Aaj Ka Mausam: देशभर में इस समय मौसम का मिजाज तेजी से बदलता नजर आ रहा है. विभिन्न सक्रिय मौसम प्रणालियों के प्रभाव के कारण अलग-अलग राज्यों में अलग-अलग तरह के हालात देखने को मिल रहे हैं. कहीं बारिश, आंधी और बिजली गिरने की संभावना बन रही है, तो वहीं कई क्षेत्रों में तापमान बढ़ने के साथ लू का असर तेज होता जा रहा है. मौसम विभाग ने आने वाले दिनों के लिए अलग-अलग क्षेत्रों में अलग-अलग पूर्वानुमान जारी करते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है.
यदि वर्तमान मौसम प्रणालियों की बात करें, तो दक्षिण-पूर्वी पाकिस्तान के निचले क्षोभमंडलीय स्तरों में राजस्थान से सटे क्षेत्रों के आसपास एक चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय है. इसके अलावा, उत्तर-पूर्वी बिहार और उससे सटे इलाकों में भी निचले क्षोभमंडलीय स्तरों में एक चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है. एक पूर्व-पश्चिम गर्त उत्तर-पूर्वी उत्तर प्रदेश से लेकर मणिपुर तक फैला हुआ है, जो उत्तर-पूर्वी बिहार, गंगा के मैदानी पश्चिम बंगाल के उत्तरी हिस्सों और बांग्लादेश के ऊपर स्थित चक्रवाती परिसंचरण से होकर गुजर रहा है. इसके साथ ही, उत्तर-पूर्वी बिहार के ऊपर स्थित चक्रवाती परिसंचरण से लेकर दक्षिण तमिलनाडु तक एक उत्तर-दक्षिण गर्त भी फैला हुआ है. वहीं, मध्य असम में भी निचले क्षोभमंडलीय स्तरों पर एक चक्रवाती परिसंचरण मौजूद है. दूसरी ओर, कर्नाटक और उससे सटे महाराष्ट्र के क्षेत्रों में निचले और मध्य क्षोभमंडलीय स्तरों में एक प्रतिचक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है. इसके अलावा, 15 अप्रैल 2026 की रात से पश्चिमी हिमालयी क्षेत्रों में एक कमजोर पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने की संभावना जताई गई है, जिससे पहाड़ी इलाकों के मौसम में बदलाव हो सकता है.
मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार, अगले एक सप्ताह के दौरान उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और पूर्वी भारत के तापमान में किसी बड़े बदलाव की संभावना नहीं है और मौसम सामान्य रूप से स्थिर बना रह सकता है. हालांकि, 14 अप्रैल को सिक्किम में, 14, 18 और 19 अप्रैल को अरुणाचल प्रदेश में तथा 17 से 19 अप्रैल के बीच ओडिशा, पश्चिम बंगाल, बिहार और असम में गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज हवाओं के साथ बारिश की संभावना जताई गई है. इसके साथ ही, अगले पांच दिनों में उत्तर, मध्य और पूर्वी भारत के अधिकतम तापमान में लगभग 4 से 6 डिग्री सेल्सियस तक की वृद्धि हो सकती है. 14 अप्रैल से कई क्षेत्रों में लू चलने की आशंका भी व्यक्त की गई है.
राजधानी दिल्ली में 14 अप्रैल को मौसम मुख्यतः साफ रहने का अनुमान है. अधिकतम तापमान 37 से 39 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है, जबकि न्यूनतम तापमान 18 से 20 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना है. शहर के कई हिस्सों में न्यूनतम तापमान सामान्य से 1.6 से 3 डिग्री सेल्सियस तक कम रह सकता है, जबकि अधिकतम तापमान सामान्य के आसपास ही रहने की उम्मीद है. हवाओं की दिशा दिनभर बदलती रहेगी. सुबह के समय उत्तर-पश्चिम दिशा से लगभग 15 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं. दोपहर के समय हवा की गति थोड़ी बढ़ेगी, लेकिन यह 20 किलोमीटर प्रति घंटे से कम ही रहेगी. शाम और रात के समय हवाएं धीमी होकर उत्तर दिशा की ओर मुड़ सकती हैं.
