MP Weather Update 12 September 2026: मध्य प्रदेश में मानसून की गतिविधियां बनी हुई हैं. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के भोपाल मौसम केंद्र के अनुसार, 12 सितंबर, शनिवार को प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश और गरज-चमक का दौर जारी रह सकता है. कुछ जिलों में भारी बारिश के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने की चेतावनी दी गई है. भोपाल और आसपास के इलाकों में भी बादल छाए रहने, गरज-चमक के साथ बारिश होने का अनुमान है.
12 सितंबर को कैसा रहेगा मध्य प्रदेश का मौसम
IMD के पूर्वानुमान के मुताबिक, 12 सितंबर को प्रदेश के कुछ हिस्सों में बारिश या गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं, जबकि कई जिलों में अनेक स्थानों और कुछ इलाकों में अधिकांश स्थानों पर बारिश होने की संभावना है. सबसे ज्यादा बारिश की गतिविधि पूर्वी मध्य प्रदेश के कई जिलों में रहने का अनुमान है.
कुछ स्थानों पर बारिश या गरज-चमक: भोपाल, सीहोर, राजगढ़, बुरहानपुर, खरगौन, बड़वानी, अलीराजपुर, झाबुआ, धार, इंदौर, रतलाम, उज्जैन, देवास, शाजापुर, आगर, मंदसौर, नीमच, ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना और श्योपुरकलां.
अनेक स्थानों पर बारिश: विदिशा, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, खंडवा, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, सिंगरौली, सीधी, रीवा, मऊगंज, सतना, पन्ना, दमोह, सागर, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी और पांढुर्णा.
अधिकांश स्थानों पर बारिश: अनूपपुर, शहडोल, उमरिया, डिंडोरी, कटनी, जबलपुर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला, बालाघाट और मैहर.
इन जिलों में भारी बारिश और तेज हवा की चेतावनी
मौसम विभाग ने कुछ जिलों में भारी बारिश के साथ गरज-चमक, आकाशीय बिजली और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने की चेतावनी दी है.
भारी बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं का अलर्ट: रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल, शिवपुरी, सीधी, रीवा, मऊगंज, सतना, अनूपपुर, शहडोल, डिंडोरी, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला, बालाघाट, सागर, टीकमगढ़, मैहर और पांढुर्णा में कहीं-कहीं ऐसी स्थिति बन सकती है.
इसके अलावा भोपाल, विदिशा, सीहोर, राजगढ़, हरदा, बुरहानपुर, खंडवा, खरगौन, बड़वानी, अलीराजपुर, झाबुआ, धार, इंदौर, रतलाम, उज्जैन, देवास, शाजापुर, आगर, मंदसौर, नीमच, गुना, अशोकनगर, ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना, श्योपुरकलां, सिंगरौली, उमरिया, कटनी, जबलपुर, पन्ना, दमोह, छतरपुर और निवाड़ी में कहीं-कहीं गरज-चमक, आकाशीय बिजली और 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं.
मौसम सिस्टम भी सक्रिय
मौसम विभाग के अनुसार उत्तर-पश्चिम और पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी तथा उससे लगे दक्षिण ओडिशा-उत्तर आंध्र प्रदेश तट के ऊपर कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है. इससे जुड़ा चक्रवाती परिसंचरण समुद्र तल से करीब 7.6 किलोमीटर की ऊंचाई तक फैला है. इसके अगले 24 घंटों में उत्तर तटीय आंध्र प्रदेश और दक्षिण ओडिशा से होते हुए पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ने की संभावना है.
इसके अलावा उत्तर राजस्थान से मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ होते हुए बंगाल की खाड़ी के कम दबाव वाले क्षेत्र से जुड़ा ट्रफ भी सक्रिय है. मानसून ट्रफ श्रीगंगानगर, चूरू, शिवपुरी, दमोह और बिलासपुर होते हुए कम दबाव वाले क्षेत्र तक पहुंच रही है. यही मौसमी प्रणालियां मध्य प्रदेश में बारिश की गतिविधियों को प्रभावित कर रही हैं.
पिछले 24 घंटे में कहां हुई ज्यादा बारिश
11 सितंबर को जारी मौसम सारांश के मुताबिक पिछले 24 घंटे में रीवा और शहडोल संभागों के अधिकांश स्थानों पर तथा जबलपुर और सागर संभागों के अनेक स्थानों पर बारिश दर्ज हुई. भोपाल और नर्मदापुरम संभागों में कुछ स्थानों पर, जबकि इंदौर, ग्वालियर और चंबल संभागों में कहीं-कहीं बारिश हुई.
दमोह में 144.0 मिमी बारिश दर्ज की गई, जिसे अति भारी बारिश के तौर पर दर्ज किया गया. गुलाबगंज में 90.0 मिमी, पटेरा में 86.0 मिमी और पथरिया में 76.0 मिमी बारिश दर्ज हुई.
तापमान में भी दिखा बदलाव
पिछले 24 घंटे में रीवा संभाग के जिलों में अधिकतम तापमान में 2.9 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की गई. भोपाल, नर्मदापुरम, उज्जैन, जबलपुर और सागर संभागों में अधिकतम तापमान सामान्य से 1.9 से 2.5 डिग्री सेल्सियस अधिक रहा.
प्रदेश में सबसे अधिक अधिकतम तापमान 35.6 डिग्री सेल्सियस ग्वालियर में दर्ज हुआ, जबकि सबसे कम न्यूनतम तापमान 18.6 डिग्री सेल्सियस खरगौन में रहा.
