Weather Update 15 July 2026: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार उत्तर बंगाल की खाड़ी के ऊपर संभावित निम्न दबाव क्षेत्र बनने की संभावना है. इसी सिस्टम के प्रभाव से 15 जुलाई, बुधवार से अगले सात दिनों के दौरान पूर्वी भारत, पूर्वोत्तर भारत, पूर्वी उत्तर प्रदेश तथा पश्चिमी हिमालयी क्षेत्रों में वर्षा गतिविधियां बढ़ने का अनुमान है. सबसे अधिक असर ओडिशा में देखने को मिल सकता है, जहां 14 और 15 जुलाई को कुछ स्थानों पर अत्यंत भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है.
इसके विपरीत उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी इलाकों, पश्चिम-मध्य भारत और दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत के अधिकांश हिस्सों में अगले 6 से 7 दिनों तक बारिश की गतिविधियां अपेक्षाकृत कमजोर रहने की संभावना जताई गई है.
देशभर के लिए प्रमुख मौसम अलर्ट
| क्षेत्र | मौसम की स्थिति |
|---|---|
| पूर्वी भारत | व्यापक वर्षा, कई स्थानों पर भारी से अत्यधिक भारी बारिश |
| पूर्वोत्तर भारत | लगातार व्यापक वर्षा और कुछ क्षेत्रों में भारी बारिश |
| पूर्वी उत्तर प्रदेश | बारिश में बढ़ोतरी, 17 से 20 जुलाई के बीच भारी वर्षा की संभावना |
| पश्चिमी हिमालय | उत्तराखंड, हिमाचल और जम्मू-कश्मीर में वर्षा गतिविधियां तेज |
| उत्तर-पश्चिम मैदान | बारिश सीमित, लेकिन कुछ स्थानों पर गरज-चमक और तेज हवा |
| पश्चिम-मध्य भारत | अधिकांश हिस्सों में सामान्य से कम बारिश |
| दक्षिण भारत | कई राज्यों में हल्की से मध्यम बारिश, कुछ स्थानों पर लू और उमस का असर |
उत्तर-पश्चिम भारत का मौसम
उत्तर-पश्चिम भारत में 15 जुलाई से अलग-अलग राज्यों में हल्की से मध्यम बारिश जारी रह सकती है. जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में बारिश का दायरा धीरे-धीरे बढ़ेगा. उत्तराखंड में 15 से 20 जुलाई के बीच कहीं-कहीं भारी बारिश होने की संभावना है.
हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, पंजाब, पश्चिमी उत्तर प्रदेश तथा राजस्थान के पूर्वी और पश्चिमी हिस्सों में 14 से 20 जुलाई के बीच छिटपुट वर्षा का अनुमान है. 19 और 20 जुलाई को हरियाणा, पंजाब और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भारी बारिश की संभावना भी जताई गई है.
जम्मू-कश्मीर में पूरे सप्ताह 40 से 50 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से तेज हवा, गरज और बिजली गिरने की संभावना बनी रहेगी. उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी क्षेत्रों में 15 जुलाई को भी 25 से 35 किमी प्रति घंटा की तेज सतही हवाएं चल सकती हैं.
मध्य भारत में कैसा रहेगा मौसम
मध्य प्रदेश के पूर्वी और पश्चिमी हिस्सों में 15 जुलाई से 20 जुलाई तक अलग-अलग स्थानों पर बारिश जारी रहने की संभावना है. विदर्भ में भी वर्षा का सिलसिला बना रहेगा.
छत्तीसगढ़ में 15 जुलाई तक कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है, जबकि 18 से 20 जुलाई के दौरान राज्य के अधिकांश हिस्सों में व्यापक वर्षा होने का अनुमान है. मध्य प्रदेश में 16 से 18 जुलाई के बीच गरज, बिजली और 40 से 50 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं.
पूर्वी भारत में सबसे ज्यादा असर
पूर्वी भारत इस मौसम प्रणाली से सबसे अधिक प्रभावित रहने वाला क्षेत्र माना जा रहा है.
