Today Weather Update 13 June 2026: देश के मौसम में तेजी से बदलाव देखने को मिल रहा है. एक तरफ दक्षिण-पश्चिम मानसून ने पूर्वी भारत के कई हिस्सों में अपनी पकड़ मजबूत कर ली है, वहीं दूसरी ओर पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से उत्तर-पश्चिम भारत में बारिश, आंधी और ओलावृष्टि का दौर जारी रहने की संभावना बनी हुई है. भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार अगले कुछ दिनों तक देश के अलग-अलग हिस्सों में मौसम की गतिविधियां तेज बनी रहेंगी. कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है, जबकि कुछ क्षेत्रों में लू का प्रकोप भी बरकरार रहने वाला है.
लखनऊ मेट्रो के दूसरे कॉरिडोर को मिली बड़ी रफ्तार, वसंतकुंज डिपो के लिए जारी हुआ ₹127 करोड़ का ठेका
मानसून ने पश्चिम बंगाल, बिहार और झारखंड में बढ़ाई पहुंच
मौसम विभाग के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून ने 12 जून को पश्चिम बंगाल, बिहार, झारखंड और ओडिशा के कुछ और हिस्सों में आगे बढ़त दर्ज की है. इसके चलते पूर्वी भारत में बारिश की गतिविधियां बढ़ने लगी हैं. आने वाले दिनों में मानसून के और आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल बनी हुई हैं.
विशेषज्ञों का कहना है कि मानसून की इस प्रगति से खरीफ फसलों की बुवाई को गति मिलने की उम्मीद है. साथ ही कई इलाकों में गर्मी से राहत भी मिलेगी.
उत्तर-पश्चिम भारत में बारिश, आंधी और ओलावृष्टि का दौर
पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बारिश की गतिविधियां बनी हुई हैं. मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि इन क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं.
हरियाणा, पंजाब, दिल्ली और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 60 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार वाली तेज आंधी चलने की संभावना जताई गई है. वहीं हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर के कुछ इलाकों में ओलावृष्टि की भी आशंका बनी हुई है.
विशेष रूप से उत्तराखंड और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भारी बारिश की संभावना को देखते हुए स्थानीय प्रशासन को सतर्क रहने की सलाह दी गई है.
राजस्थान में धूल भरी आंधी और मौसम का दोहरा असर
राजस्थान में मौसम का मिश्रित स्वरूप देखने को मिल सकता है. पश्चिमी और पूर्वी राजस्थान के कई क्षेत्रों में आंधी, गरज-चमक और धूल भरी हवाओं का असर बना रह सकता है. पश्चिमी राजस्थान में 12 से 13 जून के दौरान धूल भरी आंधी चलने की संभावना व्यक्त की गई है.
हालांकि इसी दौरान प्रदेश के कुछ हिस्सों में बारिश की गतिविधियां भी देखने को मिल सकती हैं, जिससे तापमान में अस्थायी गिरावट दर्ज होने की उम्मीद है.
मध्य भारत में गरज-चमक के साथ बारिश
मध्य प्रदेश, विदर्भ और छत्तीसगढ़ में भी मौसम सक्रिय बना हुआ है. कई जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है. मौसम विभाग के अनुसार पूर्वी और पश्चिमी मध्य प्रदेश में तेज हवाओं के साथ बारिश का दौर जारी रह सकता है.
कुछ इलाकों में ओलावृष्टि की भी संभावना जताई गई है. किसानों को सलाह दी गई है कि वे मौसम की ताजा जानकारी पर नजर बनाए रखें और फसलों की सुरक्षा के आवश्यक उपाय करें.
पूर्वी भारत में भारी बारिश का खतरा
बिहार, झारखंड, ओडिशा, गंगीय पश्चिम बंगाल और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल-सिक्किम में अगले कुछ दिनों तक व्यापक वर्षा होने की संभावना है.
