Rajasthan Weather Update 12 September 2026: राजस्थान में मानसून एक बार फिर एक्टिव होता दिखाई दे रहा है. मौसम केंद्र जयपुर के जारी बुलेटिन के मुताबिक 12 सितंबर, शनिवार को प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश की गतिविधियों में बढ़ोतरी हो सकती है. पूर्वी राजस्थान के भरतपुर, कोटा, उदयपुर, अजमेर और जयपुर संभागों में कुछ स्थानों या कहीं-कहीं बारिश होने की संभावना जताई गई है. वहीं, पश्चिमी राजस्थान के बीकानेर और जोधपुर संभागों में भी कहीं-कहीं बारिश हो सकती है.
12 सितंबर को कैसा रहेगा राजस्थान का मौसम
मौसम विभाग के अनुसार, 12 से 16 सितंबर के दौरान जयपुर, भरतपुर, कोटा, उदयपुर और अजमेर संभागों के कुछ और हिस्सों में बारिश की गतिविधियों में बढ़ोतरी होने की प्रबल संभावना है. इसके साथ ही 13 और 14 सितंबर को कोटा, उदयपुर संभाग तथा आसपास के क्षेत्रों में कहीं-कहीं मध्यम से भारी बारिश हो सकती है. पश्चिमी राजस्थान में 13 से 16 सितंबर के दौरान बीकानेर और जोधपुर संभाग के जिलों में कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश का अनुमान है.
12 सितंबर को किन जिलों में चेतावनी
मौसम केंद्र जयपुर ने 12 सितंबर के लिए पूर्वी राजस्थान के ज्यादातर जिलों में मेघगर्जन, वज्रपात और 30-40 KMPH की झोंकेदार तेज हवाओं की चेतावनी दी गई है. इनमें अजमेर, अलवर, बांसवाड़ा, बारां, ब्यावर, भरतपुर, भीलवाड़ा, बूंदी, चित्तौड़गढ़, दौसा, डीग, धौलपुर, डूंगरपुर, जयपुर, झालावाड़, झुंझुनूं, करौली, खैरथल-तिजारा, कोटा, कोटपूतली-बहरोड़, प्रतापगढ़, राजसमंद, सलूम्बर, सवाई माधोपुर, सीकर, सिरोही, टोंक और उदयपुर शामिल हैं.
पश्चिमी राजस्थान में भी मौसम बदलेगा
पश्चिमी राजस्थान में 12 सितंबर के लिए बालोतरा, चूरू, डीडवाना-कुचामन, जालौर, जोधपुर और नागौर तथा पाली में मेघगर्जन, वज्रपात और 30-40 KMPH की झोंकेदार हवाओं की चेतावनी दर्ज है. इसके विपरीत बाड़मेर, बीकानेर, हनुमानगढ़, जैसलमेर, फलौदी और श्रीगंगानगर के लिए 12 सितंबर को कोई चेतावनी नहीं दी गई है.
बारिश के पीछे क्या है मौसम तंत्र
मौसम विभाग के बुलेटिन के अनुसार दक्षिणी ओडिशा और उत्तरी आंध्र प्रदेश के तटीय क्षेत्रों के पास बंगाल की खाड़ी में कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है. इसके आने वाले दिनों में मध्य भारत से होते हुए पश्चिम की ओर आगे बढ़ने की प्रबल संभावना है. इसके अलावा मानसून ट्रफ श्रीगंगानगर, जबलपुर और कम दबाव के क्षेत्र से होकर गुजर रही है. यही मौसम तंत्र राजस्थान में बारिश की गतिविधियों को बढ़ाने में भूमिका निभा सकता है.
11 सितंबर को कैसा रहा मौसम
11 सितंबर को पूर्वी राजस्थान में हल्की बारिश दर्ज की गई. इस दिन प्रदेश में सबसे अधिक अधिकतम तापमान बीकानेर में 40.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ. जयपुर में अधिकतम तापमान 35.6 डिग्री, जोधपुर शहर में 38.9 डिग्री और जैसलमेर में 39.5 डिग्री सेल्सियस रहा. इससे साफ है कि बारिश की संभावना के बीच प्रदेश के कई हिस्सों में गर्मी का असर भी बना हुआ है. ## आम लोगों पर क्या पड़ेगा असर
बारिश और गरज-चमक की गतिविधियों के कारण स्थानीय स्तर पर सड़क यातायात प्रभावित हो सकता है. तेज हवाओं के दौरान खुले स्थानों में पेड़, कमजोर होर्डिंग या अस्थायी ढांचे परेशानी पैदा कर सकते हैं. वज्रपात की स्थिति में खेतों, खुले मैदानों और पेड़ों के नीचे मौजूद लोगों के लिए जोखिम बढ़ जाता है. जिन इलाकों में बारिश ज्यादा होती है, वहां निचले हिस्सों में पानी जमा होने से आवाजाही धीमी हो सकती है.