पश्चिम बंगाल, झारखंड, बिहार और ओडिशा में 15 जुलाई से लगातार वर्षा का दौर जारी रहने की संभावना है. ओडिशा में 14 और 15 जुलाई को अत्यंत भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है. 16 जुलाई को भी राज्य के कुछ हिस्सों में बहुत भारी वर्षा हो सकती है.
बिहार में 16 से 20 जुलाई के बीच भारी बारिश का दौर शुरू हो सकता है. वहीं 14 और 15 जुलाई को भी कुछ इलाकों में बहुत भारी वर्षा होने की संभावना जताई गई है.
उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 14 से 18 जुलाई तक भारी बारिश तथा 19 और 20 जुलाई को कुछ स्थानों पर बहुत भारी वर्षा का पूर्वानुमान है.
पूर्वोत्तर भारत में लगातार बारिश
अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 15 जुलाई से पूरे सप्ताह व्यापक वर्षा जारी रहने की संभावना है.
अरुणाचल प्रदेश तथा असम-मेघालय में कई स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है. नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी भारी वर्षा की संभावना बनी हुई है. इन क्षेत्रों में गरज और बिजली गिरने का भी खतरा रहेगा.
पश्चिम भारत का मौसम
गुजरात, सौराष्ट्र-कच्छ, मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा में हल्की से मध्यम बारिश जारी रहने का अनुमान है. मराठवाड़ा में 15 और 16 जुलाई को कहीं-कहीं बहुत भारी वर्षा हो सकती है.
कोंकण और गोवा में 17 जुलाई के बाद वर्षा गतिविधियों में बढ़ोतरी होने की संभावना है.
दक्षिण भारत का मौसम
दक्षिण भारत में अधिकांश स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश जारी रहेगी. केरल, कर्नाटक, तेलंगाना, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और रायलसीमा में अलग-अलग स्थानों पर गरज, बिजली और तेज हवाएं चल सकती हैं.
केरल, तटीय कर्नाटक और तेलंगाना में 30 से 50 किमी प्रति घंटा तक की तेज हवाएं चलने का अनुमान है.
हालांकि तमिलनाडु, पुडुचेरी, तटीय आंध्र प्रदेश और रायलसीमा के कुछ हिस्सों में 14 और 15 जुलाई को लू तथा उमस भरे मौसम की स्थिति भी बनी रह सकती है.
कहां-कहां भारी बारिश का अलर्ट
| राज्य/क्षेत्र | अलर्ट |
|---|---|
| ओडिशा | 14-15 जुलाई. अत्यंत भारी बारिश |
| बिहार | 16-20 जुलाई. भारी बारिश |
| उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल एवं सिक्किम | 14-18 जुलाई भारी, 19-20 जुलाई बहुत भारी बारिश |
| उत्तराखंड | 15-20 जुलाई. भारी बारिश |
| हिमाचल प्रदेश | 18-20 जुलाई. भारी बारिश |
| जम्मू-कश्मीर | 18-20 जुलाई. भारी बारिश |
| हरियाणा, पंजाब, पश्चिमी उत्तर प्रदेश | 19-20 जुलाई. भारी बारिश |
| पूर्वी उत्तर प्रदेश | 17-20 जुलाई. भारी बारिश |
| छत्तीसगढ़ | 14-15 जुलाई. भारी बारिश |
| मराठवाड़ा | 15-16 जुलाई. बहुत भारी बारिश |
गरज, बिजली और तेज हवाओं का अलर्ट
15 जुलाई से कई राज्यों में गरज-चमक के साथ बिजली गिरने और तेज हवाओं की संभावना बनी रहेगी. जम्मू-कश्मीर, मध्य प्रदेश, झारखंड, बिहार, पश्चिम बंगाल, पूर्वोत्तर भारत, तेलंगाना, कर्नाटक, केरल और आंध्र प्रदेश के कई हिस्सों में 30 से 60 किमी प्रति घंटा तक की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं.
