भारत में पब्लिक WiFi नेटवर्क को और आसान और सस्ता बनाने के लिए सरकार ने PM-WANI सिस्टम में बड़े बदलावों का ऐलान किया है. अब लोगों को बार-बार OTP डालने या लंबी लॉगिन प्रक्रिया से नहीं गुजरना पड़ेगा. नए सिस्टम के तहत यूजर्स QR कोड स्कैन करके सीधे इंटरनेट से कनेक्ट हो सकेंगे. इसके साथ ही सरकार ने छोटे समय वाले सस्ते इंटरनेट प्लान भी शुरू करने की तैयारी की है, जिससे यात्रियों, छात्रों और कम समय के इंटरनेट यूजर्स को बड़ा फायदा मिल सकता है.
दूरसंचार विभाग (DoT) ने PM-WANI ढांचे में ये बदलाव डिजिटल इंडिया मिशन को मजबूत करने और पब्लिक इंटरनेट एक्सेस को ज्यादा आसान बनाने के उद्देश्य से किए हैं. अधिकारियों का कहना है कि नई सुविधाएं आने वाले हफ्तों में धीरे-धीरे लागू की जाएंगी.
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क्या है PM-WANI योजना?
PM-WANI यानी Prime Minister’s Wi-Fi Access Network Interface एक सरकारी पहल है, जिसे देशभर में सस्ते और सार्वजनिक WiFi नेटवर्क बढ़ाने के लिए शुरू किया गया था. इस सिस्टम के तहत छोटे दुकानदार, कैफे, लोकल बिजनेस और अन्य संस्थान Public Data Office (PDO) बनकर लोगों को WiFi सुविधा उपलब्ध करा सकते हैं.
इस योजना का उद्देश्य खासकर उन इलाकों में इंटरनेट पहुंच बढ़ाना है जहां मोबाइल डेटा या फाइबर कनेक्टिविटी सीमित है. सरकार का मानना है कि सार्वजनिक WiFi भविष्य में डिजिटल सेवाओं की पहुंच बढ़ाने में अहम भूमिका निभाएगा.
अब QR कोड स्कैन करते ही मिलेगा इंटरनेट
नए अपडेट के तहत सबसे बड़ा बदलाव QR-based authentication को माना जा रहा है. अभी तक कई जगह PM-WANI WiFi इस्तेमाल करने के लिए OTP आधारित लॉगिन करना पड़ता था, जिससे लैपटॉप और दूसरे डिवाइस पर कनेक्ट करना थोड़ा मुश्किल हो जाता था.
अब यूजर अपने स्मार्टफोन से QR कोड स्कैन करके आसानी से लैपटॉप या दूसरे डिवाइस को इंटरनेट से जोड़ सकेगा.
इससे क्या फायदा होगा?
- लॉगिन प्रक्रिया तेज होगी
- OTP का इंतजार नहीं करना पड़ेगा
- लैपटॉप और टैबलेट आसानी से कनेक्ट होंगे
- सार्वजनिक WiFi इस्तेमाल करना आसान बनेगा
विशेषज्ञों का कहना है कि यह बदलाव खासकर रेलवे स्टेशन, एयरपोर्ट, कॉलेज और बाजार जैसे इलाकों में काफी उपयोगी साबित हो सकता है.
15, 30 और 60 मिनट वाले सस्ते प्लान
सरकार ने PM-WANI नेटवर्क के लिए छोटे समय वाले “सैशे प्लान” शुरू करने की सलाह भी दी है. इसके तहत यूजर्स 15 मिनट, 30 मिनट और 60 मिनट की इंटरनेट वैलिडिटी वाले छोटे प्लान खरीद सकेंगे.
यह मॉडल खासकर उन लोगों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है जिन्हें पूरे दिन के डेटा की जरूरत नहीं होती.
किन लोगों को होगा सबसे ज्यादा फायदा?
