UP News: उत्तर प्रदेश में विकास की रफ्तार अब और तेज होने जा रही है. गंगा एक्सप्रेस-वे के लोकार्पण से पहले ही इसके किनारे औद्योगिक गतिविधियों ने रफ्तार पकड़ ली है. बदायूं के घटपुरी में बनने जा रहा इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग एंड लॉजिस्टिक्स क्लस्टर (IMLC) अब निवेशकों के लिए बड़े मौके लेकर आया है. यूपीडा ने बदायूं के घटपुरी में प्रस्तावित आईएमएलसी के लिए भूमि आवंटन प्रक्रिया शुरू कर दी है.
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पश्चिमी यूपी का उभरता आर्थिक केंद्र
बदायूं जिले के घटपुरी क्षेत्र में विकसित हो रहा यह इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग एंड लॉजिस्टिक्स क्लस्टर (IMLC) करीब 269 एकड़ में फैला होगा. यह परियोजना खास तौर पर मैन्युफैक्चरिंग और लॉजिस्टिक्स कंपनियों को ध्यान में रखकर बनाई जा रही है, ताकि उन्हें एक ही जगह पर आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर, वेयरहाउसिंग और तेज परिवहन सुविधाएं मिल सकें.
बदायूं का यह नया औद्योगिक हब पश्चिमी उत्तर प्रदेश में उभरते आर्थिक केंद्र के रूप में देखा जा रहा है. यहां स्थापित होने वाले उद्योगों को बेहतर कनेक्टिविटी, सस्ती जमीन और तेजी से बढ़ते बाजार का लाभ मिलेगा, जिससे यह क्षेत्र निवेश के लिए बेहद आकर्षक बनता जा रहा है.
प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मिलेगी मजबूती
इस परियोजना की सबसे बड़ी खासियत इसकी रणनीतिक लोकेशन है. यह स्थल राष्ट्रीय राजमार्ग एनएच-21 और एनएच-731 से जुड़ा हुआ है, साथ ही गंगा एक्सप्रेसवे से सिर्फ एक किलोमीटर की दूरी पर स्थित है, जिससे माल ढुलाई और लॉजिस्टिक्स संचालन बेहद आसान और समय बचाने वाला हो जाएगा.
मेरठ से प्रयागराज तक लगभग 594 किलोमीटर लंबा गंगा एक्सप्रेसवे प्रदेश की कनेक्टिविटी को नई ऊंचाई देगा. इस एक्सप्रेसवे के चालू होने से न केवल यात्रा समय घटेगा बल्कि औद्योगिक गतिविधियों और व्यापार को भी सीधा फायदा मिलेगा, जिससे प्रदेश की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी.
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खुलेंगे रोजगार के नए द्वार
इस पूरे प्रोजेक्ट के तहत बदायूं में घटपुरी, वनकोटा और पापड़ जैसे स्थानों पर औद्योगिक क्षेत्र विकसित किए जाने की योजना है. इनमें से घटपुरी को प्राथमिकता देते हुए पहले विकसित किया जा रहा है, जहां भूमि आवंटन शुरू हो चुका है और निवेशकों को यूपीडा की वेबसाइट के माध्यम से आवेदन करने का अवसर दिया जा रहा है.
इस परियोजना से बदायूं और आसपास के क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन की उम्मीद जताई जा रही है. प्रदेश सरकार का मानना है कि इससे स्थानीय युवाओं को रोजगार मिलेगा, छोटे कारोबार को बढ़ावा मिलेगा और क्षेत्रीय आर्थिक विकास को नई गति मिलेगी, जिससे यह इलाका एक मिनी इंडस्ट्रियल सिटी के रूप में उभरेगा.


