेहतर सड़क संपर्क विकसित हो सके और लोगों को आवागमन में सहूलियत मिल सके.
किसानों ने क्यों रोकी जमीन?
इंटरचेंज बनने से इलाके की कनेक्टिविटी काफी मजबूत होने की उम्मीद है, जिससे व्यापार, आवागमन और विकास को गति मिलेगी. खासकर ग्रामीण क्षेत्रों को शहरों से जोड़ने में यह परियोजना महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी. इसके साथ ही आसपास के गांवों की जमीन की कीमतों में भी तेजी से इजाफा होने की संभावना जताई जा रही है.
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जैसे ही इंटरचेंज निर्माण के लिए जमीन खरीद प्रक्रिया शुरू हुई, अटौला गांव के किसानों ने सीमांकन को लेकर गंभीर आपत्ति दर्ज कर दी. 18 खसरों के किसानों ने आरोप लगाया कि जितनी जमीन अधिग्रहित दिखाई जा रही है, उससे अधिक भूमि का उपयोग किया जाएगा, लेकिन मुआवजा कम दिया जा रहा है.
प्रशासन और यूपीडा की पहल
किसानों ने साफ तौर पर प्रशासन को चेतावनी दी कि जब तक जमीन का सही और पारदर्शी सीमांकन नहीं किया जाएगा, तब तक वे अपनी जमीन देने को तैयार नहीं हैं. उन्होंने मांग की कि यूपीडा, जिला प्रशासन और लोक निर्माण विभाग की संयुक्त टीम मौके पर आकर दोबारा माप-जोख करे.
किसानों के विरोध के बाद उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण की टीम लखनऊ से मेरठ पहुंची और ग्रामीणों के साथ बैठक की. इस दौरान किसानों ने अपनी समस्याएं विस्तार से रखीं और पारदर्शिता के साथ उचित मुआवजा और स्पष्ट सीमांकन की मांग दोहराई, जिसे अधिकारियों ने गंभीरता से सुना.
क्या होगा फायदा?
विवाद को सुलझाने के लिए यूपीडा ने एक संयुक्त टीम का गठन किया है, जिसमें आईआरबी इंफ्रा, एलएंडटी और एलएन मालवीय इंफ्रा प्रोजेक्ट जैसी निर्माण एजेंसियों के साथ परियोजना क्रियान्वयन इकाई के अधिकारी शामिल हैं. इस टीम को दोबारा सीमांकन कर नया अलाइनमेंट तय करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है. फिलहाल, नए सीमांकन और अलाइनमेंट के तय होने तक पुराने प्लान पर जमीन खरीद की प्रक्रिया को रोक दिया गया है. प्रशासन अब यूपीडा के नए निर्देशों का इंतजार कर रहा है. हालांकि, मेरठ से प्रयागराज तक बनने वाले गंगा एक्सप्रेसवे का अधिकांश कार्य पूरा हो चुका है, लेकिन यह विवाद परियोजना के इस हिस्से को प्रभावित कर रहा है.


