Rajasthan Weather: राजस्थान में मौसम ने एक बार फिर करवट ले ली है. हाल ही में हुई बारिश, आंधी और तूफान के दौर के बाद अब राज्य में भीषण गर्मी का दौर शुरू हो गया है. मौसम का यह नया चरण लोगों के लिए चुनौतीपूर्ण साबित हो रहा है, खासकर तब जब तापमान तेजी से बढ़ने लगा है.
मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर के ताजा अपडेट के अनुसार, पिछले 24 घंटों में पूरे राज्य में मौसम शुष्क बना रहा और अधिकतम तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी दर्ज की गई है. अधिकांश जिलों में तापमान 35 से 38 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा, जबकि सबसे ज्यादा गर्मी बाड़मेर में दर्ज की गई, जहां पारा 39.6 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया. यह संकेत है कि आने वाले दिनों में गर्मी और तीव्र हो सकती है.
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राज्य के पश्चिमी हिस्सों जैसे जैसलमेर, जोधपुर, बीकानेर और श्रीगंगानगर में लू जैसी स्थिति बनने लगी है. इन इलाकों में तेज धूप के साथ-साथ सूखी हवाएं और रेत के तूफान लोगों की परेशानी बढ़ा रहे हैं. वहीं, पूर्वी राजस्थान के जयपुर, अजमेर, उदयपुर और कोटा संभाग में भी तापमान में लगातार बढ़ोतरी देखी जा रही है.
मौसम विभाग की भविष्यवाणी के मुताबिक, अगले एक सप्ताह तक राज्य में मौसम शुष्क ही बना रहेगा और बारिश या आंधी की संभावना बेहद कम है. आने वाले 4 से 5 दिनों में तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक और वृद्धि हो सकती है, जिससे कई क्षेत्रों में पारा 42 से 43 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की आशंका है. यह स्थिति हीट वेव की शुरुआत का संकेत मानी जा रही है.
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है. अधिक से अधिक पानी पीना, हल्के व सूती कपड़े पहनना और दोपहर 12 बजे से 4 बजे के बीच घर से बाहर न निकलना जरूरी बताया गया है. डिहाइड्रेशन से बचने के लिए ओआरएस, नींबू पानी, छाछ और मौसमी फलों का सेवन फायदेमंद रहेगा. बुजुर्गों, बच्चों और गर्भवती महिलाओं को विशेष ध्यान रखने की जरूरत है.
सरकार और प्रशासन भी स्थिति को देखते हुए सतर्क हो गए हैं. विभिन्न जिलों में हीट वेव एक्शन प्लान सक्रिय किया जा रहा है. अस्पतालों में गर्मी से जुड़ी बीमारियों के लिए विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं, जबकि स्कूलों के समय में बदलाव पर भी विचार किया जा रहा है. किसानों को सलाह दी गई है कि वे सिंचाई सुबह या शाम के समय करें.
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विशेषज्ञों का मानना है कि जलवायु परिवर्तन के कारण इस साल गर्मी सामान्य से अधिक तीव्र हो सकती है. ऐसे में लोगों से अपील है कि वे मौसम विभाग के अपडेट पर नजर रखें और किसी भी स्वास्थ्य समस्या पर तुरंत चिकित्सकीय सहायता लें.


