Sitapur National Highway: उत्तर प्रदेश में सड़क इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया जा रहा है. भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने लखनऊ-सीतापुर राष्ट्रीय राजमार्ग को छह लेन में विकसित करने की प्रक्रिया तेज कर दी है. इस परियोजना की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) जून तक तैयार होने की उम्मीद है, जिसके बाद साल के अंत तक निर्माण कार्य शुरू किया जा सकता है.
NHAI के क्षेत्रीय अधिकारी विशाल गौतम के मुताबिक, DPR तैयार होते ही इसे सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय को वित्तीय मंजूरी के लिए भेजा जाएगा. मंजूरी मिलते ही टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी, ताकि जल्द से जल्द काम धरातल पर आ सके.
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ट्रैफिक जाम से मिलेगी राहत
वर्तमान में इस हाईवे पर रोजाना 38 हजार से अधिक वाहन गुजरते हैं, जिससे जाम की समस्या आम हो गई है. खासकर लखनऊ से मामपुर-इटौंजा टोल तक वाहनों की रफ्तार काफी धीमी हो जाती है. छह लेन बनने के बाद इस समस्या से बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है.
किसानों के लिए राहत की खबर
इस परियोजना की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसके लिए किसानों से जमीन अधिग्रहण नहीं किया जाएगा. NHAI के अनुसार, मौजूदा सड़क के दोनों ओर उपलब्ध जमीन का उपयोग करके ही चौड़ीकरण किया जाएगा. इससे जमीन अधिग्रहण और मुआवजे की लंबी प्रक्रिया से बचा जा सकेगा और काम तेजी से आगे बढ़ेगा.
भविष्य के ट्रैफिक को ध्यान में रखकर योजना
पिछले 15 वर्षों में इस मार्ग पर ट्रैफिक लगातार बढ़ा है. ऐसे में इसे छह लेन में बदलने का फैसला लिया गया है, ताकि आने वाले कई दशकों तक यातायात सुचारू बना रहे.
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टोल संचालन में भी होगा बदलाव
मामपुर-इटौंजा टोल प्लाजा का संचालन फिलहाल निजी कंपनी के पास है, जिसकी अवधि सितंबर 2026 में समाप्त हो जाएगी. इसके बाद NHAI खुद टोल संचालन संभालेगा. साथ ही, यहां नई तकनीक, बेहतर स्कैनर और तेज इंटरनेट कनेक्टिविटी की व्यवस्था की जाएगी, जिससे लंबी लाइनों की समस्या कम हो सके. यह परियोजना न केवल यात्रियों को राहत देगी, बल्कि उत्तर प्रदेश के विकास को भी नई रफ्तार देगी.