लोगों पर क्या पड़ेगा असर
भारी बारिश वाले क्षेत्रों में जलभराव, सड़क यातायात प्रभावित होने, निचले इलाकों में पानी भरने और स्थानीय बाढ़ जैसी स्थिति बन सकती है. पहाड़ी राज्यों में भूस्खलन और पत्थर गिरने की घटनाओं का खतरा बढ़ सकता है. तेज हवाओं और बिजली गिरने से बिजली आपूर्ति तथा पेड़ों को नुकसान पहुंच सकता है. दूसरी ओर जिन राज्यों में बारिश कम रहेगी वहां उमस और गर्मी लोगों की परेशानी बढ़ा सकती है.
क्या सावधानियां बरतें
- भारी बारिश के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें.
- नदी, नाले और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूरी बनाए रखें.
- गरज और बिजली के समय खुले मैदान या पेड़ों के नीचे खड़े न हों.
- मौसम विभाग द्वारा जारी स्थानीय चेतावनियों पर लगातार नजर रखें.
- पहाड़ी क्षेत्रों में यात्रा से पहले सड़क और मौसम की स्थिति की जानकारी अवश्य लें.
- तेज हवा की संभावना वाले क्षेत्रों में कमजोर संरचनाओं और खुले सामान को सुरक्षित रखें.
- किसानों को फसल और कृषि उपकरण सुरक्षित स्थान पर रखने की सलाह दी जाती है.
15 जुलाई 2026, बुधवार से देश के मौसम में स्पष्ट बदलाव देखने को मिल सकता है. उत्तर बंगाल की खाड़ी में बनने वाले संभावित निम्न दबाव क्षेत्र के कारण पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में बारिश तेज होने की संभावना है. ओडिशा सबसे अधिक प्रभावित राज्यों में शामिल रहेगा, जहां अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट जारी है. वहीं उत्तर-पश्चिम भारत, पश्चिम-मध्य और दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत के अधिकांश हिस्सों में बारिश सामान्य से कम रहने की संभावना है. ऐसे में नागरिकों को स्थानीय मौसम चेतावनियों का पालन करते हुए सतर्क रहने की आवश्यकता है.
स्रोत: भारत मौसम विज्ञान विभाग द्वारा जारी 15 जुलाई 2026 के लिए राष्ट्रीय मौसम बुलेटिन और मौसम संबंधी चेतावनी.
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FAQ
Q1. 15 जुलाई 2026 को सबसे ज्यादा भारी बारिश किस राज्य में होने की संभावना है?
उत्तर. भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार ओडिशा में 14 और 15 जुलाई को अत्यंत भारी बारिश होने की सबसे अधिक संभावना है.
Q2. क्या उत्तर प्रदेश में भी बारिश बढ़ेगी?
उत्तर. हां. पूर्वी उत्तर प्रदेश में अगले कुछ दिनों में वर्षा गतिविधियां बढ़ने का अनुमान है और 17 से 20 जुलाई के बीच कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है.
Q3. किन राज्यों में बारिश सामान्य से कम रहने की संभावना है?
उत्तर. उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी क्षेत्र, पश्चिम-मध्य भारत और दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत के कई हिस्सों में अगले 6 से 7 दिनों तक वर्षा गतिविधियां अपेक्षाकृत कम रह सकती हैं.
Q4. क्या बिजली गिरने और तेज हवाओं का भी खतरा है?
उत्तर. हां. कई राज्यों में गरज-चमक, बिजली गिरने और 30 से 60 किमी प्रति घंटा तक की तेज हवाओं की चेतावनी जारी की गई है.
Q5. लोगों को सबसे महत्वपूर्ण सावधानी क्या रखनी चाहिए?
उत्तर. भारी बारिश, जलभराव, बिजली गिरने और तेज हवाओं के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें तथा केवल भारत मौसम विज्ञान विभाग और स्थानीय प्रशासन की आधिकारिक चेतावनियों का पालन करें.


