Rajasthan Weather: राजस्थान में मौसम ने करवट ले ली है और 3 अप्रैल को राज्य के कई हिस्सों में तेज आंधी, मेघगर्जन और बारिश की गतिविधियां तेज होने की संभावना है. मौसम विभाग के अनुसार एक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से आज प्रदेश के पश्चिमी और पूर्वी दोनों हिस्सों में मौसम अस्थिर रहेगा.
मौसम केंद्र जयपुर के मुताबिक 3 अप्रैल को जोधपुर, बीकानेर, अजमेर, जयपुर, भरतपुर और कोटा संभाग के कुछ क्षेत्रों में तेज आंधी के साथ बारिश हो सकती है. इस दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना जताई गई है. कई स्थानों पर मेघगर्जन के साथ हल्की से मध्यम बारिश दर्ज हो सकती है.
विशेष रूप से बीकानेर, जोधपुर और अजमेर संभाग में मौसम का असर ज्यादा देखने को मिल सकता है, जहां कुछ इलाकों में ओलावृष्टि होने की भी आशंका है. वहीं जयपुर और भरतपुर संभाग में भी अचानक मौसम बदलने से लोगों को गर्मी से राहत मिल सकती है, लेकिन तेज हवाओं और बिजली गिरने का खतरा बना रहेगा.
मौसम विभाग ने बताया कि यह पश्चिमी विक्षोभ 4 अप्रैल तक सक्रिय रहेगा, जिससे प्रदेश के कई हिस्सों में मौसम खराब बना रह सकता है. इसके बाद 7-8 अप्रैल को एक और मजबूत पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की संभावना है, जो फिर से मौसम में बदलाव ला सकता है. अच्छी बात यह है कि आगामी एक सप्ताह तक राज्य में हीटवेव (लू) चलने की संभावना नहीं है, जिससे तापमान सामान्य या हल्का कम बना रह सकता है.
कृषि के लिए विशेष सलाह
मौसम विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि खुले में रखी फसल, अनाज और कृषि उत्पादों को सुरक्षित स्थान पर रखें या ढककर रखें. तेज आंधी और बारिश के कारण फसलों को नुकसान हो सकता है, इसलिए सतर्कता बरतना जरूरी है.
बता दें कि जयपुर मौसम केंद्र के निदेशक राधेश्याम गर्ग के अनुसार, प्रदेश में मार्च से ही लगातार पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय है, जिसका असर पूरे उत्तर भारत के मौसम पर देखने को मिल रहा है. उत्तर भारत के कई हिस्सों में जहां एक ओर बर्फबारी हो रही है, वहीं दूसरी ओर बारिश का दौर भी जारी है. इसका प्रभाव मार्च में राजस्थान में भी साफ तौर पर देखा गया और अप्रैल में भी इसी तरह के मौसम बने रहने की संभावना है.
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राजस्थान में आमतौर पर गर्मी के मौसम में चलने वाली तेज गर्म हवाएं और लू लोगों को काफी परेशान करती हैं. हालांकि, इस बार मार्च से लगातार सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के कारण लू का प्रभाव देखने को नहीं मिला है. विशेषज्ञों का मानना है कि इसी स्थिति के चलते अप्रैल के अंत तक भी लोगों को लू से राहत मिलती रह सकती है.


