मध्य प्रदेश की कृषि मंडियों को आधुनिक और अधिक पारदर्शी बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने तैयारियां तेज कर दी हैं. प्रदेश की मंडियों में जल्द ही ग्रेडिंग और सोर्सिंग यूनिट स्थापित की जाएंगी, जिससे किसानों को अपनी उपज की बेहतर गुणवत्ता के आधार पर उचित मूल्य मिलने में मदद मिलेगी. इस संबंध में मध्यप्रदेश राज्य कृषि विपणन बोर्ड के प्रबंध संचालक कुमार पुरुषोत्तम ने समीक्षा बैठक के दौरान अधिकारियों को तय समय सीमा के भीतर सभी कार्य पूरे करने के निर्देश दिए.
मंत्रालय स्थित वल्लभ भवन से आयोजित वर्चुअल बैठक में प्रदेश की 259 कृषि उपज मंडियों के सचिव, सातों आंचलिक कार्यालयों के संयुक्त संचालक तथा अन्य अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल हुए. बैठक में मंडियों के आधुनिकीकरण, ई-मंडी व्यवस्था, किसानों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने और अवैध व्यापार पर नियंत्रण जैसे कई महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई.
मंडियों में लगेंगी ग्रेडिंग और सोर्सिंग यूनिट
बैठक में निर्णय लिया गया कि प्रदेश की कृषि मंडियों में जल्द ही ग्रेडिंग और सोर्सिंग यूनिट स्थापित की जाएंगी. इन यूनिटों के माध्यम से कृषि उपज की गुणवत्ता के अनुसार वर्गीकरण और बेहतर विपणन व्यवस्था विकसित करने पर जोर दिया जाएगा.
प्रबंध संचालक कुमार पुरुषोत्तम ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इस कार्य को निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा किया जाए, ताकि किसानों और व्यापारियों को आधुनिक सुविधाओं का लाभ मिल सके.
मंडियों की आय और आवक की हुई समीक्षा
वर्चुअल बैठक के दौरान प्रदेश की मंडियों में होने वाली कृषि उपज की आवक और मंडियों की आय की विस्तृत समीक्षा की गई.
इसके अलावा नवीन भूमि संरचना आवंटन नियमों की जानकारी भी अधिकारियों को विस्तार से दी गई. बैठक में मंडियों के बेहतर संचालन और प्रशासनिक कार्यों को अधिक प्रभावी बनाने पर भी जोर दिया गया.
ई-मंडी योजना को प्रभावी बनाने के निर्देश
बैठक में ई-मंडी योजना और फार्म गेट पर होने वाले समव्यवहारों की भी समीक्षा की गई.
प्रबंध संचालक ने निर्देश दिए कि मंडियों में अधिक से अधिक वाणिज्यिक लेन-देन ई-मंडी प्लेटफॉर्म के माध्यम से किए जाएं, ताकि योजना का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित हो सके. उन्होंने कहा कि ई-मंडी व्यवस्था को व्यवहारिक रूप से लागू करना सभी मंडी समितियों की प्राथमिक जिम्मेदारी है.
लक्ष्य पूरा नहीं करने वाली मंडियों से मांगा जाएगा जवाब
बैठक में यह भी निर्देश दिए गए कि जिन मंडी समितियों ने निर्धारित 20 प्रतिशत लक्ष्य हासिल नहीं किया है, उनसे कारण बताने को कहा जाए.
प्रबंधन ने स्पष्ट किया कि निर्धारित लक्ष्यों की नियमित समीक्षा की जाएगी और आवश्यक होने पर संबंधित मंडी समितियों से स्पष्टीकरण भी लिया जाएगा.
अवैध व्यापार पर सख्ती के निर्देश
कृषि विपणन बोर्ड ने मंडियों में अवैध व्यापार पर प्रभावी नियंत्रण के लिए भी अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए.
बैठक में कहा गया कि मंडियों में पारदर्शिता बनाए रखने और किसानों के हितों की रक्षा के लिए अवैध गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखी जाए तथा नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए.
ई-नाम और एगमार्कनेट योजना की नियमित रिपोर्टिंग पर जोर
बैठक में अधिकारियों को ई-नाम (e-NAM) और एगमार्कनेट (AGMARKNET) योजनाओं के संबंध में नियमित और समग्र रिपोर्टिंग करने के निर्देश भी दिए गए.
इसके साथ ही लेखा सत्यापन का कार्य निर्धारित समय सीमा में पूरा करने पर विशेष जोर दिया गया, ताकि मंडियों के प्रशासनिक और वित्तीय कार्यों में पारदर्शिता बनी रहे.
वर्षा ऋतु में अधिक से अधिक वृक्षारोपण करने के निर्देश
समीक्षा बैठक के दौरान आगामी वर्षा ऋतु को ध्यान में रखते हुए अधिकारियों को अधिक से अधिक वृक्षारोपण करने के निर्देश भी दिए गए.
कृषि विपणन बोर्ड ने पर्यावरण संरक्षण और हरित विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सभी मंडी समितियों से वृक्षारोपण अभियान को गंभीरता से लागू करने का आग्रह किया.
मध्यप्रदेश राज्य कृषि विपणन बोर्ड का मानना है कि ग्रेडिंग एवं सोर्सिंग यूनिट, ई-मंडी व्यवस्था और डिजिटल विपणन प्रणाली को मजबूत करने से किसानों को बेहतर बाजार उपलब्ध होगा, कृषि उपज की बिक्री अधिक पारदर्शी बनेगी और मंडियों की कार्यप्रणाली भी अधिक आधुनिक एवं प्रभावी होगी.
स्रोत: मध्यप्रदेश राज्य कृषि विपणन बोर्ड.


