Ayodhya Latest News: डॉ. राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय, अयोध्या के पर्यावरण विज्ञान विभाग के लिए यह अत्यंत गौरव एवं हर्ष का विषय है कि शैक्षणिक सत्र 2025–26 में एम.एससी. (पर्यावरण विज्ञान) उत्तीर्ण चार विद्यार्थियों का देश की प्रतिष्ठित पर्यावरण एवं वायु गुणवत्ता परामर्श कंपनियों में चयन हुआ है. विद्यार्थियों की इस महत्वपूर्ण उपलब्धि से विभाग एवं विश्वविद्यालय का नाम राष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित हुआ है.
पर्यावरण विज्ञान विभाग के मेधावी छात्र विजय कुमार वर्मा, ऋषिका तिवारी एवं कंचन लता का चयन अरशद प्लानिंग प्रोफेशनल प्राइवेट लिमिटेड में एयर क्वालिटी इंटर्न के पद पर हुआ है. यह संस्था देश में वायु गुणवत्ता प्रबंधन, वायु प्रदूषण नियंत्रण, उत्सर्जन सूची निर्माण, स्रोत अपवर्तन अध्ययन, वायु गुणवत्ता मॉडलिंग, स्वच्छ वायु कार्ययोजना तथा पर्यावरणीय परामर्श सेवाओं के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दे रही है. इसी क्रम में पर्यावरण विज्ञान विभाग की छात्रा प्रतिमा सिंह का चयन जेए एनवायरो नेट प्राइवेट लिमिटेड, जयपुर में एनवायरमेंट ट्रेनी के पद पर हुआ है.
यह कंपनी पर्यावरणीय निगरानी, पर्यावरण प्रभाव आकलन, प्रयोगशाला विश्लेषण, जल एवं वायु गुणवत्ता परीक्षण तथा पर्यावरणीय प्रबंधन सेवाओं के क्षेत्र में देश की अग्रणी संस्थाओं में से एक है. उल्लेखनीय है कि इन सभी विद्यार्थियों ने वर्ष 2025–26 में पर्यावरण विज्ञान विभाग से एम.एससी. की उपाधि प्राप्त की है. अध्ययन अवधि के दौरान उन्होंने वायु गुणवत्ता निगरानी, पर्यावरणीय विश्लेषण, प्रयोगशाला प्रशिक्षण, फील्ड सर्वेक्षण, पर्यावरणीय प्रभाव मूल्यांकन तथा अनुसंधान गतिविधियों में सक्रिय सहभागिता की. विभाग द्वारा समय-समय पर आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रमों, कार्यशालाओं, विशेषज्ञ व्याख्यानों, औद्योगिक भ्रमणों एवं शोध गतिविधियों ने विद्यार्थियों के तकनीकी एवं व्यावसायिक कौशल को विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई.
विभागाध्यक्ष डॉ. विनोद कुमार चौधरी ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यह सफलता विद्यार्थियों की लगन, परिश्रम और विभाग द्वारा प्रदान किए गए गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक एवं व्यावहारिक प्रशिक्षण का परिणाम है. उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में वायु प्रदूषण और पर्यावरण संरक्षण वैश्विक स्तर की महत्वपूर्ण चुनौतियाँ हैं तथा इस क्षेत्र में प्रशिक्षित मानव संसाधन की मांग लगातार बढ़ रही है. उन्होंने कहा कि विभाग का उद्देश्य केवल शैक्षणिक ज्ञान प्रदान करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को व्यावहारिक, तकनीकी एवं अनुसंधानात्मक दृष्टि से सक्षम बनाना है ताकि वे पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दे सकें.
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भविष्य में भी विद्यार्थियों के कौशल विकास, रोजगारपरक प्रशिक्षण एवं उद्योग-शैक्षणिक सहयोग को बढ़ावा देने के लिए निरंतर प्रयासरत रहेगा. इस अवसर पर विभाग के शिक्षकों, शोधार्थियों एवं विद्यार्थियों ने चयनित विद्यार्थियों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की. विद्यार्थियों की यह उपलब्धि विश्वविद्यालय के लिए गर्व का विषय है. इससे विश्वविद्यालय के अन्य विद्यार्थियों को भी प्रेरणा मिलेगी तथा पर्यावरण विज्ञान के क्षेत्र में करियर निर्माण के नए अवसरों के प्रति उनका उत्साह बढ़ेगा.


