Aaj Ka Mausam: अप्रैल की शुरुआत के साथ जहां आमतौर पर गर्मी बढ़ने की उम्मीद की जाती है, इस बार मौसम का मिजाज कुछ अलग ही नजर आ रहा है. 1 अप्रैल 2026 से लेकर अगले 5-6 दिनों तक देश के कई हिस्सों में आंधी, बारिश और बिजली गिरने की गतिविधियां जारी रहने की संभावना है. ऐसे में अगर आप यात्रा या किसी जरूरी काम से बाहर जाने की योजना बना रहे हैं, तो मौसम विभाग के पूर्वानुमान को जरूर ध्यान में रखें.
मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के कारण 2 से 5 अप्रैल के बीच उत्तर-पश्चिम भारत में मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा. इस दौरान हल्की से मध्यम बारिश का दौर जारी रह सकता है, जबकि 3 और 4 अप्रैल को इसका प्रभाव सबसे ज्यादा रहेगा. इन दिनों बारिश के साथ ओलावृष्टि और तेज हवाएं भी चल सकती हैं. खासतौर पर कश्मीर घाटी में 3 अप्रैल को भारी बारिश की संभावना जताई गई है.
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राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में 2 अप्रैल को आंशिक रूप से बादल छाए रहने का अनुमान है. यहां अधिकतम तापमान लगभग 33 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 18 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है. इसके बाद अगले कुछ दिनों में मौसम और बदल सकता है, जिसमें गरज-चमक, हल्की बारिश और तेज हवाओं का असर देखने को मिल सकता है.
उत्तर प्रदेश, हरियाणा और पंजाब में भी 3 से 5 अप्रैल के बीच मौसम तेजी से करवट ले सकता है. इन राज्यों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है, जो कुछ स्थानों पर 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती हैं. वहीं पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश में आंधी-तूफान का भी खतरा है, जहां हवा की रफ्तार 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक जा सकती है.
पहाड़ी क्षेत्रों की बात करें तो जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में बारिश के साथ बर्फबारी और ओलावृष्टि होने की संभावना है. 3 और 4 अप्रैल को इन इलाकों में मौसम ज्यादा खराब रह सकता है. तेज हवाएं और बिजली गिरने की घटनाएं भी हो सकती हैं, जिससे लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है.
पूर्वी भारत के राज्यों बिहार, झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल में भी अलग-अलग दिनों में बारिश और वज्रपात का अलर्ट जारी किया गया है. वहीं उत्तर-पूर्व भारत में असम, मेघालय और अरुणाचल प्रदेश में कई दिनों तक बारिश का दौर जारी रह सकता है, जिसमें कुछ स्थानों पर भारी वर्षा होने की संभावना है.
पश्चिमी भारत में भी मौसम बदला हुआ रहेगा. 1 से 4 अप्रैल के बीच मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा और गुजरात में कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है. इस दौरान गरज-चमक के साथ 30 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी, जो झोंकों में 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती हैं. वहीं 2 अप्रैल को तटीय महाराष्ट्र में बिजली गिरने का भी खतरा है. 2 और 3 अप्रैल को मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा में आंधी-तूफान की स्थिति बन सकती है, जहां हवाएं 50-60 किलोमीटर प्रति घंटे और झोंकों में 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती हैं. इसके अलावा 3 अप्रैल तक मध्य महाराष्ट्र और 3 अप्रैल को मराठवाड़ा में ओलावृष्टि की भी संभावना है.
दक्षिण भारत में भी 5 अप्रैल तक मौसम सक्रिय बना रहेगा. तटीय आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और आंतरिक कर्नाटक में हल्की से मध्यम बारिश, गरज-चमक और 30 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है. केरल और माहे में 3 से 5 अप्रैल तथा रायलसीमा में 4 और 5 अप्रैल को बारिश हो सकती है. इसके अलावा तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में 3 से 5 अप्रैल तथा तटीय कर्नाटक में 1 से 3 अप्रैल के बीच बिजली गिरने का अलर्ट जारी किया गया है. उत्तर और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में भी ओलावृष्टि की संभावना जताई गई है.
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इसके साथ ही मौसम विभाग ने कुछ इलाकों में उमस भरे हालात की भी चेतावनी दी है. केरल और माहे में 1-2 अप्रैल, तटीय पश्चिम बंगाल और झारखंड में 2 से 4 अप्रैल, और ओडिशा में 1 से 4 अप्रैल तक उमस लोगों की परेशानी बढ़ा सकती है. कुल मिलाकर अप्रैल का पहला सप्ताह देशभर में बदलते और सक्रिय मौसम के साथ गुजरने वाला है.