किसानों और बाहर निकलने वालों के लिए जरूरी सावधानी
गरज-चमक सुनाई देने पर खुले मैदान में रुकने से बचें और सुरक्षित पक्के स्थान पर चले जाएं. पेड़ के नीचे खड़े होकर बारिश से बचने की कोशिश न करें. बिजली गिरने की आशंका के दौरान बिजली के खंभों, धातु के ढांचे और खुले जलस्रोतों से दूरी बनाए रखना बेहतर है. वाहन चलाते समय तेज बारिश या कम दृश्यता होने पर गति कम रखें.
किसानों को मौसम की स्थानीय चेतावनी पर नजर रखनी चाहिए और खुले खेत में काम करते समय अचानक मौसम बदलने पर सुरक्षित स्थान तलाशना चाहिए. मौसम केंद्र जयपुर ने स्थान-विशिष्ट मौसम जानकारी के लिए Mausam ऐप और बिजली गिरने की चेतावनी के लिए Damini ऐप का भी उल्लेख किया है.
13 और 14 सितंबर को ज्यादा असर की संभावना
मौसम का असर 12 सितंबर के बाद और बढ़ सकता है. विभाग ने 13 और 14 सितंबर को कोटा, उदयपुर संभाग और आसपास के क्षेत्रों में कहीं-कहीं मध्यम से भारी बारिश की संभावना जताई है. वहीं 13 से 16 सितंबर के बीच पश्चिमी राजस्थान के बीकानेर और जोधपुर संभागों में भी कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है. इसलिए अगले कुछ दिनों तक राजस्थान के लोगों को स्थानीय मौसम चेतावनियों पर नजर रखना जरूरी होगा.
मौसम विभाग की चेतावनी का मतलब
मौसम केंद्र जयपुर के बुलेटिन में चेतावनी के स्तर को अलग-अलग श्रेणियों में बताया गया है. इसमें कोई चेतावनी नहीं, सतर्क रहें, तैयार रहें और कार्रवाई करें जैसे स्तर शामिल हैं. बारिश की तीव्रता के लिए भी हल्की, मध्यम, भारी, बहुत भारी और अत्यधिक भारी जैसी श्रेणियां दी गई हैं.
स्रोत: मौसम केंद्र जयपुर, भारत मौसम विज्ञान विभाग.
FAQs
1. 12 सितंबर को राजस्थान में बारिश देखकर बाहर निकलना सुरक्षित है?
अगर आपके जिले में मेघगर्जन, वज्रपात और तेज हवाओं की चेतावनी है तो अनावश्यक रूप से खुले स्थान पर जाने से बचना बेहतर है. स्थानीय मौसम अपडेट देखकर ही यात्रा की योजना बनाएं.
2. बारिश कम हो लेकिन बिजली चमक रही हो तो क्या सावधानी रखें?
बारिश कम होने का मतलब खतरा खत्म होना नहीं है. बिजली की आवाज या चमक दिखाई दे तो खुले मैदान, ऊंचे पेड़ और बिजली के खंभों से दूरी बनाकर सुरक्षित भवन में रहना चाहिए.
3. क्या 30-40 KMPH की हवा से रोजमर्रा की यात्रा प्रभावित हो सकती है?
हां. झोंकेदार हवा के दौरान दोपहिया वाहन चलाने वालों को खास सावधानी रखनी चाहिए. कमजोर पेड़, होर्डिंग और अस्थायी ढांचे के आसपास रुकने से बचना चाहिए.
4. 12 सितंबर के बाद मौसम और खराब होगा क्या?
बुलेटिन के अनुसार 12 से 16 सितंबर के दौरान कई संभागों में बारिश की गतिविधियां बढ़ने की प्रबल संभावना है. 13 और 14 सितंबर को कोटा और उदयपुर संभाग तथा आसपास के क्षेत्रों में कहीं-कहीं मध्यम से भारी बारिश की संभावना बताई गई है.
5. अपने जिले का मौसम सबसे भरोसेमंद तरीके से कैसे देखें?
मौसम केंद्र जयपुर के आधिकारिक अपडेट और भारत मौसम विज्ञान विभाग के स्थान-विशिष्ट पूर्वानुमान को प्राथमिकता दें.