उत्तर प्रदेश में हाल के दिनों में मौसम में बदलाव देखा गया है. बीते कुछ दिनों में बारिश और तेज हवाओं के कारण मौसम सुहावना रहा है. हालांकि, 14 अप्रैल को पश्चिमी उत्तर प्रदेश में मौसम साफ रहने की संभावना है, जबकि पूर्वी उत्तर प्रदेश के कुछ इलाकों में हल्की बारिश या बौछारें पड़ सकती हैं. आने वाले पांच दिनों में अधिकतम तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी हो सकती है. न्यूनतम तापमान में अगले 24 घंटों में कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा, लेकिन उसके बाद इसमें धीरे-धीरे 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक वृद्धि हो सकती है.
बिहार में भी मौसम का मिजाज बदला हुआ नजर आएगा. पटना स्थित मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, 14 अप्रैल को राज्य के लगभग 25 जिलों में तेज हवाएं, गरज-चमक और बारिश की संभावना है. हवाओं की गति 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक हो सकती है. कई जिलों में वज्रपात की भी आशंका जताई गई है, जिसके चलते येलो अलर्ट जारी किया गया है. जिन जिलों में इसका प्रभाव देखा जा सकता है, उनमें पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, सीतामढ़ी, शिवहर, मुजफ्फरपुर, गोपालगंज, सिवान, वैशाली, समस्तीपुर, दरभंगा, मधुबनी, सुपौल, मधेपुरा, सहरसा, अररिया, किशनगंज, पूर्णिया, कटिहार, भागलपुर, मुंगेर, बांका, जमुई और खगड़िया शामिल हैं.
महाराष्ट्र में आने वाले दिनों में मौसम मुख्य रूप से गर्म और शुष्क बना रहेगा. तापमान में धीरे-धीरे बढ़ोतरी होगी, जिससे गर्मी का असर और अधिक तीव्र हो सकता है. खासकर मध्य महाराष्ट्र और विदर्भ क्षेत्रों में लू जैसी परिस्थितियां बन सकती हैं. बारिश की संभावना बेहद कम है, जिससे दिन के समय तेज धूप और गर्मी लोगों को परेशान कर सकती है.
पहाड़ी राज्यों में मौसम अस्थिर बना रह सकता है. सिक्किम में 14 अप्रैल को वर्षा की संभावना है, जबकि अरुणाचल प्रदेश में 14, 18 और 19 अप्रैल को बारिश हो सकती है. असम और मेघालय में 17 से 19 अप्रैल के बीच तेज हवाओं और बारिश का अनुमान है. हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में 17 से 19 अप्रैल के बीच हल्की से मध्यम बारिश और गरज-चमक की गतिविधियां हो सकती हैं. जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में 18 और 19 अप्रैल को इसी तरह का मौसम देखने को मिल सकता है.
पंजाब और हरियाणा में मौसम मुख्यतः साफ और शुष्क रहेगा, लेकिन तापमान में लगातार वृद्धि होगी. दिन का तापमान 40 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक तक पहुंच सकता है. बारिश की संभावना नहीं है, जिससे लू जैसी स्थिति बन सकती है.
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दक्षिण भारत के तमिलनाडु राज्य में कुछ राहत भरे संकेत हैं. कन्याकुमारी, तिरुनेलवेली और पश्चिमी घाट के क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई गई है. हालांकि, राज्य के अधिकांश हिस्सों में मौसम शुष्क ही बना रहेगा और तापमान में वृद्धि जारी रहेगी. पुडुचेरी में भी शुष्क मौसम रहने की संभावना है.
देशभर में मौसम विविध रूप दिखा रहा है, जहां कुछ क्षेत्रों में बारिश और तूफान की गतिविधियां देखने को मिलेंगी, वहीं कई हिस्सों में भीषण गर्मी और लू लोगों की मुश्किलें बढ़ा सकती है. आने वाले दिनों में मौसम के इन बदलते रुख को देखते हुए सतर्क रहना बेहद जरूरी है.


