NEET Paper Leak Protest: NEET पेपर लीक मामले को लेकर पिछले तीन हफ्तों से प्रदर्शन कर रही ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) और केंद्र सरकार के बीच शुक्रवार को हुई दूसरे दौर की बातचीत बेनतीजा रही. कॉन्स्टीट्यूशन क्लब के विठ्ठलभाई पटेल हाउस में करीब 50 मिनट तक चली इस बैठक में दोनों पक्षों ने अपने-अपने रुख रखे. हालांकि, CJP का दावा है कि सरकार उनकी तीन में से दो प्रमुख मांगों पर सहमत दिख रही है, लेकिन केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लेकर मामला अटका हुआ है.
बैठक का ब्योरा और प्रमुख घटनाक्रम
CJP की तरफ से राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रंका और प्रवक्ता सौरभ दास शामिल हुए. वहीं, सरकार का प्रतिनिधित्व केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा और PMO राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने किया. धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर सरकार ने विचार करने के लिए शनिवार दोपहर 12 बजे तक का समय मांगा है. अब कल दोपहर फिर दोनों पक्षों के बीच वार्ता होगी. इससे पहले CJP ने किसी मंत्री के आवास या सरकारी दफ्तर में वार्ता का प्रस्ताव ठुकरा दिया था, जिसके बाद यह बैठक आपसी सहमति से कॉन्स्टीट्यूशन क्लब में तय की गई.
किन मांगों पर बनी सहमति और कहाँ अटका मामला?
NEET पेपर लीक के बाद आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिजनों को 1-1 करोड़ रुपये का मुआवजा देना.
आंदोलन में शामिल शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों और छात्रों के खिलाफ दर्ज सभी FIR और कानूनी मामले वापस लेना.
प्रधान के इस्तीफे पर कोई समझौता नहीं
वार्ता के बाद CJP प्रवक्ता सौरभ दास और आशुतोष रंका ने साफ किया कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर कोई समझौता नहीं होगा. उन्होंने उम्मीद जताई कि शनिवार दोपहर तक सरकार इस पर फैसला लेगी.
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जंतर-मंतर पर प्रदर्शन रहेगा जारी
CJP ने स्पष्ट किया है कि जब तक केंद्रीय शिक्षा मंत्री अपने पद से इस्तीफा नहीं दे देते और उनकी सभी मांगें पूरी नहीं हो जातीं, तब तक जंतर-मंतर पर उनका विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा. गौरतलब है कि इससे पहले 20 जुलाई को भी नड्डा के आवास पर CJP और सरकार के बीच वार्ता हुई थी. दूसरी तरफ, इसी घटनाक्रम के बीच सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने सरकार से मिले आश्वासनों के बाद अपना 26 दिनों से जारी अनशन बृहस्पतिवार रात खत्म कर दिया.


