Barabanki–Bahraich National Highway: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से बहराइच, गोंडा, श्रावस्ती, बलरामपुर और नेपाल सीमा की ओर जाने वाले यात्रियों के लिए एक बड़ी और राहत भरी खबर है. इन जिलों की यात्रा को अब सुपरफास्ट रफ्तार मिलने जा रही है. बाराबंकी से बहराइच तक मौजूदा टू-लेन हाईवे को चौड़ा करके 4-लेन एक्सेस-कंट्रोल्ड हाईवे (NH-927) बनाने की तैयारी पूरी हो चुकी है. इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए केंद्रीय कैबिनेट ने लगभग ₹7,000 करोड़ की भारी-भरकम राशि स्वीकृत की है.
परियोजना का टेंडर फाइनल हो चुका है और नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) ने लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे का निर्माण कर रही एजेंसी को ही इस प्रोजेक्ट का कार्य आवंटित कर दिया है. उम्मीद जताई जा रही है कि NHAI साल 2029 तक इस पूरे कॉरिडोर को बनाकर तैयार कर देगा.
यात्रा समय में होगी भारी कटौती, 100 किमी/घंटा होगी रफ्तार
वर्तमान में लखनऊ से बहराइच जाने में ढाई से तीन घंटे का समय लगता है. लेकिन इस 4-लेन एक्सेस-कंट्रोल्ड डिजाइन वाले हाईवे के बनने के बाद यह दूरी बेहद सिमट जाएगी. लखनऊ से बहराइच और गोंडा का सफर महज सवा से डेढ़ घंटे (लगभग 1 से 1.5 घंटे) में पूरा हो सकेगा. बाराबंकी-बहराइच सेक्शन की कुल लंबाई 102 किलोमीटर होगी. लखनऊ के वाहनों को इसमें शहर के सफेदाबाद के पास स्थित किसान पथ से सीधा प्रवेश मिलेगा. इस हाईवे पर कार, जीप और SUV जैसी गाड़ियों के लिए अधिकतम गति सीमा 100 किमी प्रति घंटा तय की गई है, जबकि ट्रक और अन्य कमर्शियल वाहनों के लिए यह रफ्तार 80 किमी प्रति घंटा होगी.
पीएम मोदी करेंगे शिलान्यास
NHAI के सूत्रों के मुताबिक, हाल ही में बनकर तैयार हुए लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे के भव्य उद्घाटन समारोह के दौरान ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस नए बाराबंकी-बहराइच 4-लेन हाईवे और कानपुर-कबरई ग्रीनफील्ड हाईवे का आधिकारिक शिलान्यास करेंगे. निर्माण कंपनी ने औपचारिकताएं शुरू कर दी हैं और जल्द ही जमीन पर काम दिखाई देगा.
आर्थिक और लॉजिस्टिक्स हब को मिलेगी मजबूती
यह नया कॉरिडोर भीड़-भाड़ वाले कस्बों को बाईपास करेगा, जिससे न सिर्फ रोज़ाना आने-जाने वालों को जाम से मुक्ति मिलेगी, बल्कि लंबी दूरी के वाहनों को भी सुगम रास्ता मिलेगा. पूर्वी उत्तर प्रदेश और नेपाल बॉर्डर से बेहतर कनेक्टिविटी होने के कारण यह हाईवे क्षेत्रीय लॉजिस्टिक्स, व्यापार और समग्र विकास के लिए गेम-चेंजर साबित होगा.
लखनऊ शहर को जलभराव से मिलेगी मुक्ति
हाईवे के साथ-साथ लखनऊ शहर के निवासियों के लिए भी एक और बड़ी विकास योजना को मंजूरी दी गई है. मानसून और भारी बारिश के दौरान होने वाले भीषण जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान निकालने के लिए नगर निगम और यूपी जल निगम ने हाथ मिलाया है. ₹312.84 करोड़ की लागत से शहर में तीन बड़े और अत्याधुनिक नालों का निर्माण किया जाएगा. परियोजना का प्रस्ताव अंतिम स्वीकृति के लिए शासन के पास भेज दिया गया है. नगर आयुक्त द्वारा गठित समिति ने इसे जनहित में बेहद जरूरी बताते हुए मंजूरी दे दी है.
इन इलाकों को मिलेगा सीधा फायदा
इस ड्रेनेज नेटवर्क के बनने से भरवारा-मल्हौर वार्ड के विज्ञान खंड, गड़रियनपुरवा, छोटा भरवारा, खरगापुर, गंगोत्री विहार फेज-1 व 2, अवधपुरी, कैलाशपुरी, सरस्वतीपुरम और एमिटी ग्रीन सिटी जैसे बड़े इलाकों को जलभराव से हमेशा के लिए आजादी मिल जाएगी. इसके अलावा बादलखेड़ा, पाल कालोनी, गदियाना, काला पहाड़, आदर्शविहार, दिवाकर कालोनी, चिनहट, सरोजनीनगर, बदाली खेड़ा, अमौसी, अनौरा, हिन्दू खेड़ा और कानपुर रोड जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में भी जल निकासी की व्यवस्था पूरी तरह दुरुस्त हो जाएगी.