बिहार, झारखंड और ओडिशा के कई क्षेत्रों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है. उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में कुछ स्थानों पर बहुत भारी वर्षा की संभावना भी जताई गई है.
बारिश के साथ तेज हवाएं और वज्रपात की घटनाएं भी हो सकती हैं. ऐसे में लोगों को खुले स्थानों और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचने की सलाह दी गई है.
पूर्वोत्तर भारत में लगातार सक्रिय रहेगा मानसून
अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में अगले कई दिनों तक व्यापक वर्षा जारी रहने की संभावना है.
मौसम विभाग के अनुसार अरुणाचल प्रदेश तथा असम-मेघालय के कुछ हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है. लगातार बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव और पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन का खतरा बढ़ सकता है.
दक्षिण भारत में भी बारिश का मजबूत दौर
केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और लक्षद्वीप में भी बारिश की गतिविधियां बनी रहेंगी. केरल और माहे में कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी वर्षा का अनुमान है.
तटीय कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं. दक्षिण भारत के कई क्षेत्रों में किसानों और मछुआरों को मौसम संबंधी सलाह का पालन करने को कहा गया है.
इन राज्यों में जारी रहेगी लू
जहां देश के कई हिस्सों में बारिश राहत लेकर आ रही है, वहीं मराठवाड़ा, तेलंगाना, विदर्भ और दक्षिण-पश्चिम राजस्थान के कुछ इलाकों में लू की स्थिति बनी रहने की संभावना है.
मौसम विभाग के अनुसार मराठवाड़ा और तेलंगाना में 12-13 जून तक, जबकि विदर्भ में 16 जून तक हीट वेव का असर देखने को मिल सकता है. विदर्भ के कुछ इलाकों में गर्म रातों की स्थिति भी बनी रह सकती है.
तापमान में आएगी गिरावट
उत्तर-पश्चिम भारत में बारिश और बादलों की वजह से अधिकतम तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज हो सकती है. हालांकि 14 जून के बाद तापमान में फिर से धीरे-धीरे बढ़ोतरी होने की संभावना है.
देश के अन्य हिस्सों में फिलहाल तापमान में किसी बड़े बदलाव की उम्मीद नहीं जताई गई है.
लोगों के लिए सलाह
मौसम विभाग ने लोगों को खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने की सलाह दी है. आंधी, बिजली और ओलावृष्टि के समय खुले स्थानों से दूर रहें. किसानों को फसल और कृषि उपकरणों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की सलाह दी गई है. भारी बारिश वाले इलाकों में यात्रा के दौरान अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत होगी.
देशभर में मानसून की सक्रियता और पश्चिमी विक्षोभ के संयुक्त प्रभाव से आने वाले कुछ दिन मौसम की दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण रहने वाले हैं.
FAQ
Q1. 13 जून 2026 को किन राज्यों में भारी बारिश की संभावना है?
उत्तर: उत्तराखंड, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, ओडिशा, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल-सिक्किम, अरुणाचल प्रदेश, असम-मेघालय और केरल के कुछ इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है.
Q2. किन राज्यों में आंधी और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया गया है?
उत्तर: पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के कई क्षेत्रों में 50 से 80 किमी प्रति घंटे तक की रफ्तार वाली तेज हवाएं चल सकती हैं.
Q3. किन इलाकों में हीट वेव की चेतावनी जारी है?
उत्तर: मराठवाड़ा, तेलंगाना, विदर्भ और दक्षिण-पश्चिम राजस्थान के कुछ हिस्सों में लू की स्थिति बनी रहने की संभावना है.
Q4. क्या मानसून आगे बढ़ रहा है?
उत्तर: हां. दक्षिण-पश्चिम मानसून 12 जून 2026 को पश्चिम बंगाल, बिहार, झारखंड और ओडिशा के कुछ और हिस्सों में आगे बढ़ चुका है और आगे विस्तार के लिए परिस्थितियां अनुकूल बनी हुई हैं.