बारिश का असर क्या हो सकता है
भारी बारिश की स्थिति में निचले इलाकों में गंभीर जलभराव और अंडरपास में पानी भरने की समस्या हो सकती है. नदियों और जलप्रपातों का जलस्तर बढ़ने से बैराज, नालों और मौसमी जलधाराओं पर बने निचले पुलों और सड़कों पर पानी का बहाव बढ़ सकता है. इससे कुछ रास्ते अस्थायी रूप से बंद भी हो सकते हैं. नदी तटबंधों में कटाव और बाढ़ प्रभावित इलाकों में अचानक बाढ़ का खतरा भी बढ़ सकता है.
लोगों को किन बातों का ध्यान रखना चाहिए
गरज-चमक और आकाशीय बिजली के दौरान घर के अंदर रहना सबसे सुरक्षित विकल्प है. पेड़, बिजली के खंभे और खुले ऊंचे स्थानों के नीचे शरण लेने से बचें. इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के प्लग निकाल दें और बिजली का संचालन करने वाली वस्तुओं से दूरी रखें. मौसम खराब होने पर गैर-जरूरी यात्रा टालना बेहतर है.
अगर बारिश के दौरान वाहन चलाना जरूरी हो तो गति धीमी रखें और स्टीयरिंग पर मजबूत पकड़ बनाए रखें. पुलों और पानी से प्रभावित निचली सड़कों पर विशेष सावधानी बरतें. निर्माण स्थलों और मचान से भी दूरी बनाए रखें.
किसानों के लिए खास सलाह
किसानों को भारी बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं के दौरान सिंचाई तथा खरपतवारनाशी, कीटनाशी और उर्वरकों के छिड़काव से बचने की सलाह दी गई है. दलहन, तिलहन, सब्जियों और निचले खेतों में जल निकासी की उचित व्यवस्था रखें, ताकि जलभराव और जड़ों को नुकसान से बचाया जा सके.
सब्जियों, बेल वाली फसलों और युवा फलदार पौधों को सहारा दें तथा खेतों की मेड़ों को मजबूत करें. कटी हुई उपज, बीज, उर्वरक, कीटनाशी और कृषि उपकरणों को सूखी और सुरक्षित जगह पर रखें तथा जरूरत हो तो वाटरप्रूफ तिरपाल से ढकें. पॉलीहाउस और नेट हाउस जैसी संरचनाओं को तेज हवाओं से सुरक्षित रखने के लिए अच्छी तरह बांधना भी जरूरी है.
पशुपालक भी रहें सतर्क
बारिश और आंधी के दौरान पशुओं को खुले में न छोड़ें. तालाब, नदी और अन्य खुले जलस्रोतों से पशुओं को दूर रखें. रात में पशुओं को सुरक्षित शेड में रखें और उनके लिए पर्याप्त साफ पेयजल तथा सूखे चारे की व्यवस्था करें. भारी बारिश के बाद पशुशाला, चारे और पानी के स्रोत में बाढ़ या दूषित पानी की स्थिति की जांच करें.
अगले पांच दिनों का रुझान
मौसम विभाग ने आगामी पांच दिनों के लिए मौसम में किसी बड़े बदलाव की संभावना नहीं जताई है. यानी मध्य प्रदेश में बारिश और मानसून से जुड़ी गतिविधियां बनी रह सकती हैं. स्थानीय स्तर पर मौसम में बदलाव और अचानक तेज बारिश की स्थिति को देखते हुए लोगों को IMD और स्थानीय प्रशासन के ताजा अलर्ट पर नजर रखने की सलाह दी गई है.
स्रोत: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD), मौसम केंद्र भोपाल.
FAQ
1. 12 सितंबर को मध्य प्रदेश में बारिश होगी क्या?
हां. मौसम विभाग ने प्रदेश के कई जिलों में बारिश या गरज-चमक के साथ बौछारों का पूर्वानुमान दिया है. पूर्वी मध्य प्रदेश के कई जिलों में अधिकांश स्थानों पर बारिश की संभावना है.
2. किन जिलों में भारी बारिश का अलर्ट है?
रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल, शिवपुरी, सीधी, रीवा, मऊगंज, सतना, अनूपपुर, शहडोल, डिंडोरी, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला, बालाघाट, सागर, टीकमगढ़, मैहर और पांढुर्णा में कहीं-कहीं भारी बारिश के साथ गरज-चमक और 30-40 किमी प्रति घंटे की तेज हवा की चेतावनी है.
3. क्या 12 सितंबर को आकाशीय बिजली का खतरा है?
हां. कई जिलों में गरज-चमक और आकाशीय बिजली के साथ तेज हवाओं की चेतावनी दी गई है. ऐसे मौसम में खुले मैदान, पेड़ और बिजली के खंभों से दूर रहना चाहिए.
4. बारिश के दौरान यात्रा करनी हो तो क्या सावधानी रखें?
गति धीमी रखें, जलभराव वाले रास्तों और निचले पुलों से बचें और मौसम ज्यादा खराब होने पर गैर-जरूरी यात्रा टाल दें.
5. किसानों को अभी किन कामों से बचना चाहिए?
भारी बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं के दौरान सिंचाई तथा खरपतवारनाशी, कीटनाशी और उर्वरकों के छिड़काव से बचने की सलाह दी गई है. कृषि कार्य मौसम अनुकूल होने पर ही करें.


