अगर आपने कभी गंगा नदी के घाटों पर ध्यान से देखा हो, तो कुछ बच्चे हाथ में कांच का टुकड़ा लेकर पानी में झांकते नजर आते हैं. पहली नजर में यह अजीब लग सकता है, लेकिन इसके पीछे उम्मीद, मेहनत और रोजी-रोटी की कहानी छिपी होती है.
ये बच्चे गंगा में गिरे पुराने सिक्के, चांदी के छोटे गहने और पूजा में चढ़ाई गई धातु की चीजें खोजने की कोशिश करते हैं.
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आखिर गंगा में क्यों फेंके जाते हैं सिक्के?
भारत में गंगा नदी को बेहद पवित्र माना जाता है. लाखों श्रद्धालु यहां पूजा-पाठ और धार्मिक अनुष्ठान करते हैं. कई लोग:
- सिक्के
- चांदी के छोटे आभूषण
- पूजा सामग्री
- और अन्य धातु की वस्तुएं
नदी में अर्पित करते हैं. समय के साथ ये चीजें नदी की मिट्टी और तल में दब जाती हैं. इन्हें ढूंढना ही कई बच्चों और स्थानीय लोगों के लिए कमाई का जरिया बन जाता है.
कांच से क्या देखते हैं बच्चे?
सबसे बड़ा सवाल यही होता है कि बच्चे हाथ में कांच क्यों रखते हैं?
असल में पानी की सतह पर सूरज की रोशनी पड़ने से नीचे साफ दिखाई नहीं देता. बच्चे कांच को खास angle पर पानी में डालकर glare कम करने की कोशिश करते हैं. इससे नदी के नीचे पड़ी चीजें थोड़ी साफ नजर आने लगती है.कई जगह लोग magnets और metal detectors का भी इस्तेमाल करते दिखाई देते हैं.
किस्मत साथ दे तो हो जाती है अच्छी कमाई
अधिकतर दिनों में बच्चों को केवल कुछ सिक्के ही मिलते हैं, लेकिन कभी-कभी उन्हें:
- चांदी की चेन
- अंगूठी
- पुराने सिक्के
- या दूसरी कीमती चीजें
भी मिल जाती हैं. कुछ rare चीजें antique collectors भी खरीद लेते हैं. इसी उम्मीद में कई बच्चे रोज घंटों नदी किनारे मेहनत करते हैं.
यह काम कितना खतरनाक है?
हालांकि यह सुनने में दिलचस्प लगता है, लेकिन यह काम काफी जोखिम भरा माना जाता है. तेज धारा, गहरा पानी और फिसलन कई बार हादसों का कारण बनती है. Reuters की एक रिपोर्ट के अनुसार कई नदी गोताखोर और coin hunters प्रदूषित पानी में उतरकर अपनी जान जोखिम में डालते हैं.
कुछ लोग इसे “fortune hunting” कहते हैं, लेकिन कई परिवारों के लिए यह survival का जरिया भी है.
Social Media पर वायरल होते रहते हैं ऐसे वीडियो
हाल के वर्षों में Ganga coin hunting से जुड़े कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए हैं. कुछ videos में लोग magnet की मदद से सिक्के निकालते दिखे, जबकि कुछ scripted videos को लेकर fact-check भी सामने आए. इस वजह से असली घटनाओं और scripted content के बीच अंतर करना भी जरूरी माना जाता है.
सदियों पुरानी कहानियों से जुड़ा है “खजाने” का विश्वास
भारत में नदियों और पुराने घाटों से खजाने मिलने की कहानियां लंबे समय से सुनाई जाती रही हैं. इतिहास में कई बार पुराने सिक्के और धातु की वस्तुएं नदी किनारे मिलने के उल्लेख भी मिलते हैं.
हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि आज ज्यादातर लोग केवल पूजा में फेंके गए सिक्के और छोटी धातु की वस्तुएं ही खोजते हैं.
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उम्मीद पर टिकी होती है इन बच्चों की दुनिया
गंगा किनारे घंटों पानी में झांकते ये बच्चे केवल सिक्के नहीं खोजते, बल्कि अपने परिवार के लिए उम्मीद तलाशते हैं. कई बार पूरा दिन मेहनत करने के बाद कुछ नहीं मिलता, लेकिन कभी-कभी एक छोटी खोज भी उनके लिए बड़ी कमाई बन जाती है. यही उम्मीद उन्हें हर सुबह फिर से गंगा किनारे ले आती है.
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