- रेलवे स्टेशन पर यात्री
- कॉलेज स्टूडेंट्स
- बस स्टैंड और मॉल विजिटर्स
- छोटे दुकानदार
- कम बजट वाले इंटरनेट यूजर्स
विशेषज्ञ मानते हैं कि छोटे प्लान से पब्लिक WiFi का इस्तेमाल तेजी से बढ़ सकता है क्योंकि लोग जरूरत के हिसाब से कम पैसे में इंटरनेट खरीद पाएंगे.
पब्लिक WiFi नेटवर्क की पहचान भी होगी आसान
DoT ने PM-WANI हॉटस्पॉट्स के नाम यानी SSID को भी स्टैंडर्डाइज करने के निर्देश दिए हैं. इसका मतलब यह है कि भविष्य में यूजर्स आसानी से पहचान सकेंगे कि कौन सा WiFi नेटवर्क असली PM-WANI नेटवर्क है.
इस कदम का मकसद फर्जी WiFi नेटवर्क और साइबर फ्रॉड के खतरे को कम करना भी है.
BSNL और सरकार क्यों दे रहे हैं जोर?
भारत में मोबाइल इंटरनेट यूजर्स तेजी से बढ़ रहे हैं, लेकिन कई जगहों पर अभी भी तेज और सस्ता इंटरनेट बड़ी चुनौती बना हुआ है. सरकार चाहती है कि Public WiFi को एक “डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर” की तरह विकसित किया जाए. विशेषज्ञों के अनुसार:
- इससे डिजिटल सेवाओं की पहुंच बढ़ेगी
- छोटे शहरों और गांवों में इंटरनेट आसान होगा
- ऑनलाइन शिक्षा और डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा मिलेगा
- लोकल बिजनेस को अतिरिक्त कमाई का मौका मिलेगा
PM-WANI मॉडल में छोटे दुकानदार भी अपना WiFi नेटवर्क शेयर करके कमाई कर सकते हैं.
कितने सस्ते हो सकते हैं ये प्लान?
अलग-अलग PM-WANI ऑपरेटर पहले से कम कीमत वाले प्लान दे रहे हैं. कई जगहों पर 5 से 10 रुपये में छोटे डेटा पैक उपलब्ध हैं. कुछ PDO नेटवर्क 1GB डेटा बेहद कम कीमत पर ऑफर करते हैं.
हालांकि कीमतें इलाके और ऑपरेटर के हिसाब से अलग हो सकती हैं.
साइबर सुरक्षा को लेकर क्या सावधानी जरूरी?
विशेषज्ञों का कहना है कि पब्लिक WiFi इस्तेमाल करते समय कुछ सावधानियां जरूरी हैं:
बैंकिंग काम से बचें
पब्लिक WiFi पर संवेदनशील बैंकिंग ट्रांजैक्शन कम करना बेहतर माना जाता है.
केवल असली नेटवर्क से जुड़ें
PMWANI नाम वाले आधिकारिक नेटवर्क की पहचान करें.
VPN और सिक्योर ब्राउजिंग का इस्तेमाल करें
इससे डेटा सुरक्षा बेहतर रहती है.
अनजान लिंक पर क्लिक न करें
फर्जी लॉगिन पेज से बचना जरूरी है.
कब तक लागू होंगे नए बदलाव?
रिपोर्ट्स के अनुसार DoT ने सभी स्टेकहोल्डर्स को लगभग 8 हफ्तों के भीतर नए नियम लागू करने के निर्देश दिए हैं. माना जा रहा है कि जुलाई 2026 तक कई जगहों पर QR आधारित लॉगिन और नए सैशे प्लान शुरू हो सकते हैं.
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क्या बदल सकता है भविष्य?
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि PM-WANI नेटवर्क तेजी से बढ़ता है तो भारत में Public WiFi का उपयोग काफी बढ़ सकता है. आने वाले समय में:
- छोटे शहरों में सस्ता इंटरनेट आसान हो सकता है
- डिजिटल एजुकेशन को बढ़ावा मिलेगा
- लोकल दुकानदारों की कमाई बढ़ सकती है
- मोबाइल डेटा पर निर्भरता कुछ हद तक कम हो सकती है
सरकार इसे भारत की डिजिटल कनेक्टिविटी को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम मान रही है.


