UP Weather Update: उत्तर प्रदेश के आसमान से बरस रही आग और भीषण गर्मी से जूझ रहे लोगों के लिए राहत भरी खबर है. भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा अनुमान के अनुसार, प्रदेश में अगले दो दिनों के भीतर मौसम का मिजाज पूरी तरह बदलने वाला है. राज्य के अधिकांश हिस्सों में गरज-चमक के साथ बारिश और धूलभरी आंधी चलने की संभावना जताई गई है, जिससे तपते तापमान से बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है.
आंधी की रफ्तार और मौसम में बदलाव
मौसम विभाग की भविष्यवाणी के मुताबिक, 10 से 14 मई के दौरान उत्तर प्रदेश के कई जिलों में वायुमंडलीय बदलाव देखने को मिलेगा. इस अवधि में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की तेज रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं. गरज-चमक के साथ होने वाली इस बारिश से न केवल धूल से राहत मिलेगी, बल्कि अधिकतम तापमान में भी कई डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की जाएगी.
आम के बौर और फलों को तबाह कर रही हैं ये 5 बीमारियां, किसान भाई जानें एक्सपर्ट्स के अचूक उपाय
लखनऊ और प्रयागराज का हाल
प्रदेश की राजधानी लखनऊ में मौसम का असली बदलाव 12 और 13 मई को देखने को मिलेगा. विभाग का कहना है कि इन दो दिनों में शहर में घने बादल छाए रहेंगे और हल्की बारिश होने की प्रबल संभावना है.
वहीं, संगम नगरी प्रयागराज की बात करें तो यहाँ 13 मई को हल्की बूंदाबांदी के आसार हैं. हालांकि, विभाग ने चेतावनी दी है कि प्रयागराज में बारिश के बाद उमस (Humidity) का स्तर बढ़ सकता है, जिससे लोगों को थोड़ी बेचैनी महसूस हो सकती है.
बुंदेलखंड से पूर्वी यूपी तक दिखेगा असर
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, बादलों की यह आवाजाही केवल कुछ जिलों तक सीमित नहीं रहेगी. पश्चिमी उत्तर प्रदेश से लेकर मध्य यूपी, बुंदेलखंड और पूर्वी उत्तर प्रदेश के तमाम हिस्सों में बादलों का डेरा शुरू होगा. 10 मई से ही राज्य के अलग-अलग कोनों में बादलों की आवाजाही शुरू हो जाएगी, जो धीरे-धीरे पूरे प्रदेश को अपनी चपेट में ले लेगी.
तापमान में आएगी गिरावट
वर्तमान में उत्तर प्रदेश के कई जिलों में पारा 42 से 45 डिग्री के बीच बना हुआ है. इस बारिश के दौर से तापमान में कमी आएगी, जिससे लू (Heatwave) का प्रकोप कम होगा. मौसम विभाग का मानना है कि इस बदलाव से प्रदेशवासियों को झुलसाने वाली गर्मी से कम से कम 14 मई तक सुकून मिलता रहेगा.
भारत के सबसे अमीर राज्यों की लिस्ट आई सामने, UP-बिहार का हाल जानकर उड़ जाएंगे होश!
मौसम विभाग की सलाह है कि आंधी के दौरान पेड़ के नीचे या बिजली के खंभों के पास खड़े न हों. किसान भाई कटी हुई फसलों को सुरक्षित स्थानों पर रखने का प्रबंध करें.


