UP News: होली की रंगत इस बार प्रदेश के करीब 47 हजार राज्य कर्मचारियों के लिए फीकी पड़ती नजर आ रही है. बता दें कि सरकार ने स्पष्ट आदेश दिया था कि 10 मार्च तक चल और अचल संपत्तियों का ब्योरा मानव संपदा पोर्टल पर अपलोड करें, तभी जनवरी और फरवरी का वेतन जारी होगा. इससे त्योहार के समय इन कर्मचारियों को आर्थिक दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है.
राज्य सरकार ने सभी संबंधित कर्मचारियों को 10 मार्च तक मानव संपदा पोर्टल पर अपनी संपत्ति का पूरा ब्योरा अपलोड करने का अंतिम अवसर दिया है. शासन का कहना है कि संपत्ति विवरण ऑनलाइन दर्ज करने के बाद ही लंबित वेतन जारी किया जाएगा. निर्धारित तिथि तक जानकारी न देने पर आगे भी प्रशासनिक कार्रवाई संभव है.
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‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत सरकार ने लिया फैसला
यह निर्णय योगी आदित्यनाथ सरकार की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत लिया गया है. सरकार का उद्देश्य प्रशासन में पारदर्शिता बढ़ाना और भ्रष्टाचार पर सख्त नियंत्रण करना है. अधिकारियों का मानना है कि संपत्ति का अनिवार्य खुलासा करने से कर्मचारियों की जवाबदेही तय होगी और शासन व्यवस्था अधिक अनुशासित बनेगी.
मुख्य सचिव की और जारी निर्देश
इस संबंध में मुख्य सचिव एसपी गोयल की ओर से शासनादेश जारी किया गया है. आदेश में साफ कहा गया है कि जिन कर्मचारियों ने निर्देशों की अनदेखी की है, उन्हें न केवल वेतन से वंचित रहना पड़ेगा, बल्कि पदोन्नति और एसीपी जैसे लाभ भी तब तक नहीं मिलेंगे जब तक वे संपत्ति विवरण अपडेट नहीं करते.
राज्य सरकार एकीकृत मानव संसाधन प्रबंधन के लिए मानव संपदा पोर्टल का उपयोग कर रही है. इसी प्लेटफॉर्म पर सेवा पुस्तिका, वेतन विवरण, अवकाश, पदोन्नति और संपत्ति संबंधी जानकारी डिजिटल रूप से दर्ज की जाती है. शासन का कहना है कि सभी कर्मचारियों को तुरंत पोर्टल पर लॉगिन कर अपनी जानकारी अपडेट करनी चाहिए, ताकि वेतन जारी करने में देरी न हो.
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वहीं, जिन कर्मचारियों ने समय पर संपत्ति विवरण जमा कर दिया है, उन्हें होली के मद्देनजर 28 फरवरी को ही वेतन जारी किया जाएगा. वित्त विभाग ने जिला अधिकारियों और कोषागारों को निर्देश दिया है कि एक मार्च और दो मार्च के अवकाश को देखते हुए वेतन और पेंशन अग्रिम रूप से जारी कर दी जाए, ताकि त्योहार पर किसी को असुविधा न हो.


