MP Weather Update 14 July 2026: मध्य प्रदेश में मानसून सक्रिय बना हुआ है और 14 जुलाई से राज्य के कई हिस्सों में बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मौसम केंद्र, भोपाल द्वारा जारी पूर्वानुमान के अनुसार पूर्वी और दक्षिण-पूर्वी जिलों में कहीं-कहीं वर्षा या गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं. कुछ जिलों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने की भी चेतावनी जारी की गई है.
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार वर्तमान में मानसून ट्रफ श्रीगंगानगर, हिसार, मुरादाबाद, गोरखपुर, मुजफ्फरपुर, बालुरघाट होते हुए मणिपुर तक बनी हुई है. वहीं पश्चिमी विक्षोभ, मध्य पाकिस्तान के ऊपर चक्रवाती परिसंचरण तथा उत्तर बंगाल की खाड़ी और दक्षिण बांग्लादेश के आसपास सक्रिय चक्रवाती परिसंचरण के कारण मध्य भारत में नमी की आपूर्ति बनी हुई है. यही प्रणाली आगामी दिनों में प्रदेश के मौसम को प्रभावित करेगी.
मध्य प्रदेश में कहां होगी बारिश
14 जुलाई को प्रदेश के पूर्वी हिस्सों में कहीं-कहीं वर्षा या गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने का अनुमान है. जिन जिलों में बारिश की संभावना जताई गई है, उनमें शामिल हैं.
- सिंगरौली
- सीधी
- रीवा
- मऊगंज
- सतना
- अनूपपुर
- शहडोल
- उमरिया
- डिंडोरी
- कटनी
- जबलपुर
- सिवनी
- मंडला
- बालाघाट
- मैहर
प्रदेश के शेष जिलों में मौसम सामान्यतः शुष्क रहने की संभावना है.
इन जिलों में तेज हवा का अलर्ट
मौसम केंद्र भोपाल ने सिंगरौली, सीधी, रीवा, मऊगंज, सतना, अनूपपुर, शहडोल, उमरिया, डिंडोरी, कटनी, जबलपुर, सिवनी, मंडला, बालाघाट और मैहर जिलों में कहीं-कहीं गरज-चमक के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने की चेतावनी जारी की है.
17 जुलाई तक का ट्रेंड
मौसम विभाग के पांच दिवसीय पूर्वानुमान के अनुसार 14 से 17 जुलाई के बीच पूर्वी और दक्षिण-पूर्वी मध्य प्रदेश में बारिश की गतिविधियां बनी रहेंगी. पश्चिमी जिलों की तुलना में पूर्वी जिलों में वर्षा की संभावना अधिक रहेगी. 16 और 17 जुलाई को भी प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम वर्षा का दौर जारी रहने का अनुमान है.
| तारीख | संभावित स्थिति |
|---|---|
| 14 जुलाई | पूर्वी जिलों में कहीं-कहीं वर्षा, तेज हवा का अलर्ट |
| 15 जुलाई | पूर्वी हिस्सों में बारिश की गतिविधियां जारी |
| 16 जुलाई | कई क्षेत्रों में हल्की से मध्यम वर्षा की संभावना |
| 17 जुलाई | दक्षिण एवं पूर्वी हिस्सों में वर्षा का असर बना रहेगा |
तापमान में बड़े बदलाव के संकेत नहीं
मौसम विभाग के दृष्टिकोण के अनुसार अगले पांच दिनों तक प्रदेश के तापमान में किसी विशेष परिवर्तन की संभावना नहीं है.
भोपाल में 13 जुलाई की सुबह 8:30 बजे जारी प्रेक्षण के अनुसार.
| मौसम पैरामीटर | स्थिति |
|---|---|
| अधिकतम तापमान | 31.4°C |
| न्यूनतम तापमान | 25.2°C |
| सुबह की सापेक्षिक आर्द्रता | 77% |
| हवा की गति | 14 से 16 किमी प्रति घंटा |
| पिछले 24 घंटे की वर्षा | 0.0 मिमी |
किसानों के लिए मौसम विभाग की सलाह
- वर्षा के दौरान सिंचाई, उर्वरक और पौध संरक्षण रसायनों का छिड़काव टालें.
- खेतों में जल निकासी की उचित व्यवस्था रखें ताकि फसलों को नुकसान न हो.
- सब्जियों, बेलदार फसलों और नर्सरी पौधों को सहारा देकर सुरक्षित रखें.
- कृषि यंत्रों को खुले स्थान पर न छोड़ें.
- मौसम की ताजा जानकारी के अनुसार ही कृषि कार्यों की योजना बनाएं.
आम लोगों के लिए सावधानियां
- गरज-चमक के दौरान खुले मैदान और पेड़ों के नीचे खड़े न हों.
- बिजली गिरने की आशंका होने पर सुरक्षित भवन के अंदर रहें.
- तेज हवा के दौरान ढीले टिन शेड, होर्डिंग और कमजोर संरचनाओं से दूरी बनाए रखें.
- जलभराव वाले क्षेत्रों में वाहन सावधानी से चलाएं.
- स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करें.
मौसम का संभावित असर
पूर्वी मध्य प्रदेश के जिलों में किसानों को फसलों के लिए नमी का लाभ मिल सकता है, लेकिन तेज हवा और गरज-चमक के कारण खेतों में काम करने वाले लोगों को अतिरिक्त सतर्क रहने की आवश्यकता होगी. शहरों में कुछ स्थानों पर फिसलन, जलभराव और यातायात की रफ्तार प्रभावित हो सकती है. बिजली आपूर्ति पर भी स्थानीय स्तर पर असर पड़ने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता.
स्रोत: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD).
FAQ
Q1. 14 जुलाई 2026 को मध्य प्रदेश में सबसे अधिक बारिश कहां हो सकती है?
पूर्वी और दक्षिण-पूर्वी जिलों जैसे सिंगरौली, सीधी, रीवा, सतना, शहडोल, डिंडोरी, जबलपुर, मंडला और बालाघाट सहित कई जिलों में कहीं-कहीं वर्षा की संभावना है.
Q2. क्या 14 जुलाई को तेज हवा का भी अलर्ट है?
हां. चयनित जिलों में गरज-चमक के साथ 30 से 40 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चल सकती हैं.
Q3. क्या अगले कुछ दिनों में तापमान बढ़ेगा?
नहीं. मौसम विभाग के अनुसार अगले पांच दिनों तक तापमान में किसी विशेष परिवर्तन की संभावना नहीं है.
Q4. किसानों को इस मौसम में क्या करना चाहिए?
बारिश के दौरान रसायनों का छिड़काव टालें, खेतों में जल निकासी बनाए रखें और सब्जी व बेलदार फसलों को सहारा देकर सुरक्षित रखें.
Q5. आम लोगों को किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?
गरज-चमक के समय खुले स्थानों से बचें, पेड़ों के नीचे न खड़े हों, तेज हवा के दौरान सुरक्षित स्थान पर रहें और मौसम विभाग के आधिकारिक अपडेट पर नजर बनाए रखें.


