साइबर अपराध, विशेषकर साइबर वित्तीय धोखाधड़ी (Cyber Financial Fraud) के मामलों में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है. सरकार ने 18 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में e-Zero FIR प्रणाली लागू कर दी है. इस नई व्यवस्था का उद्देश्य साइबर अपराध की शिकायत दर्ज होने के तुरंत बाद कानूनी कार्रवाई शुरू करना और पीड़ितों को जल्द राहत दिलाना है.
गृह राज्य मंत्री बंदी संजय कुमार ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि e-Zero FIR प्रणाली के तहत अब तक 12 हजार से अधिक मामले दर्ज किए जा चुके हैं. उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को साइबर अपराध, विशेष रूप से वित्तीय धोखाधड़ी के मामलों में e-Zero FIR दर्ज करने के लिए एक साझा डिजिटल प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराया है.
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क्या है e-Zero FIR प्रणाली?
e-Zero FIR एक ऐसी व्यवस्था है, जिसके तहत साइबर वित्तीय धोखाधड़ी से जुड़ी शिकायत दर्ज होने पर स्वतः Zero FIR पंजीकृत हो जाती है.
यदि कोई शिकायत राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (National Cyber Crime Reporting Portal) या 1930 हेल्पलाइन के माध्यम से दर्ज की जाती है और वह निर्धारित वित्तीय नुकसान की सीमा के अंतर्गत आती है, तो सिस्टम अपने आप e-Zero FIR दर्ज कर देता है.
इसके बाद यह मामला संबंधित क्षेत्र के साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन को तुरंत भेज दिया जाता है, ताकि बिना देरी के जांच शुरू की जा सके.
शिकायतकर्ता को तीन दिन के भीतर थाने जाना होगा
गृह राज्य मंत्री ने बताया कि e-Zero FIR दर्ज होने के बाद शिकायतकर्ता को तीन दिनों के भीतर संबंधित पुलिस स्टेशन पहुंचना होगा.
वहां जाकर Zero FIR को नियमित FIR में परिवर्तित किया जाएगा, जिसके बाद मामले की कानूनी जांच और आगे की कार्रवाई निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार जारी रहेगी.
साइबर वित्तीय धोखाधड़ी पर तेजी से होगी कार्रवाई
सरकार का कहना है कि e-Zero FIR व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य साइबर वित्तीय धोखाधड़ी के मामलों में शुरुआती देरी को समाप्त करना है.
डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से शिकायत दर्ज होते ही मामला संबंधित साइबर पुलिस स्टेशन तक पहुंच जाएगा, जिससे समय पर जांच शुरू करने और आवश्यक कार्रवाई करने में आसानी होगी.
केंद्र ने राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को उपलब्ध कराया प्लेटफॉर्म
गृह राज्य मंत्री बंदी संजय कुमार ने बताया कि केंद्र सरकार ने राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के लिए एक ऐसा प्लेटफॉर्म विकसित किया है, जिसके माध्यम से e-Zero FIR दर्ज की जा सकती है.
इस पहल से साइबर अपराधों के मामलों में समन्वय बेहतर होगा और शिकायतों के निपटारे की प्रक्रिया अधिक तेज और प्रभावी बनने की उम्मीद है.
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सरकार का मानना है कि बढ़ते साइबर अपराधों को देखते हुए यह व्यवस्था पीड़ितों को समय पर सहायता उपलब्ध कराने और जांच प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी.
स्रोत: गृह राज्य मंत्री बंदी संजय कुमार का बयान.


