Shakti Dubey IAS posting: उत्तर प्रदेश में प्रशासनिक बदलाव की नई शुरुआत हो गई है. शक्ति दुबे, जिन्होंने UPSC Civil Services Examination 2024 में पहली रैंक हासिल कर इतिहास रचा, अब फील्ड में उतर चुकी हैं. मसूरी स्थित लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी से प्रशिक्षण पूरा करने के बाद उन्हें मुरादाबाद जिले में असिस्टेंट मजिस्ट्रेट/असिस्टेंट कलेक्टर के रूप में तैनात किया गया
योगी आदित्यनाथ की अगुवाई वाली उत्तर प्रदेश सरकार ने 2025 बैच के 21 प्रशिक्षु आईएएस अधिकारियों को जिलों में तैनात करने का फैसला लिया है. इन सभी अधिकारियों ने Lal Bahadur Shastri National Academy of Administration से ट्रेनिंग पूरी की है और अब इन्हें प्रशासनिक कार्यों की जमीनी समझ देने के लिए फील्ड में भेजा जा रहा है.
सरकार के आदेश के अनुसार 17 अप्रैल 2026 को इन अधिकारियों का फेज-1 प्रशिक्षण पूरा हो जाएगा. इसके तुरंत बाद इन्हें अलग-अलग जिलों में असिस्टेंट मजिस्ट्रेट और असिस्टेंट कलेक्टर के रूप में नियुक्त किया जाएगा, जहां वे प्रशासनिक प्रक्रियाओं, कानून-व्यवस्था और विकास कार्यों को नजदीक से समझेंगे और अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करेंगे.
शक्ति दुबे को पहली तैनाती के रूप में मुरादाबाद जिला दिया गया है, जो उनके करियर का पहला बड़ा प्रशासनिक कदम माना जा रहा है. इस जिले में काम करते हुए उन्हें शासन-प्रशासन के कई महत्वपूर्ण पहलुओं से गुजरना होगा, जिससे उनके भविष्य की स्थायी पोस्टिंग तय करने में मदद मिलेगी.
शक्ति दुबे मूल रूप से प्रयागराज की रहने वाली हैं और उनकी शैक्षिक पृष्ठभूमि बेहद मजबूत रही है. उन्होंने इलाहबाद विश्वविद्यालय से ग्रेजुएशन और बनारस हिंदू विश्वविद्यालय से बायोकेमिस्ट्री में पोस्ट-ग्रेजुएशन किया, जिसमें उन्होंने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए गोल्ड मेडल भी हासिल किया.
ट्रेनिंग पूरी करने के बाद सभी 21 आईएएस अधिकारियों को अलग-अलग जिलों में तैनात किया गया है, जैसे कोमल पुनिया को इटावा, आदित्य विक्रम अग्रवाल को अयोध्या, रिया सैनी को वाराणसी और श्वेता को लखनऊ भेजा गया है. इन नियुक्तियों का उद्देश्य प्रदेश के प्रशासनिक ढांचे को मजबूत करना और नए अधिकारियों को व्यावहारिक अनुभव प्रदान करना है.
फील्ड में तैनाती के दौरान इन अधिकारियों के कार्य, निर्णय लेने की क्षमता और नेतृत्व कौशल का लगातार मूल्यांकन किया जाएगा. इसी मूल्यांकन के आधार पर भविष्य में उनकी स्थायी तैनाती तय होगी, जिससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि योग्य और सक्षम अधिकारी ही महत्वपूर्ण प्रशासनिक पदों पर जिम्मेदारी संभालें.
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प्रदेश सरकार ने इन प्रशिक्षु अधिकारियों को हर संभव सहयोग देने के निर्देश भी दिए हैं. इसके लिए कार्मिक विभाग के विशेष सचिव विजय कुमार को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है, जो उनकी यात्रा, तैनाती और अन्य प्रशासनिक व्यवस्थाओं को सुचारू रूप से संचालित करेंगे, ताकि अधिकारी बिना किसी बाधा के अपनी जिम्मेदारियों को निभा सकें.


