Noida News: दिल्ली-एनसीआर के रियल एस्टेट और औद्योगिक परिदृश्य में एक बहुत बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है. यमुना एक्सप्रेसवे इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी (YEIDA) ने हाल ही में यमुना एक्सप्रेसवे कॉरिडोर पर 17 बड़ी कंपनियों को जमीन आवंटित की है. अथॉरिटी के इस फैसले को इस पूरे क्षेत्र के लिए एक बड़े ‘गेम चेंजर’ के रूप में देखा जा रहा है.
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5800 करोड़ रुपये का निवेश और 10 हजार रोजगार के अवसर
इस आवंटन के जरिए क्षेत्र में लगभग 5,800 करोड़ रुपये का भारी-भरकम निवेश आने की उम्मीद है. इससे न केवल औद्योगिक विकास को अभूतपूर्व गति मिलेगी, बल्कि स्थानीय और आस-पास के युवाओं के लिए लगभग 10,000 नए रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे.
आवासीय और कमर्शियल मांग में आएगा ‘उछाल’
रियल एस्टेट विशेषज्ञों के अनुसार, इस औद्योगिक हलचल का सीधा और सकारात्मक असर यमुना एक्सप्रेसवे के आसपास के आवासीय और व्यावसायिक बाजारों पर पड़ेगा. विशेषज्ञों का मानना है कि जैसे-जैसे ये कंपनियां अपनी इकाइयां स्थापित करेंगी, वैसे-वैसे यहां काम करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए आवासीय मांग में जबरदस्त उछाल आएगा. यह क्षेत्र अब एक बड़े इंडस्ट्रियल और इकोनॉमिक कॉरिडोर के रूप में स्थापित हो चुका है.”
निवेश और मांग बढ़ने के 3 मुख्य कारण
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर)
जेवर में बन रहा नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट इस क्षेत्र के विकास का सबसे बड़ा इंजन साबित हो रहा है. इसके चलते इस पूरे बेल्ट में वेयरहाउस, लॉजिस्टिक्स हब, फाइव-स्टार होटल और कमर्शियल ऑफिस स्पेस की मांग तेजी से बढ़ी है. आने वाले दशक में यह एयरपोर्ट पूरे साउथ एनसीआर की आर्थिक तस्वीर बदलने की क्षमता रखता है.
शानदार कनेक्टिविटी
यमुना एक्सप्रेसवे कॉरिडोर की कनेक्टिविटी लाजवाब है. यह क्षेत्र दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे, ईपीई (ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे) और नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे जैसे देश के सबसे प्रमुख मार्गों से सीधे जुड़ा हुआ है. इसके कारण दिल्ली, नोएडा और गुरुग्राम तक का सफर बेहद आसान और समय बचाने वाला हो गया है.
किफायती जमीन और निवेश के विकल्प
नोएडा या गुरुग्राम जैसे पहले से विकसित और महंगे शहरों की तुलना में यमुना एक्सप्रेसवे पर जमीन की कीमतें अभी भी बजट के भीतर हैं. यही वजह है कि बड़ी कंपनियों के साथ-साथ नामी डेवलपर्स भी यहां इंटीग्रेटेड टाउनशिप और मिड-सेगमेंट के लिए किफायती हाउसिंग प्रोजेक्ट्स लेकर आ रहे हैं.
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लंबी अवधि के निवेशकों के लिए ‘गोल्डन चांस’
YEIDA के अधिकारियों के मुताबिक, इन 17 कंपनियों के आने से औद्योगिक गतिविधियों में जो तेजी आएगी, उसका सीधा और सीधा लाभ कमर्शियल और रेजिडेंशियल दोनों सेक्टर्स को मिलेगा. अगर आप लंबे समय के लिए निवेश की योजना बना रहे हैं या भविष्य के लिए एक आशियाना तलाश रहे हैं, तो यमुना एक्सप्रेसवे का इलाका आने वाले समय में सबसे मुनाफे वाले क्षेत्रों में से एक साबित हो सकता है. इंफ्रास्ट्रक्चर और रोजगार के मोर्चे पर हो रहा यह चौतरफा विकास निश्चित रूप से एनसीआर के रियल एस्टेट बाजार को एक नई और बेहद आकर्षक दिशा देने जा रहा है.


